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हिन्दी में Quotes for Facebook and WhatsApp

  • 17 December,2018
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हिन्दी में Quotes for Facebook and WhatsApp

 

वजूद तेरा जिन्दा है . .
यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर ,
तेरी एक मुस्कान ही काफी है
सुलह के लिये..
*******
इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो,
बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं।
*******
तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात
नहीं……
बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं ……….!!
*******
तुम आए थे, पता लगा…सुन कर, अच्छा भी लगा…पर गेरों
से पता चला,बेहद बुरा लगा….!!
*******
सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर
के रिवाज,
जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना…
*******
कभी जिन्दगी का ये हुनर भी
आजमाना चाहिए,
जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए
*******
“यकीनन” मुझे आज भी इश्क है तुमसे।
बस अब बयाँ करने की आदत नही
रही।
*******
हमारा दिल बहुत ज़ख़्मी है लेकिन…!
मुहब्बत सर उठा के जी रही है…!!
*******
कहीं पर भी होती अगर एक
मंज़िल,
तो गर्दिश में कोई सितारा न होता !
ये सारे का सारा जहां अपना होता,
अगर यह हमारा तुम्हारा न होता..!
*******
झूझती रही ..
बिखरती रही …
टूटती रही …
कुछ इस तरह ज़िन्दगी …… निखरती
रही !
*******
कभी आवाज में कशिश थी कभी
नजरो में नशा था,
फिर जो तेरा असर होने लगा होश मै खोने लगा ..
*******
तू सब्र देख,
मैं सितम देखता हूँ..!!
*******
ये जो हर मोड़ पे आ मिलती है मुझसे,
ये बदनसीबी मेरी
दीवानी तो नही ?
*******
जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं ,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है …… !!!
*******
दोनों ही बातों से तेरी, एतराज है मुझको,
क्यूँ तू जिंदगी में आई,और क्यूँ चली गई…
*******
जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग,
मरने के आरजू में जिया जा रहा हु में.
*******
छे तेने सुख नथी…
नथी तेने दुःख नथी…
*******
लिखने चले थे कुछ ख्याल,,,
जाने कब वो शायरी बन गई…
*******
तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये..
मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..
*******
मर रहे है पल-पल तेरी यादों में,
दम नहीं था सनम तेरे वादों में.
*******
तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई
और वजह होगी..
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं..!!
*******
रात की सीढ़ी पर चढ़कर. ..
आसमां से कुछ सपने उतारने हैं….
*******

रुका हुआ है वो रास्ता आज भी वहाँ… ।
ठहरे थे साथ तुम्हारे हम, एक पल जहाँ ।।
*******
“क्या क्या नहीं बदला तेरे जाने से…बस एक मेरे सिवा!!”
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मेरी फितरत में खामोशी नहीं है…
मैं एक हंगामा हूँ, जो बोल पड़ता है…
*******
“बहुत दिन हुए तुमने, बदली नहीं
तस्वीर अपनी!
मैंने तो सुना था, चाँद रोज़ बदलता हैं चेहरा अपना!!”
*******
मेरी तमन्ना न थी तेरे बगैर रहने
की …. लेकिन
मज़बूर को ,मज़बूर की ,मजबूरिया.. मज़बूर कर
देती है ..!!!!
*******
सिर्फ इतना सा बता दो हमें,
के किस तरह से पा लें तुम्हें..!
*******
सिलसिले यूँ ही ग़ुस्से में तोड़े नहीं जाते..
दिल की गहराईयों में हो तुम.. तुम ये बात अब मान क्युँ
नहीं जाते.. !!
*******
सिर्फ तेरा नाम लेकर रह गई,
आज मैं जाने-अनजाने बहोत कुछ कह गई !
*******
अच्छा हुआ के उसने ही तोडा रिश्ता,
मेरे अंदर तो ऐसा होंसला नहीं था…
*******
बहोत कहा तुमने
बहोत सुना हमने
बहोत समझाया भी
पर न माने तुम..
चलो अब ख़त्म हुआ सब कुछ
लो हो जाओ ख़ुश अब “तुम” !!
*******
सौदेबाजी का हुनर कोई उनसे सीखे,
गालों का तिल दिखा कर ,सीने का दिल ले गयी
….
*******
सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है ,
कोई जब रास्ता रोके , तो हिम्मत और बढती है….
