कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस: ये हैं 6 गुनहगार, जानिए किसका क्या है जुर्म और क्या मिली सजा?

  • Line : Ashok Chaudhary
  • 10 June,2019
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कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस: ये हैं 6 गुनहगार, जानिए किसका क्या है जुर्म और क्या मिली सजा?

नई दिल्ली: पठानकोट/श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस 8 साल की मासूम को 17 महीने बाद इंसाफ मिल गया है। पठानकोट सेशन कोर्ट ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार देने के बाद सोमवार को सजा का ऐलान कर दिया। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांजी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं पुलिस ऑफिसर सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल की कैद की सजा दी गई है।

 

 

पिछले साल 10 जनवरी को बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखने वाली बच्ची का अपहरण किया गया था। इसके बाद 17 जनवरी को उसका शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हुए और पीड़िता के लिए न्याय की गुहार लगाई गई। इस वीभत्स मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 15 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।

 

 

चार्जशीट के अनुसार, बकरवाल समुदाय की इस मासूम बच्ची का अपहरण, रेप और मर्डर इलाके से इस अल्पसंख्यक समुदाय को हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। दोषियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में लागू रणबीर पेनल कोड (आरपीसी) के आधार पर सजा सुनाई गई। कठुआ कांड के दोषियों को किन धाराओं के तहत दोषी पाया गया, जानिए यहां-

सांजी राम– आरपीसी की धारा 302 (हत्या), 376 (रेप), 120 बी (साजिश) के तहत दोषी करार देन के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। रासना गांव में देवीस्थान, मंदिर के सेवादार सांजी राम को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। मास्टरमाइंड संजी बकरवाल समुदाय को हटाने के लिए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह अपने नाबालिग भतीजे और अन्य छह लोगों को लगातार उकसा रहा था।

 

आनंद दत्ता– आरपीसी की धारा 201(सबूतों को नष्ट करना) के तहत दोषी करार देने के बाद दत्ता को 5 साल की कैद की सजा सुनाई है। सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता ने सांजी राम से चार लाख रुपये रिश्वत लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए।

 

 

परवेश कुमार– आरपीसी की धारा 120 बी, 302 और 376 के तहत दोषी करार देने के बाद परवेश को उम्रकैद की सजा दी गई है। पवरेश मामले की साजिश रचने में शामिल था। परवेश ने बच्ची के साथ रेप किया और गला दबाकर उसकी हत्या की।

 

दीपक खजुरिया-आरपीसी की 120 बी, 302, 34, 376D, 363, 201, 343 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद खजुरिया को उम्रकैद की सजा दी गई है। विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने बच्ची को नशीली दवाएं देकर रेप किया। इसके बाद उसका गला घोंटकर मार दिया।

सुरेंदर वर्मा- आरपीसी की धारा 201 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद वर्मा को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जम्मू-कश्मीर में विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंदर वर्मा ने भी सबूत नष्ट करने किए।

 

तिलक राज– आरपीसी की धारा 201 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद तिलक राज को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है। हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने भी सांजी राम से रिश्वत लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए।

कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस में सातवें आरोपी सांजीराम के बेटे विशाल को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

 

 

जम्मू-कश्मीर पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, एक नजर में घटनाक्रम-

4 जनवरी 2018: साजिशकर्ता सांजी राम ने बकरवाल समुदाय को क्षेत्र से हटाने के लिए खजुरिया और प्रवेश कुमार की योजना में शामिल होने के लिए अपने नाबालिग भतीजे को तैयार किया।

 

7 जनवरी 2018: दीपक खजुरिया और उसका दोस्त विक्रम ने नशे की गोलियां खरीदीं। सांजी राम ने अपने भतीजे को कहा कि वह बच्ची का अपहरण कर ले।

 

8 जनवरी 2018: नाबालिग ने अपने एक दोस्त को इस बारे में जानकारी दी।

 

9 जनवरी 2018: नाबालिग ने भी कुछ नशीली दवाएं खरीदीं।

 

10 जनवरी 2018: साजिश के तहत नाबालिग ने मासूम बच्ची को घोड़ा ढूंढने में मदद की बात कही। वह उसे जंगल की तरफ ले गया। बाद में बच्ची भागने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उसे धर दबोचा। इसके बाद उसे नशीली दवाएं देकर उसे एक देवी स्थान के ले गए, जहां रेप किया।

 

 

11 जनवरी 2018: नाबालिग ने अपने दोस्त विशाल को कहा कि अगर वह मजे लूटना जाता है तो आ जाए। परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू की। देवीस्थान भी गए लेकिन वहां उन्हें सांजी राम ने झांसा दे दिया। दोपहर में दीपक खजुरिया और नाबालिग ने मासूम को फिर नशीली दवाएं दीं।

 

 

12 जवनरी 2018: मासूम को फिर नशीली दवाएं देकर रेप। पुलिस की जांच शुरू। दीपक खजुरिया खुद जांच टीम में शामिल था जो सांजी राम के घर पहुंचा। राम ने उसे रिश्वत की पेशकश की। हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने कहा कि वह सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को रिश्वत दे। तिलक राज ने 1.5 लाख रुपये रिश्वत दिए।

 

13 जनवरी 2018: विशाल, सांजी राम और नाबालिग ने देवी स्थान पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद लड़की के साथ रेप किया और उसे फिर नशीली दवाएं दीं। इसके बाद बच्ची को मारने के लिए वे एक पुलिया पर ले गए। यहां पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने कहा कि वह कुछ देर और रुक जाएं क्योंकि वह पहले रेप करना चाहता है। इसके बाद उसका गला घोंटकर मार दिया गया।

15 जनवरी 2018: आरोपियों ने मासूम के शरीर को जंगल में फेंक दिया।

17 जनवरी 2018: जंगल से मासूम बच्ची का शव बरामद।

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