CANCER HEALTH TIPS-Cancer Symptoms

  • 16 July,2018
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CANCER HEALTH TIPS-Cancer Symptoms

कैंसर के लक्षण पहचान और इलाज क्या हैं कैंसर नाम आते ही अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं क्योंकि दिल की बीमारी के बाद कैंसर ही है जो दुनिया भर में मौत का सबसे बड़ा कारण होता है| कैंसर के प्रकार लगभग १०० से भी ज्यादा हैं| यदि कैंसर के लक्षणों का पता शुरुवात में लग जाए तो कैंसर का इलाज आसन होता है लेकिन अकसर कैंसर शुरुव्वात में कोई लक्षण नहीं दिखता और यही कारण है की कैंसर का समय पर आपको पता नहीं चल पाता| यदि आपके फॅमिली में कैंसर की हिस्ट्री हैं तो आपको समय समय पर अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए और ऐसे कारणों से बचना चाहिए जो कैंसर के लिए जिम्मेदार माने जाता हैं|कैंसर से बचाव और इलाज की सफलता इस बात पर निभर करती है की आप कितनी जल्दी कैंसर की गांठ होने की पहचान कर लेते हैं और ऐसा आप कैंसर के लक्षणों के आधार पर कर सकते हैं|
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कैंसर किस प्रकार लक्षण दिखता है? कैंसर वैसे तो कोई लक्षण नहीं दिखाता लेकिन जयादातर लोगों में कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं की कैंसर की गांठ कहाँ है , कितनी बड़ी है और उसने उत्तकों और अंगों को कितना प्रभावित किया है जैसे कैंसर की गांठ यदि दिमाग (ब्रेन) में हो तो वो अपने लक्षण जल्दी दिखा देती हैं| इसी प्रकार कुछ कैंसर में गांठ बड़ी होने तक आपको पता नहीं चलता जैसे की पित्त का कैंसर होने पर रोगी में कोई लक्षण देखने को नहीं मिलते लेकिन बाद में गांठ बड़ी होने पर रोगी को पेट दर्द, पीलिया जैसे लक्षण होते हैं| कैंसर होने पर बुखार, कमजोरी, थकान और वजन कम जैसे लक्षण भी हो सकते हैं और ये तो होते हैं क्योंकि कैंसर की कोशिकाएं शरीर की काफी उर्जा का इस्तेमाल कर लेती हैं साथ ही ऐसे लक्षण कैंसर द्वारा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव होने के कारण ही हो सकते हैं|
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कैंसर के लक्षण की पहचान से क्या फायदा होता है? देखिये दोस्तों, कैंसर का इलाज तभी प्रभावी होता है जब कैंसर की पहचान शुरुवाती स्टेज में कर ली जाये| अकसर लोग लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं और जो आगे चलकर घातक भी सिद्ध हो सकता है| यदि आप अपनी सेहत के प्रति जागरूक हैं तो समय समय पर अपनी जांच करवाते रहे खास कर जब आपके परिवार में किसी को कैंसर हो या आप स्मोकिंग, शराब, तंबाकू, गुथ्खा, फ़ास्ट आदि चीज़ों का सेवन करते हों|

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कैंसर की सामान्य लक्षण क्या हैं ? यहाँ कुछ कैंसर के लक्षण दिए जा रहे हैं लेकिन जरुरी नहीं की यह लक्षण होने पर आप १०० प्रतिशत कैंसर ही हो| लेकिन यदि लक्षण लम्बे समय तक चल रहा है और समय की साथ बढ़ रहा है तो आपको डॉक्टर से जांच करवा लेनी चाहिए| बिना कारण वजन कम होना यदि आपका वजन तेजी से कम हो रहा है और आपको उसका कारण भी नहीं पता चल रहा तो डॉक्टर से checkup करवा लें| अधिकतर केसेस में 5 किलो या उससे ज्यादा वजन अचानक से कम हो जाए तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है| ऐसा अकसर पेट, आहारनली, पीताश्य और lungs में कैंसर की गांठ होने के कारण होता है| बुखार रहना यदि किसी को बार बार या लगातार बुखार बना रहता है तो यह भी कैंसर का symptom हो सकता है क्योंकि कैंसर में अकसर रोगी का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिसके फलसवरूप बुखार होना सव्भाविक होता है| ब्लड कैंसर जैसे leukemia या lymphoma की शुरुवात में भी बुखार हो सकता है| कमजोरी और थकावट कैंसर का एक और लक्षण है कमजोरी और थकावट जो की आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होती| ब्लड कैंसर, पेट का कैंसर और अमाशय में गांठ होने पर ऐसा होना आम बात है|
दर्द होना

