बस्ती: अधिवक्ता जगनारायण यादव की हत्या करने वाला 50 हज़ार का इनामी दीपक यादव पकड़ा गया

  • 20 March,2019
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बस्ती: अधिवक्ता जगनारायण यादव की हत्या करने वाला 50 हज़ार का इनामी दीपक यादव पकड़ा गया

बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती में कोर्ट के बाहर कचहरी परिसर में अपने चेंबर में बैठे अधिवक्ता जगनारायण यादव (55) गुरुवार को (28 फरवरी को) दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी| कचहरी परिसर में ही अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या किए जाने सूचना सरेआम होते ही हड़कंप मच गया था। मिनटों में परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया । आरोपियों को पकड़ने में तलाश में पुलिस जुटी थी।

 

UP:बस्ती जनपद कचहरी परिसर में अधिवक्ता को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

 

20 दिन के बाद अब अधिवक्ता जगनारायण यादव की हत्या का खुलासा हुआ है| अधिवक्ता की हत्या करने वाले 50 हज़ार का इनामी बदमाश दीपक यादव को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है| कोतवाली पुलिस ने बताया है कि,  शूटर दीपक यादव को हरदिया गांव से गिरफ्तार किया गया| बता दें कि, लगातार अधिवक्ता शूटर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

 

 

SP बस्ती ने बताया कि, कोतवाली पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम द्वारा अधिवक्ता हत्याकांड के वांछित/50000 रु के इनामी अभियुक्त दीपक यादव उर्फ़ सत्यप्रकाश यादव पुत्र रम्मन उर्फ़ राधारमण यादव निवासी करमिया बसंतलाल को हरदिया गाँव के आगे नाला की पुलिया से पुलिस ने  गिरफ्तार किया |

 

 


 

 

 

क्या है मामला

सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता जगनारायन यादव की हत्या के पीछे जमीनी रंजिश सामने आई है। यादव कप्तानगंज थानाक्षेत्र के कर्मियां बसंतलाल गांव के मूल निवासी थे लेकिन बस्ती शहर के अमरूतहिया मोहल्ले में मकान बनाकर सपरिवार रहते थे। इनके पत्नी,दो पुत्र और एक पुत्री है। एक पुत्र बंगलौर में नौकरी तो दूसरा दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। यहां उनके साथ पत्नी और पुत्री रहते थे।

 

कोतवाली थाना क्षेत्र के रौता के रहने वाले अधिवक्ता जगनारायण रोज की तरह वह गुरुवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अपने तख्ते पर बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 3.40 पर एक युवक उनके पास आया और 315 बोर का तमंचा निकाल कर बांई तरफ सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही परिसर में हड़कंप मच गया। बगल में बैठे साथी अधिवक्ता अर्जुन कुमार ने पकड़ना चाहा तो बदमाश ने तत्काल तमंचा लोड कर उनके ऊपर तान दिया।

 

धमकाया पकड़ने की कोशिश करोगे तो गोली मार दूंगा। हाथ में तमंचा लिए दौड़ते हुए मेन रोड पर आया और पहले से बाइक स्टार्ट कर खड़े साथी के साथ बैठ कर बड़े डाकखाना की तरफ फरार हो गया।

 

 

घटना के बाद पत्नी सुशीला देवी कोतवाली थाने पर पहुंची। उनकी तहरीर पर गांव के ही राम औतार और उसके साथी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है। हत्या में नामजद हुए रामऔतार के परिवार से अधिवक्ता की वर्ष 91 से रंजिश चल रही है। इस मामले में हमलावर का परिवार कानूनी लड़ाई में लगातार मुंहकी खा रहा था। राम औतार घटना के समय नाबालिग रहे और इसका फायदा पाकर वह बच गए। पुरानी घटना में उसके ही परिवार के सात लोग जेल में सजा काट रहे हैं।

 

बता दें कि, अपर जिला जज पृथ्वीपाल यादव ने गत 26 सितंबर 2018 को घर फूंकने के 27 साल पुराने मामले में सात लोगों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसमें प्रत्येक को सात हजार रुपए अर्थदंड भी देना होगा।

 

शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद यादव, अधिवक्ता परमात्मा प्रसाद चौधरी, जगनारायण यादव ने अदालत में कहा कि कप्तानगंज थाना के कर्मिया बसंतपुर निवासी राम बरन व राम पियारे में जमीनी रंजिश चल रही थी। 21 दिसंबर 1991 को दो बजे दिन में गांव के पियारे, रम्मन, तिलकराम, सतिराम, शिव मूरत, शिवकरन, कन्हैया लाल, राम औतार व मुडिला कठार गांव के विश्वनाथ एवं राम सूरत हथियार लेकर रामबरन के घर पर हमला कर दिए। नवनिर्मित मकान को ध्वस्त कर उसमे आग लगा दी। लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। मुकदमा के दौरान पियारे व शिवकरन की मृत्यु हो गई। राम औतार को किशोर घोषित कर दिया गया। बाकी सात को समान सजा से दंडित किया गया।

 

 

 

 

Author : kapil patel

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