*******
जिस जिस को मिली खबर सबने एक ही सवाल
किया मुझसे,
तुमने क्यों की मुहब्बत तुम तो समझदार थे…!!
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एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये,
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ
पीले हो गये..!!!”
*******
बस इतना सा असर होगा हमारी यादों
का….
कि कभी कभी तुम बिना बात मुस्कुराओगे…
*******
” माना कि इस दुनिया में हर शख्स ठोकरों से पला है,
दिमाग वालों की दुनिया में दिल ढूँढना भी एक कला
है.!!
*******
ख्वाब आँखों से गए
और नींद रातों से गयी…
वो जिंदगी से गए और
जिंदगी हाथों से गयी..!!
*******
कशमकश जिंदगी की एक तरफ,
मेरा ऐतबार और तेरी मोहब्बत एक तरफ…
*******
तू मुझ में पहले भी थी,
तू मुझ में अब भी है…
पहले मेरे लफ़्जों में थी,
अब मेरी खामोशियों में है..
*******
तुम्हारे बगैर ये वक़्त, ये दिन और ये रात….!!
जान मेरी….!!
गुजर तो जाते हैं मगर, गुजारे नहीं जाते….!!!
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“खाएं हैं लाखों धोखे….एक और सह लेंगे…
……तू ले जा अपनी डोली…..
हम अपने जनाजे को बारात कह लेंगे !
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बग़ैर जिसके एक पल भी गुज़ारा नहीं
होता,
सितम देखिये वही शख़्स हमारा नहीं
होता !!
*******
पलको पर रूका है ‘समन्दर’ खुमार का,,,,
कितना अजब नशा है तेरे ‘इंतजार’ का…!!!
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कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरदस्ती
नहीं होती…
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अच्छे होते हैं ……….. बुरे लोग….।।।
जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते.
*******
ये इश्क़ बनाने वाले की मैं तारीफ करता हूं…
मौत भी हो जाती है और क़ातिल
भी पकड़ा नही जाता..
*******
हम उन दिनों अमीर थे,
जब तुम करीब थे ……
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मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो ,
इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही.
*******
तेरा नाम है या डाँकटर की दवा,
जब भी लेता हु बहुत शुकुन मिलता है…
*******
सुनो ….. ना किया करो इतनी मोहब्बत हमसे,
कि मुझे खुद की फ़िक्र करने की आदत
पड़ जाये ।
*******

*******
समय बहाकर ले जाता है,..
नाम और निशान।..
कोई ‘हम’ में रह जाता है
और..कोई ‘अहम’ मे ll
*******
तू याद रख,या ना रख…
तू याद है,ये याद रख….!!
*******
इस दिल को तो बहला कर चुप करा लूँगा…..
पर इस दिमाग का क्या करूँ जिसका तुमनें दही कर दिया
है…!
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जो वक़्त पर पसीना नहीं बहाते वे बाद में
आंसू बहाते हैं..
*******
“दुनियादारी से रूबरू हुआ तो पता चला…जिस्म में
ज़मीर का होना…इतना ज़रूरी
नही…जितना जेब में रूपया होना…!!!”
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तेरी चाहत का ऐसा नशा चढ़ा है,
की शायरी हम लिखते है, और दर्द पूरा ग्रुप
सहता है ।
*******
जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी
लगेगी,
उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !
*******
मुझे इस बात का गम नहीँ कि बदल गया ज़माना।
मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो
कहीँ तुम ना बदल जाना।
*******
” नहीं हो सकता कद तेरा ऊँचा किसी
भी माँ से …
ऐ खुदा……
तू जिसे आदमी बनाता है, वो उसे इन्सान बनाती
है”
*******
हम फिर उनके रूठ जाने पर फ़िदा होने लगे,
फिर हमे प्यार आ गया जब वो ख़फ़ा होने लगे….!!
*******
फिर कभी नहीं हो सकती
मुहब्बत सुना तुमने !!!
वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक ।
*******
गहरी बातें समझने के लिए गहरा होना जरुरी
है,,,
और गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी
चोटें खायी हो..
*******
मिटाने की कोशिश तुमने भी की,
हमने भी की…
हमने फासला और तुमने हमारा वजूद…
*******
मयखाने से पूछा आज,इतना सन्नाटा क्यों है..??
उसने कहा..
साहब, लहू का दौर है,शराब कौन पीता है..!!
*******
दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते।
*******
मैंने सब कुछ पाया, बस तुझको
पाना बाकी है..
