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आपने कितनी जिंदगी जी देखें;

  • 11 December,2018
  • 217 Views
आपने कितनी जिंदगी जी देखें;

 

कौन ऐसा होगा , जो नहीं चाहेगा कि उसका जीवन सफलताओं से भरा हो ऐसी जिंदगी पाने के लिए आप अपने आपसे पूछें कि ‘ मैंने आज क्या ख़ास किया , जिस वजह से मैं आज के दिन को याद रखूँगा ..? यदि आपके पास कोई उत्तर नहीं है तो इसका मतलब है कि आपने इस दिन को जिया ही नहीं , सिर्फ काटा है I आइए कुछ प्रयोग करें ..

 

आभारी होना सीखें..

हर सुबह उठकर या हर रात सोने से पहले किन्ही ५ चीजों के लिए कृत्यज्ञता प्रकट करते हुए शुक्रिया अदा करें जैसे कि ‘ भगवन ! मैं आपका शुक्रगुज़ार हूँ, क्योंकि आपने मुझे एक शानदार जीवन दिया I मुझे सोचने -समझने के लिए बुद्धि दी I मुझे बहुत अच्छा परिवार दिया I मुझमें इतनी शक्ति दी कि मैं दुनिया के लोगों में भलाई फैला सकूँ I आप शुक्रिया अदा करने के योग्य हैं , ये भी एक उपलब्धि है I सुबह का अख़बार उठाकर देख लीजिए , इंटरनेट या टीवी पर देख लीजिए , अलग-अलग देशों में अलग -अलग कारणों से हज़ारों लोगों की आज मृत्यु हुई है I यदि उनमें आपका नाम नहीं हैं , ये भी कृत्यज्ञता का कारण है I

 

साँसे अद्भुत हैं

एक दिन में कई बार एक मिनट की गहरी श्वास लें I मैं गहरी श्वास का अद्भुत प्रयोग कुछ महीनों से लगातार कर रहा हूँ I आपको बताना चाहता हूँ कि इसने मेरे जीवन में क्रन्तिकारी परिवर्तन किए हैं I जितनी गहरी श्वास ले सकते हैं लें I उसे लें और उस श्वास पर नज़र रखें I महसूस करें कि वो आपके रोम – रोम में , अंग -अंग में समा रही है I जब किसी डील के लिए जाना हो , एक गहरी श्वास लें I किसी बड़े व्यक्तित्व से मिलने जा रहे हों, किसी उलझन या तनाव में हों , ईश्वर की प्राथना करने जा रहे हों, कोई महत्वपूर्ण विचार सुनने या सेमीनार में शामिल होने जा रहे हों , तो एक गहरी श्वास लें I यह श्वास पूरे एक मिनट तक लेने की कोशिश करें I यदि यह संभव न हों तो एक मिनट में दो बार गहरी श्वास लें I आप पाएंगे कि उस एक मिनट की गहरी श्वास ने आपके अंदर के अंतर्विरोधों और तनाव को किस हद तक कम कर दिया है I इस प्रयोग से आप अपने आपको जोड़ पाएंगे I इस एक मिनट की साँस को रोम – रोम में, अंग -अंग में महसूस करें I आप देखेंगे कि भीतर से आप बेहतर , और विशाल , और दिलदार बनते चले जा रहे हैं I हर गहरी श्वास आपको भीतर से बेहतर बनाती है I

 

सपनों को महसूस करें …

यह तीसरा क्रन्तिकारी प्रयोग है , एक मिनट कल्पना का , भविष्य को आज देखने का I हर दिन एक बार या दो बार एक मिनट तक अपनी आँख बंद करें और ये महसूस करें कि वो सारी चीजें जिन्हे आप पाना चाहते हैं I वो आपके पास , बिल्कुल आपके सामने है I आप उनका उपयोग कर रहे हैं I यक़ीन मानिए, जिस दिन आप कल्पना करने में सफल हो गए , उसी दिन आप उस उपलब्धि को आपके पास आपने के रास्ते खुलने लगेंगे I कल्पना करने के लिए लक्ष्य बनाने पड़ते है I सबसे पहले ख़ुद से पूछना पड़ता है की मैं क्या पाना चाहता हूँ ? जब आप ये तय कर लेते हैं कि आप क्या पाना चाहते हैं, तब आपके भीतर कल्पना करने कि योग्यता पैदा होती हैं I दुनिया के महान विचारक स्टीवन कवी ने अपनी प्रसिद्द पुस्तक में लिखा हैं की, ” काम शुरू करते समय ही उसका अंत आफ नज़र आना चाहिए I ” आज से ५-१० साल बाद आप जहाँ पहुंचना चाहते हैं , यदि आप उस क्षण को आज महसूस कर सकते हैं , देख सकते हैं , तो ही आप उस चीज़ को प्राप्त कर सकते हैं I भविष्य कभी भविष्य में निर्मित नहीं होता, वह वर्तमान में निर्मित होता हैं I हर दिन एक मिनट ज़रूर कल्पना करें I कल्पनाए करते वक़्त ख़ूब मुस्कुराएं I लाखों लोगों को हम उनके नाम से नहीं जानते , मगर उनके साथ हमारा मुस्कराहट का रिश्ता है I जब भी हम अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए तैयार होते हैं तो प्रकति हमारी पूरी मदद करती है , पर इसके लिए हमें पूरी तरह से तैयार होना होता है I

Author : Ashok Chaudhary
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