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30 दिसंबर का इतिहास – 30 December Today Historical Events

  • 30 December,2018
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30 दिसंबर का इतिहास – 30 December Today Historical Events

आज का दिन भारतवासियों के लिए बहुत ही खास है क्योंकि इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में आजादी का झंडा फहराया था। वर्ल्ड वॉर टू डेटाबेस की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 30 दिसंबर, 1943 को नेताजी ने पहली बार भारतीय जमीन पर सबसे पहले तिरंगा फहराया था। यह झंडा आजाद हिंद फौज का था। बता दें कि आजाद हिंद फौज की स्थापना 1942 में जापान में रासबिहारी बोस ने की थी। इस फौज में उन भारतीय सैनिकों को शामिल किया गया था जो जापान में बंदी बना लिये गये थे। बाद में इस सेना में बर्मा और मलाया में स्थित भारतीय स्वयंसेवक भी भर्ती किये गये थे।

नेताजी दे रहे थे जापानियों का साथ
ब्रिटेनिका के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नेताजी चाहते थे कि भारत ब्रिटेन की ओर से ना लड़े, इसके लिए उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जमकर विरोध किया था। ब्रिटिशर्स को उनकी बात पसंद नहीं आई और इसके लिए उन्हें अंग्रेज़ों ने जेल में डाल दिया। जेल में रहकर नेताजी ने भूख हड़ताल कर दी, जिसके बाद अंग्रेजों ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। इसके बाद बोस उसी वक्त किसी तरह से भारत से जर्मनी भाग गए और वहां युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग ली। जब नेताजी जर्मनी में थे तो उन्हें जापान में आजाद हिंद फौज के संस्थापक रासबिहारी बोस ने आमंत्रित किया और 4 जुलाई, 1943 को एक समारोह के दौरान रासबिहारी ने आजाद हिंद फौज की कमान सुभाष के हाथों में सौंप दी।

जापान ने सौंप दिया द्वीप
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि जापान की मदद से भारत से ब्रिटिश हुकूमत का खात्मा किया जा सकता है। इसलिए वे द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी सेना का सहयोग कर रहे थे और जापान भी आजादी की लड़ाई में नेताजी का समर्थन कर रहा था। जापान ने लड़ाई में अंग्रेजों से जीतकर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पर कब्जा कर लिया था। 21 अक्टूबर, 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद सरकार बना ली। चूंकि जापानियों के साथ नेताजी के संबंध बहुत खास थे। इसलिए उन्होंने 7 नवंबर, 1943 को अंडमान-निकोबार द्वीप नेताजी की सरकार को सौंप दिया। सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को पहली बार अंडमान-निकोबार की धरती पर अपना झंडा फहराया।

मोदी फहराएंगे झंडा
बता दें कि पोर्ट ब्लेयर में नेताजी द्वारा ध्वज फहराए जाने के 75वीं वर्षगांठ पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ही के दिन यानी कि रविवार को अंडमान-निकोबार द्वीप पर अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। पीटीआई के मुताबिक, अंडमान-निकोबार में अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी कुछ नए प्रोजेक्ट का एलान भी करेंगे।

 

30 December Today Historical Events

दोस्तों आज जानते हैं 30 दिसंबर का इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए।

 