यूं तो मेरे घर में कुछ कमी नहीं, बस तेरा
आना बाकी है.!!
*******
वो बड़ी इबादत के बाद मिलता है,
जिन्हें देखने को दिल तरसा करता..
*******
उसने कहा कंहा रहते हो आज कल ?
काश उसने एक बार अपने दिल में देखा होता।
*******
बहुत खूबसूरत है आखै तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी.
हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी…
*******
“थोड़ी._`सजा,.:
उन्हें भी दे देते` जज_साहब. . . .
जिसकी वजह से लोग सड़को पर सोते है…!!
*******
तुम्हारी मुस्कान से ही शुरू हुई
हमारी कहानी….
मुस्कराते रहना यही आखरी तमन्ना है
हमारी….
*******
वक्त ने बदल दिए तेरे मेरे रिश्ते
की परिभाषा,
पहले दोस्ती , फिर प्यार , और फिर अजनबी
सा अहसास ”
*******
बीजाने ” वाह ” कहेवा माटे
आपणा मां रहेली ” हवा ”
काढवी पड़े ……..
*******
दिल भी बड़ा अज़ीब मयकश है,
मिले न कुछ तो प्यास ही पी जाता है…..
*******
जो हैरान हैं मेरे सब्र पर उनसे कह दो,
जो आसूँ जमीं पर नहीं गिरते, दिल
चीर जाते हैं…!!!
*******
बेशर्म हो गयी हैं ये ख्वाहिशें मेरी…
मैं अब बिना किसी बहाने के तुम्हे याद करने लगा हूँ …
*******
ज्यादा फर्क नही रखा खुदा ने हम दोनों के
बीच…!!
तुझे चाहने वाले बहुत है तो मुझे ठुकराने वाले बहुत…!!
*******
जिन्दगी में दो चीजें कभी मत
कीजिए …..झूठे आदमी के साथ प्रेम और
सच्चे आदमी के साथ गेम ।…
*******
बचपन से लेकर आज तक सिर्फ अच्छे काम हि किये ,
बस गलती से इश्क हो गया…
*******
” बुरा ” हमेशा वही बनता हे,
जो ” अच्छा ” बन के टूट चूका होता हे ..
*******
बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था…
बेशक ख्वाब ही था मगर.. हसीन कितना
था….
*******
आज ख्वाब में आना जरूर,
सिर्फ तुमसे मिलने के लिए रोज सोता हूँ.
*******
यूँ सामने आकर ना बैठो,
सब्र तो सब्र है,
हर बार नही होता!!!
*******
कुछ नाकामयाब रिश्तों में
पैसे नहीं..,
बहुत सारी ‘उम्मीदें और वक्त’ खर्च हो
जाते हैं…!
*******
याद किया करो जनाब,
वरना याद किया करोगे…!
*******
दाग तेरे दामन के धुले ना धुले !!
नेकिया तेरी तराजू में तुले न तुले !!
आज ही गुनाहों से कर ले तोबा !!
ख़ुदा जाने कल तेरी आँख खुले ना खुले !!
*******
मेरे बस मे नहीं अब हाल-ए-दिल बयां करना,
बस ये समझ लो, लफ़्ज़ कम मोहब्बत ज्यादा हैं !!
*******
कहने को ही मैं अकेला हूं..पर हम चार है..
एक मैं..मेरी परछाई..मेरी तन्हाई.. और तेरा
एहसास..
*******
मैं कहाँ से लाऊ ,,बता बिकता कहाँ है ? वो नसीब जो
तुझे ,,उम्र भर के लिए मेरा कर दे ..!!
*******
जो लोग दर्द को समझते हैं
वो लोग कभी भी दर्द की वज़ह
नही बनते…….
*******
हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन
पाओगे,
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग
जाओगे!
*******
जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है….!!!
*******
आज मुझसे पूछा किसी ने कयामत का मतलब ,
और मैंने घबरा के कह दिया रूठ जाना तेरा…
*******

ला तेरे पेरों पर मरहम लगा दूं…
कुछ चोट तो तुझे भी आई होगी मेरे दिल को
ठोकरमार कर…!!!
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जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो
के दौर से…..
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद
करता है..
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अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं.
बारिश से फूल उगते हैं, तूफ़ान से नहीं….
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नमक होना चाहिए स्वाद अनुसार,
और अकड होनी चाहिए औकात अनुसार ।
*******
मेरा दर्द किसी की हसने की
वजह जरुर बन सकता है!
