शाह ने ईवीएम के विरोध को कहा जनादेश का अपमान, बोले- विश्व में भारत की बदनामी करा रहा विपक्ष

  • 22 May,2019
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शाह ने ईवीएम के विरोध को कहा जनादेश का अपमान, बोले- विश्व में भारत की बदनामी करा रहा विपक्ष

नई दिल्ली: मतगणना के ठीक एक दिन पहले भी ईवीएम मशीनों पर विपक्ष का हमला जारी है। वहीं, बीजेपी ने ईवीएम पर विपक्ष के रुख को उसकी हताशा का परिणाम बताया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि ईवीएम पर सवाल खड़े कर विपक्ष जनता के आदेश का अपमान कर रहा है। इससे पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हो रही है।

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम पर तीन महत्त्वपूर्ण जनहितयाचिकाओं की सुनवाई करते हुए इस पर खड़े किए जा रहे सवालों को तीन बार खारिज किया है। लेकिन इसके बाद भी विपक्ष ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या ऐसा कर विपक्ष सर्वोच्च अदालत के फैसले पर भी प्रश्नचिन्ह नहीं लगा रहा है? शाह ने कहा कि विपक्ष को जनता के आदेश का सम्मान करना चाहिए और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना सहयोग देना चाहिए।

 

 

 

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि इन्हीं ईवीएम से हुए मतदान के कारण दिल्ली में आप को 70 में 67 सीटें हासिल हुईं तब ईवीएम पर सवाल क्यों नहीं खड़े किए गए?

 

इन्हीं मशीनों से हुए चुनाव में पिछली पांच विधानसभाओं के चुनाव में कांग्रेस को पांच में से चार महत्त्वपूर्ण राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में जीत हासिल हुई। विपक्ष के अन्य अनेक दलों ने भी इन्हीं ईवीएम से हुए चुनावों के कारण जीत हासिल की थी। शाह ने पूछा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तब ईवीएम पर सवाल खड़े नहीं किये जाते लेकिन बीजेपी के चुनाव जीतते ही ईवीएम पर सवाल क्यों खड़े किए जाने लगते हैं।

 

अमित शाह ने कहा कि मतगणना के ठीक एक दिन पहले चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग करना असंवैधानिक है। ऐसी कोई भी बात सभी दलों की सहमति के बिना नहीं की जा सकती। शाह ने कहा कि ईवीएम पर विवाद छह चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद तेज हुआ है। एक्जिट पोल के नतीजे आने के बाद से ही विपक्ष इस पर ज्यादा आक्रामक हो गया है। क्या विपक्ष यह हंगामा अपनी हार देखने के बाद कर रहा है?

 

चुनाव आयोग के चैलेंज को किसी दल ने क्यों नहीं किया था स्वीकार

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि कुछ समय पहले चुनाव आयोग ने एक प्रतियोगिता का आयोजन कर ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती दी थी। लेकिन तब एक भी दल इस प्रतियोगिता में भाग लेने नहीं पहुंचा। शाह ने पूछा कि तब अब विपक्ष ईवीएम पर सवाल क्यों खड़े कर रहा है। जबकि अब ईवीएम के साथ वीवीपीएटी को जोड़कर इसकी विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाने का काम किया गया है।

1977 से 2014 का परिवर्तन अहिंसक

अमित शाह ने कहा है कि 1977 से लेकर 2014 तक जो भी परिवर्तन हुआ है, वह जनता के आदेश के कारण हुआ है। अच्छी बात रही है कि ये सभी बदलाव पूरी तरह अहिंसक रहे हैं। इससे जनता का लोकतंत्र में विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी दल को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो जनता के विश्वास को कम करता हो। किसी का नाम लिए बिना अमित शाह ने कहा कि कुछ दल अनुकूल परिणाम न आने पर खून की नदियां बहाने जैसे हिंसक बयान दे रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

Author : Ashok Chaudhary

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