बाराबंकी में ‘नई पहल’ के माध्यम से 15 ब्लाकों में एक्शन-एड के द्वारा चलाया जा रहा शिक्षा अभियान: सबा फातिमा

  • 01 February,2019
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बाराबंकी में ‘नई पहल’ के माध्यम से 15 ब्लाकों में एक्शन-एड के द्वारा चलाया जा रहा शिक्षा अभियान:  सबा फातिमा

बाराबंकी:  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिलें में नई पहल  (Nai-Pahal Pariyojana) के माध्यम से एक्शन-एड  Action Aid) के द्वारा शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है | बाराबंकी जिलें में शुक्रवार को एक्शन-एड Action Aid) द्वारा बंकी सभागार में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया | जिसमें यूनीसेफ के सहयोग से एक्शनएड द्वारा संचालित नई पहल परियोजना के 15 ब्लाकों प्रेरक, ग्राम प्रधान, एस, एम, सी, सदस्य नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जिला परियोजना टीम के सभी सदस्य मौजूद रहे ।

 

 

विदित हो कि एक्शनएड एक सामाजिक संस्था है जो उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में पिछले तीन दशकों से बुनियादी शिक्षा और बच्चो के अधिकारों पर कार्यरत है एक्शनएड द्वारा संचालित नई पहल परियोजना जनपद बाराबंकी के 15 ब्लाकों में संचालित की जा रही है।

 

 

जिलें में बंकी, देवा , निंदूरा , फतेहपुर ,सूरतगंज,रामनगर, मसौली, सिरौली गौसपुर, दरियाबाद , पूरेडलई, बनीकोडर,हैदरगढ़,हरख व सिद्धौर में संचालित परियोजना आउट ऑफ स्कूल बच्चो के चिन्हांकन ,नामांकन उपस्थिति और ठहराव सुनिश्चित कर उन्हें मुख्य धरा से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है ।

 

 

बाराबंकी जिलें में शुक्रवार को ‘नई पहल ‘ जिला समन्वयक सबा फातिमा (Saba Fatima) ने प्रेस वार्ता के माध्यम से कही| जिला समन्वयक सबा फातिमा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता करते हुए बताया की ,  6 से 18 उम्र के सभी बच्चे को नई पहल के माध्यम से एक्शनएड जनपद बाराबंकी के सभी 15 ब्लाकों में सबके लिए सामान एवं गुडवत्ता पूर्ण की शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है ।

 

सबा फातिमा ने कहा कि, नई पहल परियोजना के सभी 15 ब्लाकों में युवा सम्मलेन , जनसभा ,चैपाल ,शिक्षा जागृति यात्रा,जिला स्तरीय प्रेस वार्ता एवं वाद विवाद प्रतियोगताओं का आयोजन किया जा रहा है ।

 

 

 

 

 

परियोजना अधिकारी सना Sana) ने मिडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि,  सर्व शिक्षा अभियान कि तरफ से जो सर्वे 6 से 14 वर्ष के बच्चो का विगत 2018 में 164 बच्चे ही सिर्फ स्कूल से बाहर थे जबकि मुख्य विकास अधिकारी का कहना था कि 1169 ग्राम पंचायत है और अगर एक एक ग्राम पंचायत में सही से सर्वे होता तो एक एक बच्चा स्कूल से बाहर मिलते तो ऐसे ही 1169 बच्चे निकल के आ जाते ।

 

 

सना ने कहा कि, इस अभियान के माध्यम से तथा शिक्षा प्रेरको,पंचायत सदस्यों व एस एम सी सदस्यों के सहयोग से अभी तक 264 गावो में 15 से 18 उम्र के मौसमी पलायन से प्रभावित 3767 बच्चो का चिन्हांकन किया जा चुका है ।

 

 

उन्होने कहा कि, सरकारी स्कूलों को क्रियाशील एवं बाल मैत्रिक बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है ताकि सभी वर्गों खासकर वंचित तब्को के बच्चो को एक बेहतर माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके ।

 

 

सना ने कहा कि, प्रेस वार्ता के जरिये मुख्यता 6 मांगो को प्रदेश व्यापी शिक्षा अभियान के माध्यम के माध्यम से रखा गया ताकि समाज खुद इसकी पहलकदमी कर सके । अभियान कि मांगो में है । सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चो का चिन्हांकन कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाये । मौसमी पलायन से प्रभावित बच्चो कि शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राज्य स्तरीय निति एवं कार्य योजना बनाई जाये ।

 

 

उन्होने कहा कि, लड़कियों कि शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए गांव और स्कूलों में सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण कि व्यवस्था कि जाये । आरटीई ( त्ज्म् ।बज 2009) का दायरा बढ़ाते हुए इसे 12 वी तक किया जाये और एनपीआरसी (NPRC)  स्तर पर 10वी और 12वीं तक के स्कूल खोले जाये । सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी) की 6% धनराशि शिक्षा पर व्यय की जाये प्रत्येक सरकारी स्कूल को केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाये ।

 

 

इस मौके पर सहायक जिला समन्वयक -सतीश चंद्र ,सर्व सुरक्षा फाउंडेशन से कृति सिंह , डी पी आर ओ से अनिल कुमार , डी सी से सुधा,चाइल्ड वेलफेयर से रत्नेश कुमार के अलावा सुरेश चंद्र पाठक वीरेंद्र वर्मा आदि लोगो के अलावा पत्रकार बंधू मौजूद रहे

 

 

 

 

 

 

 

 

Author : kapil patel

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