लेकिन मेरी हसी किसी के दर्द
की वजह नहीं बननी चाहिए!
*******
जिनके इरादे नेक होते हैे,
उनके दोस्त अनेक होते हैं.!
*******
तक़दीर का ही खेल है सब,
पर ख़्वाहिशें है की समझती
ही नहीं…..
*******
बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,
बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे…..
*******
सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..
सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर..
*******
मुझमे खामिया बहोद सी होंगी मगर एक
खूबी भी है मै
कीसीसे रिश्ता मतलब के लीये
नहीं रखता…
*******
शाख़ से तोड़े गए फूल ने हंस कर ये कहा,
अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में.
*******
किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही
जानता है,
दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता!!!!
*******
ओ सनम जिस रब ने तुजे चांद सी सूरत दी
है ,
उसी रब ने मुजे तेरे लिये बेपनाह मोहब्बत
भी दी है.
*******
दुश्मन और सिगरेट को जलाने के
बाद….
उन्हे कुचलने का मज़ा ही कुछ
और होता है……!!!
*******
शराब पीने का शौक ऱखते है….पर नशे मे बोतल
गीर ना जाऐ उसका खौफ भी रखते हैैैै…….
*******
बहाने मौत के तो तमाम नज़र आते हैं,
जीने की वजह तेरे सिवा, कुछ
नही…….
*******
बेशक तुम्हारे बिना जिन्दगी काट सकता हूँ… . .
जिन्दगी जी नहीं सकता…
*******
कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद,
यहां पगडी उछलती है, इसे मयखाना कहते
है..
*******
नादान दुनिया हरेक बात का दिन तय करती है ,
“दोस्ती” का जश्न किसी दिन का मोहताज
नही..
*******
तेरी आँखों से यून तो सागर भी पिए हैं मैने,
तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने…
*******
झूठ कहते हैं लोग, शराब गम हल्का कर देती है ,
मैंने देखा है अक्सर खुद को नशे में रोते हुए …….
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जिक्र तेरा है, या कोई नशा है,,,!
जब-जब होता है, दिल बहक जाता है..
*******
सिर्फ़ परेशाँ जाते हैं…
मंदिर भी मयखाने भी…!!!
*******
ये शाम का तस्व्वुर, ये मयखाने का बयान…
तुम खुदा न होते तो हम ख़ुद को खुदा समझते….
*******
मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती;
हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से।
*******
हमने भी जिन्दगी के आगे कभी
हाथ न फैलाए थे;
वो तो ये आँखें ही खुदगर्ज निकल गईं,
जो रोज नए ख्वाब देख हमें नीचा दिखाती
रहीं…!!
*******
इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आंखों में..,
जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए॥….
*******
हाथ मेँ पैमाना थाम| है, उँगलियोँ मे सिगरेट फाँसा है.. धुँआ धुँआ
तेरी यादे है, हकीकत तेरा नशा है..
*******
‘मेरी चाहत को मेरे हालात के तराजू में कभी
मत तोलना,
मेने वो ज़ख्म भी खाए है जो मेरी किस्मत में
नहीं थे.
*******
इतने ज़ालिम न बनो
तुम पे मरते हैं,, तो…
मार ही डालोगे क्या…..?
*******
कोई इज्जत ढकता है फटे चिथड़ों से ग़ालिब…
कोई नंगा हो के महफिले लूट लेता है…..
*******
बस इन्सान ही है जो किसी से मिलता जुलता
नहीं..
वरना ज़माना तो भरपूर मिलावट का चल रहा है…
*******
मोह्हबत तो वो बारिश है जिससे छूने की चाहत में..
हथेलिया तो गीली हो जाती है
पर हाथ खाली ही रह जाते है..
*******
कहाँ जा रहे हो तुम बिछड़ कर हमसे,
कौन सी जगह है जहां यादों से बच पाओगे…
*******
वादा दोनों ने किया जीना मरना साथ,
कहीं जिस्म नीला हुआ कहीं
पीले हाथ.”
*******
तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे शराब से भी कड़वे होते
है.
*******
किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का
ईलाज ।।
लोगो ने बाँट रखा है मुझे.. दवा की तरह।।
*******
“एक रोटी न दे सका कोई उस नादान को ,
लेकिन वो तस्वीर लाखों में बिक गई जिसमे वो भूका बैठा था।

*******
सिमटते जा रहें हैं दिल और ज़ज्बात के रिश्ते…..
