देवरिया में मिला भारतीय तारा प्रजाति का दुर्लभ कछुआ

  • Line : TVL Team
  • 19 July,2019
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देवरिया  में मिला भारतीय तारा प्रजाति का दुर्लभ कछुआ

देवरिया: भारतीय तारा प्रजाति का एक दुर्लभ कछुआ बुधवार शाम कपरवार संगम तट किनारे एक व्यक्ति को मिला। इसकी भनक मिलते ही कछुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी पर गुरुवार को कपरवार गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे अपने संरक्षण में लिया।

 

 

बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम कपरवार स्थित कुबाइच टोला निवासी बृजेश यादव का गोठा गांव के दक्षिण संगम तट के समीप है। बुधवार शाम कही से भटकता हुआ भारतीय तारा प्रजाति का एक दुर्लभ कछुआ वहां आ गया। बृजेश की नजर कछुए पर पड़ी तो वह दंग रह गए। कछुए के पैर में दर्जनों नाखून, पीठ पर सितारे और शंख जैसी कुछ आकृतियां थीं। बृजेश कछुआ को लेकर घर पहुंचे और पानी भरे एक टब में रख पूजापाठ करने लगे। बाद में उसे खाने के लिए चावल का दाना दिया। विशेष तरह के कछुआ की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उनके दरवाजे पर भीड़ उमड़ पड़ी। इसकी जानकारी गुरुवार को वन रेंज बरहज के वन क्षेत्राधिकारी राणा प्रताप सिंह को हुई तो उन्होंने कपरवार गांव में टीम भेजा। गांव पहुंचे वन रक्षक शैलेन्द्र कुमार, श्याम सुंदर और राजकुंवर सिंह ने बृजेश से कछुए को अपने संरक्षण में ले लिया। वनक्षेत्राधिकारी राणा प्रताप सिंह ने बताया कि यह भारतीय तारा प्रजाति का दुर्लभ कछुआ है। इसका वजन करीब दो किलो है। कछुए को संरक्षण में ले लिया गया है।

 

खतरनाक प्रजाति का है यह कछुआ

राणा प्रताप सिंह ने बताया कि भारतीय तारा कछुआ भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में सूखे क्षेत्रों व झाड़ियों में ही मिलता है। एक कछुआ एक खतरनाक प्रजाति का होता है। यह प्रजाति विदेशी पालतू व्यापार में काफी लोकप्रिय है। इस वजह से ही यह प्रजाति विलुप्त होती जा रही है।

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