30 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of December 30

एक चार्टर जारी किया जिसमें जन प्रतिनिधि शासन की 1687 में स्थापना।
जापान की राजधानी टोक्यो 1703 में आये भूकंप से 37 हजार लोगों की मौत।
ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1803 में दिल्ली, आगरा तथा भरूच पर नियंत्रण किया।
अमेरिका के न्यूयार्क में 1873 में माप तौल के लिए मेट्रोलाॅजिकल सोसायटी का गठन।
रूस और फ्रांस ने 1893 में सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किये।
अखिल भारतीय मुस्लीम लीग की 1906 में स्थापना ढाका (अब बंगलादेश) में हुई।
लंदन में 1919 में वकालत के लिए प्रथम महिला विद्यार्थी का प्रवेश।
रूस की राजधानी मास्को के बोलशोई थियेटर से 1922 में सोवियत संघ के निर्माण की औपचारिक रूप से घोषणा की गयी।
सोवियत यूनियन (USSR) की 1922 में स्थापना हुई थी. करीब 7 दशकों तक एक बेहद शक्तिशाली कम्युनिस्ट राष्ट्र के रूप सोवियत संघ का अस्तित्व रहा.
सन 1935 में इटली के लड़ाकू विमानों के हमले में अफ्रीकी देश इथोपिया स्थित स्वीडन की रेड क्रास इकाई ध्वस्त।
वीके जोरिकिन ने 1938 में इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन सिस्टम का पेटेंट कराया।
स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में पोर्ट ब्लेयर में भारत की आजादी का झंडा लहराया।
सन 1947 में रोमानिया के नरेश के त्यागपत्र के साथ ही इस देश में राजशाही शासन व्यवस्था का अंत हुआ और लोकतंत्र की स्थापना हुई।
भारत ने 1949 में चीन को मान्यता दी।
अफ्रीकी देश मेडागास्कर में 1975 में संविधान प्रभावी हुआ।
पश्चिमी अफ्रीकी देश टोगो ने 1979 में संविधान अंगीकार किया।
वेटिकन ने 1993 में इजरायल को मान्यता दी।
ग्वाटेमाला में गत 36 वर्षों से चला आ रहा गृहयुद्ध 1996 में समाप्त।
जनरल उमर-इल बशील 2000 में दोबारा सूडान के राष्ट्रपति चुने गये, कोलंबिया विश्व का सबसे हिंसक एवं ख़तरनाक देश घोषित।
आस्ट्रेलिया ने 2002 में इंग्लैंड से चौथा एशेज टेस्ट जीता।
आस्ट्रेलिया ने 2003 में भारत से मेलबर्न टेस्ट 9 विकेट से जीता।
इराक के पूर्व कथित तानाशाह सद्दाम हुसैन को 2006 में फ़ाँसी दी गई।
स्वर्गीय बेनजीर भुट्टो के पुत्र बिलावल को 2007 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का चेयरमैन चुना गया।
सूर्यशेख गांगुली ने 2008 में 46वीं राष्ट्रीय ए शतरंज चैम्पियनशिप का ख़िताब जीता।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 2012 में हुए आत्मघाती हमले में 19 की मौत।

 

 

 

30 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति – Famous Birthdays on 30 December

बीसवीं सदी के महान् संत और समाज सेवक रमण महर्षि का 1879 में जन्म हुआ।
भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी सौरभ वर्मा का 1922 में जन्म हुआ।
संसद के लोकसभा सदस्य और संस्कृत के विद्वान् साथ ही आर्य समाज के नेता के रूप में भी प्रसिद्ध प्रकाशवीर शास्त्री का 1923 में जन्म हुआ।
प्रथम भारतीय शतरंज मास्टर मैनुअल आरों का 1935 में जन्म हुआ।
भारत के प्रसिद्ध राजनैतिक विश्लेषक, वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दी प्रेमी वेद प्रताप वैदिक का 1944 में जन्म हुआ।
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हनुमप्पा सुदर्शन का 1950 में जन्म हुआ।
30 दिसंबर को हुए निधन – Famous Deaths of 30 December

पुड्डुचेरी के संस्थापक तथा गवर्नर जनरल मार्टिन का 1706 में निधन।
प्रसिद्ध मजदूर नेता, राजकीय अधिकारी, नॉर्वीयन राजनीतिज्ञ तथा जानेमाने लेखक ट्रीगवी ली का 1968 में निधन।
जाने माने वैज्ञानिक विक्रम साराभाई का 1971 में निधन।
हिन्दी के कवि और ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार का 1975 में निधन।
रघुवीर सहाय, हिन्दी के साहित्यकार व पत्रकार रघुवीर सहाय का 1990 में निधन।
भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार और ‘कादम्बिनी पत्रिका’ के सम्पादक राजेन्द्र अवस्थी का 2009 में निधन।

 

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Author : Ashok Chaudhary
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