सौदा करने मे जो माहिर है, बस वही धनवान है…..!!!
*******
ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं !
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं…
*******
हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था..
जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा
वकील था…
*******
मे तो खेर इन्सान हु सनम..
हवा भी तुझ को छू कर देर तक नशे मे
रेहती हे…!!
*******
“जिंदगी के सफ़र को लफ्जों में पिरोया है.,
अपनी हर ग़ज़ल को दर्द में भिगोया है.,
PLEASE आज वाह-वाह न कहना.,
क्यूंकि दिल आज फिर किसीकी याद में रोया
है..”……….;-(;-(;-(
*******
तेरा याद आ जाना”
हो सकती है. ” बात ज़रा सी ”
मगर, यह बात बहुत देर तक याद आती है…
*******
फ़क्र ये के तुम मेरे हो,
फ़िक्र ये पता नही कब तक…
*******
दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के
“जीवन” में ढाई अक्षर का “दोस्त” बाज़ी मार
जाता हैं…
*******
ज़रा “क़रीब” आओ.. तो शायद हमे समझ पाओ..
यह “दूरियां” तो सिर्फ गलत फेहमियां बढाती हैं.. !
*******
रह रह के ताजा हो जाते हैं जख्म ,
हवा भी मजाक करती है खिड़कियों के
सहारे…
*******
यूँ तो मारे थे पत्थर मुझे बहुतों ने लेकिन
जो दिल पे लगा वो पत्थर तेरा था।
*******
किस्मतवालों को ही मिलती है पनाह मेरे दिल
में,
यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता……
*******
“रात भर गिरते रहे उनके दामन में मेरे आँसू…..
सुबह उठते ही वो बोले कल रात बारिश गजब
की थी…….”
*******
मदद नाते-रिश्तेदारों से ना लेना कभी !
वक्त बेवक्त बदनाम एहसान गिनाए जाते हैं !!
*******
अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम
पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!
*******
फट गयी है कमीज रिश्ते की
ग़लतफ़हमियों की कील में फंस के,
सोचता हूँ माफ़ी के धागे से सी दूंगा
कभी…
*******
“ख़ुदा का हुक्म होता है तो फिर ऐसा भी होता है ,
हवाओं को चरागों की हिफाज़त करनी
पड़ती है !”
*******
हमसे मत पूछो जिंदगी के बारे मे ,
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे ….
*******
एक हद तक तुझे चाहा तो,ख़ुदा को भी मंज़ूर था,
फिर उस हद के बाद तो, ख़ुदा को भी जलन होने
लगी……!!
*******
माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा मगर…
हम भी नवाब हैं बार-बार नहीं मिलेंगे…!!
*******
अजीब है न हमारे देश का संविधान…गीता पर
हाथ रखकर कसम खिलायी जाती है सच
बोलने के लिये.. मगर गीता पढ़ाई नहीं
जाती सच को जानने के लिये..!!
*******
“चंद साँसे खरीदने के लिए ,
रोज़ कुछ ख़्वाब बेच देता हूँ…!”
*******
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको,
खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे ….!!
*******
एक बार नही हजारबार ये दिल तुटा
पर मोहब्बत करने का शौक अभी तक नही
छुटा.!
*******
फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है…
*******
ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले अक्सर डूब जाते हैं.
फिर चाहे वो अभिमान का हो
या गुमान का………..
*******
ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
तन्हाई मैं खुद अपनी तस्वीर न देखा कर …
*******
किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है
ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…
*******
ये चंद लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं,,
उन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में..
*******
नवाबी तो हमारे खुन मे है..
पर
पता नही
ये दिल कैसे गुलामी करना सीख गया!!
*******
तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,
क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता…
*******
चले आते हो बिना वजह खयालो मे,
एक वजह तो बताते दूर होने की..!!
*******
हर रोज़ बदलते हो प्रोफाइल पिक्चर..
तुम कहीं ठहरो तो कोई पहचान बने..
*******
अजब ज़ज्बा है जवानी मेँ इशक करने का
उम्र जीने की और शोँक मरने का…
*******
वो खेलती है मुझसे मुझे भी ये पता है ,,,
पर उसके हाथ का खिलौना होने में भी एक मज़ा है .!
*******
ना ऊँच नीच में रहू ना जात पात में रहूँ !!!!
तु मेरे दिल में रहे प्रभु और में औक़ात में रहूँ !!
