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गोरखपुर: दस्तक अभियान की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

  • 10 February,2019
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गोरखपुर: दस्तक अभियान की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

गोरखपुर: जापानी इंसेफेलाइटिस व अन्य संचारी रोगों से लड़ने व लोगो को जागरूक करने के लिये दस्तक अभियान की शुरुआत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 33 जागरूकता बैन का हरी झंडी दिखा कर रवाना किया व तिरंगे के रंग के बैलून को उड़ाकर अभियान का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल के तीन दस्तक अभियानों की सफलता को देखते हुए इस साल के पहले ‘दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। ये अभियान 10 से 28 फरवरी तक चलेगा। दस्तक अभियान जिले के साथ-साथ गोरखपुर और बस्ती मण्डल के सातों जिलो मे चलाया जाएगा। साथ ही एमडीए अर्थात मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के तहत स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया से निपटने की पूरी तैयारी कर चुका है। जिले में 40 लाख से अधिक लोगो को 10 से 14 फरवरी तक घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलायी जाएगी। इस पांच दिवसीय अभियान के लिए 3786 टीमे बनायी गयीं है। इसके अलावा 25 फरवरी से 8 मार्च तक जे ई टीकाकरण, 10 मार्च से पोलियो की दवा पिलाने का अभीयान शुरू होगा जो 18 मार्च तक चलेगा। स्वछता के लिये रोगों से बचाव के लिए जेई के रोकथाम के लिए 15 मई में 15 जून तक व 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा, गत वर्ष भी अभियान चलाया गया था जिसका परिणाम बेहतर रहा है।

गोरखपुर व बस्ती मंडल के 33 बैन को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। साथ ही तिरंगे के तीनों रंग के तीन जागरूकता बैलून भी छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी तीन चरणों में दस्तक अभियान चला था और जेई/एईएस से होने वाली मौतों पर काफी हद तक काबू पाया गया था। इस साल भी इस संक्रमण से निपटने की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयीं हैं। इस वर्ष भी दस्तक अभियान द्वारा लोगों को सफाई के लिए जागरूक किया जायेगा और दस्तक अभियान को सफलता मिलेगी।
दस्तक अभियान में आशा गांव के हर घर मे जाकर दरवाजा खटखटा कर लोगों को जेई व संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताएंगी। सफाई के बारे मे जागरूक करेंगी। सफाई के बारे मे बताएंगी। दस्तक अभियान के तहत स्कूली बच्चों, शिक्षको और सामाजिक संगठनो के सहयोग से जागरूकता रैली भी निकाली जाती। संचारी रोगों की परिधि मे छह बीमारियाँ आती हैं। ये है मलेरिया, फ़ाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इन्सेफ़्लाइटिस और कालाजार। इसमे से जेई से सबसे भीषण रूप मे गोरखपुर मण्डल प्रभावित हो जाता है किन्तु दस्तक से हुई जागरूकता से मौतों मे कमी आई है।

उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोग की दवा स्वास्थ्यकर्मी व आशा, एएनएम, आंगनबाडी कार्यकर्त्रियाँ द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने दवा खिलाई जाएगी। अगर इस दौरान कोई छूट जाता है तो उसे इसके बाद के मापअप राउंड में कवर किया जाएगा। मापअप राउंड 15 से 23 फरवरी तक चलेगा. स्वास्थ्य टीमें एक दिन में 50 घरों में जाएँगी और घर के सदस्यों को फाइंेपदहीलेरिया की दवा खिलाएँगी। रोगी के घर पर स्टीकर लगाएंगी और फॉलोअप भी करेंगी। दो वर्ष से कम के बच्चों को दवा नहीं खिलाया जाएगा। इसमें12 विभाग होंगे अभियान में शामिल है।

 

इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव प्रशांत द्विवेदी, कमिश्नर अमित कुमार गुप्ता, सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी डॉ आई वी विश्वकर्मा, डॉ नंद कुमार, डॉ ए के पांडेय समेत अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

Author : Ashok Chaudhary
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