गोंडा: डीएम ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की एक दिवसीय कार्यशाला का किया उद्घाटन

  • Author : Ashok Chaudhary
  • 18 June,2019
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गोंडा: डीएम ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की एक दिवसीय कार्यशाला का किया उद्घाटन

गोण्डा:सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, लोगों को यातायात नियमों व सुरक्षा के पहलुओं से अवगत कराने के उद्देश्य से आयुक्त सभागार में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन कार्यशाला की अध्यक्षता प्रभारी मण्डलायुक्त/ डीएम गोण्डा डा0 नितिन बंसल की अध्यक्षता में किया गया जिसमें यातायात नियमों की जानकारी तथा सड़क दुर्घटना में घायलों की जिन्दगी बचाने के लिए तत्काल किए जाने वाले उपायोें के बारे में प्रोजेक्टर व प्रेक्टिकल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।

 

 

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे देश में जितनी मौतें रोगों से नहीं होती हैं उससे कई गुना अधिक मौतेे सड़क दुर्घटना में हो जाती हैं। यातायात नियमों का पालन न करने व सुरक्षा बिन्दुओं को नजर अन्दाज कर वाहन चलाने के कारण प्रतिवर्ष लाखों नौजवान असमय ही मौते के मुंह में समा जाते हैं। उन्होने कहा कि जहां एक ओर नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से पश आने की जरूरत है तो वहीं दूसरी और हर व्यक्ति को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है क्योंकि कानून का पालन सिर्फ डर से नहीं बल्कि दायित्व बोध से भी कराया जा सकता है।

 

उन्होने निर्देश दिए कि स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में यातायात नियमों के बारे में रोज बजाया जाए जिससे बच्चे स्वयं भी जिम्मेदार बनें साथ ही अपने परिजनों को भी नियमों का पालन करने के लिए बाध्य कर सकें और जानकारियां दे सकें। इसके अलावा सड़कों पर अतिक्रमण के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उन्होने कहाकि ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाय जिससे कार्यवाही की जा सके।

अपर आयुक्त प्रशासन आर0सी0 शर्मा ने कहा कि सुरक्षा की उपाय है। इसलिए अनमोल जीवन को बचाने का हर सम्भव प्रयास करना चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार ने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार भारत वर्ष में प्रतिवर्ष करीब 20 लाख लोग सड़क दुर्घटना के कारण मर जाते हैं। उन्होने कहा कि नशा और ओवर स्पीड के कारण सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना में मौतेें होती हैं जिसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती है, जो कि अत्यनत चिन्ताजनक बात है। उन्होने कहा कि नियमों को ताख पर ड्राइविंग के कारण कई परिवारों के चिराग बुझ जाते हैं। इसलिए जरूरत है कि हम सब स्वयं जागरूक हों और बच्चों पर नजर रखें तथा अभिभावक स्वयं भी सुधरें जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। एलबीएस के एसोसिएट प्रोफेसर डा0 के0एन0 पाण्डेय ने विस्तार से यातायात नियमों व उनका पालन न करने से होने वाली हानियों तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचने के उपायों के बारे में बताया। प्रशिक्षक द्वारा कार्यशाला में आए हुए प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल होने व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बारे में बहुत विस्तार से बताया। उन्हें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों की जान बचााने के लिए कोई भी व्यक्ति फौरी तौर कया क्या उपाय करें तो अस्पताल पहुंचने से पहले घायल को प्राथमिक उपचार दे दिया जाए जिससे उसकी जान बच जाए। एआरटीओ डा0 सर्वेश गौतम ने कहा कि सड़क सुरखा सप्ताह 17 जून से 22 जून तक चलेगा जिसके दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित होेंगीं। अब सरकार द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सौ रूपए के बजाय पांच सौ रूपए जुर्माना लिया जाएगा। इसलिए सभी वाहन चालक हेलमेट जरूर पहनें और अपने जरूरी दस्तावेज अपने साथ जरूर रक्खें।
इस दौरान आरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार, एआरटीओ डा0 सर्वेश गौतम, एलबीएस के एसोसिएट प्रोफेसर डा0 के0एन0 पााण्डेय, डाॅयल 100 के पुलिस कर्मीं, विभिन्न थानों के उपनिरीक्षकगण, एनसीसी कैडेट्स, स्वयं सेवी संगठन के रंगेश अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट:-अतुल कुमार यादव गोण्डा

 

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