*******
लगती है जिन के दिल पर, वोह आँखों से
नहीं रोते,
जो अपनों के ही ना हो पाये, वोह किसी के
नहीं होते…
*******

हाथों की लक़ीरों में वो मिल
जाए तो क्या बात हो,
वो जिसके बिना ये
हथेलियाँ सूनी सी लगती ह…
*******
ऐ सनम, जिसने तुझे चाँद सी सूरत
दी है……….
उसी अल्लाह ने मुझको भी मुहब्बत
दी है…..!!
*******
“बला की प्यास के मारे हैं हम दोनों ज़माने में,
तुम्हारे सामने दरिया, हमारे सामने हो तुम।।।
*******
कुछ अज़ब ढंग से छुआ है हवा ने रुख
को मेरे…
कहीं तुमने इसे चूमके तो नहीं भेजा था ??
*******
तुम्हारे पहले भी बहुत सारे सवाल थें
ज़िन्दगी पर, मौत पर हार पर,
जीत पर तुम्हारे आने पर भी सवाल
वही हैं, पर जवाब एक ही है – “तुम”
*******
हम हलकी हलकी आहें भरते हैं उन्हें
देखके…
उनके कानो से जुल्फें जब हट
जाया करती है…
*******
ज़िस्म से मेरे तडपता दिल कोई
तो खींच लो , मैं बगैर इसके
भी जी लूँगा मुझे अब ये यकीन
है ……
*******
तुम्हे छेड़ने का मन करता हैं… छोड़ने
का नही…
*******
“तुझको बिल्कुल भूल गया हूँ,
जा तू भी क्या याद करेगा…।।।
*******
वो परिंदे जो उड़
जाते है फ़िर लौटकर नहीं आते
उनका हिसाब क्या ? दर्द और
राहत दो मासूम परिंदे
ज़िन्दगी से उड़कर कहाँ जाते है ?
*******
वफा, मजहब,
ईमानदारी …कैसी बात करते
हो?
उस दौर में इंसान थे, ये दौर
कुछ और है…
*******
तुम्हारे जुल्फों के पनाह में… मरके
थोडा जी लेने दो ना…
*******
कब तलक ख़ुद को समेटा जाये,
चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये…
*******
तुम्हारे सपने पूरे नहीं हुए….?
मुझे तो नींद तक नहीं आती….
*******
पथ्थर समझ के हमें मत ठुकराओ ,
कल हम मंदिर में भी हो सकते है…
*******
वक़्त ख़ुशी से काटने का मशवरा देते
हुये ..
रो पड़ा वो ख़ुद ही मुझको हौंसला देते हुये !
*******
इश्क़ कहता है इश्क़बाज़ी कर,
अकल कहती है ख़ुदा राज़ी कर,
इश्क़ करता है बात क़ायदे की,
अकल करती है बात फायदे की…
*******
“क्या कोई नई बात नज़र आती है
हम में …!!
आईना हमें देख के हैरान
सा क्यूँ है”?
*******
तन्हा रात में जब तेरी याद आयी, तन्हाई
मिटाने को हमने एक सिगरेट जलाई,
ना जाने कैसे कयामत हो गयी, और धुएं ने भी
तेरी तस्वीर बनायी |
*******
बिछड़ के मुझसे तुम अपनी कशिश न
खो देना,
उदास रहने से चेहरा ख़राब होता है।
*******
किताब में दबी….. जब
तेरी उलटी तस्वीर नज़र
आती है
“तेरा वो पलट के देखना याद
आता है….”
*******
मैंने मन ही मन कहा और तुमने सुन
भी लिया । बड़ी जल्दी सुन लेते
हो..
*******
आजकल कुछ ख़ास लगती हो, बात
क्या है कुछ तो छुपाती हो!
*******
दिल के छालों को कोई शायरी कहे कोई बात
नहीं,
तकलीफ़ तो तब होती है जब लोग वाह-
वाह करते हैं।
*******
सुबूत हैं मेरे घर में धुएं के ये धब्बे ….
अभी यहाँ पर उजालों ने ख़ुदकुशी
की है…
*******
लोग जाते हे मंदीर मस्जीद, दुआ मांगने राम
से,
जनमदीन हो मुबारक, तु मीला हमे
साकी जाम से |
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उठो तो ऐसे उठो, फक्र हो बुलंदी को भी;
झुको तो ऐसे झुको, बंदगी भी नाज़ करेे

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Author : Ashok Chaudhary
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