दर्द होना कुछ कैंसर का मुख्य और शुरुवाती लक्षण होता है जैसे हड्डी और अंडकोष का कैंसर| इसी प्रकार सिर में दर्द का बने रहना ब्रेन tumor का लक्षण हो सकता है| इसी प्रकार पीट या कमर में दर्द बड़ी आंत, ओवरी या गुदा के कैंसर का लक्षण हो सकता है|

 

त्वचा में बदलाव
त्वचा के कैंसर के अलवा कुछ और प्रकार के कैंसर भी आपके त्वचा में बदलाव कर सकते हैं जैसे
त्वचा पर बाल अधिक होना
त्वचा का काला पड़ना या काले धब्बे पड़ना
त्वचा का लाल होना
स्किन पर खुजली होना
कैंसर के कुछ विशेष लक्षण
यहाँ कुछ विशेष लक्षणों के आधार पर आप किसी ख़ास प्रकार के कैंसर की पहचान कर सकते हैं|

 

1.Blood Cancer

ब्लड यानि खून के कैंसर कई प्रकार के होते हैं जैसे leukaemia, lymphoma, myeloma आदि| खून का कैंसर होने कई लक्षण और संकेत होते हैं जो की सभी प्रकार के ब्लड कैंसर में लगभग सामान से ही होते हैं|
बिना किसी कारण के शरीर का वजन कम होना
बहुत थकावट रहना
कमजोरी रहना
सांस फूलना
लसिका ग्रन्थियो में सूजन
पेट में दर्द और सूजन रहना
बार बार इन्फेक्शन की चपेट में आना
बुखार और रात को पसीना आना
जोड़ों और हड्डियों में दर्द रहना
त्वचा पर खुजली रहना
छाती और कमर में दर्द रहना
जरुरत से ज्यादा पसीना आना

 

 

2. Mouth Cancer

मुंह के कैंसर का शिकार अकसर वो लोग होते हैं जो गुटखा, खैनी, बीडी, सिगरेट , शराब आदि हानिकारक चीज़ों का सेवन करते हैं| यह कैंसर होंठ, जीभ, गला कही भी हो सकता है| मुंह के कैंसर के निम्न लक्षण हो सकते हैं|
मुंह या गले में गाँठ का होना जो ठीक ना हो रही हो
जबड़ा खुलने में परेशानी
मुंह या गले में किसी जगह दाने, सूजन या मोटा उभार होना
गले में कुछ फंसे होने का एहसास होना
खाने, बोलने या निगलने में दर्द और परेशानी होना
कान में निरंतर दर्द बने रहना
जबड़ा या जीभ को हिलाने में दिक्कत होना
आवाज में बदलाव जैसे फटी हुई या भरी आवाज निकलना
दांत का अचानक से कमजोर होना

 

 

 

3.Breast Cancer

निप्पल में सूजन और कड़क हो जाना
स्तन में या बगल में गांठ होना
ब्रैस्ट की त्वचा में बदलाव होना या त्वचा के pores का बड़ा हो जाना

नोट :- स्तन में गांठ होना जरुरी नहीं की कैंसर हो लेकिन गांठ होने पर चिकित्सक की सलाह जरुर ले लेनी चाहिए|

इसके अलावा निप्पल से खून आना या white डिस्चार्ज होना भी ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं|
स्तन में एक और ज्यादा सूजन और दर्द होना जिससे स्तन के आकर में आपको परिवर्तन नजर आये इसी प्रकार स्तन का सिकुड़ जाना भी एक लक्षण है
निप्पल का अन्दर की और या एक और मुड जाना
निप्पल के आस पास की त्वचा लाल और सूजी हुई दिखाई देना

 

 

 

 

 

4. Stomach Cancer

पेट में कैंसर का मतलब यहाँ हमारा stomach यानि अमाशय से है जिसके मुख्य लक्षण निम्न हैंपेट में दर्द , भारीपन और सूजन रहना ,बदहजमी या अपचन,भोजन के बाद भारीपन महसूस होना ,जी मिचलाना,भूख ना लगना,एसिडिटी रहना उलटी और दस्त मल के साथ खून आना बिना कारण के weight loss होना त्वचा और आँखों का पीला होना कब्ज रहना कमजोरी और थकावट रहना जरुरी नहीं की यह लक्षण होने पर आपको पेट का कैंसर हो यह इन्फेक्शन के कारण भी हो सकते हैं इसलिए यदि आप लम्बे समय से इनमें से किसी लक्षण से परेशान हैं तो तुरंत किसी अच्छे पेट के डॉक्टर से परामर्श करें|

 

 

 

5.Liver Cancer

लीवर में कैंसर होने के लक्षण अकसर शुरुवात में देखने को नहीं मिलते लेकिन कुछ संकेत हैं जिनसे आप लीवर में गांठ होने की पहचान कर सकते हैं|
भार का कम होना और उसका कारण पता ना चलना
भूख ना लगना
थोड़े सा भोजन खाने पर ऐसा लगना की बहुत ज्यादा खा लिया हो
जी मिचलाना और उलटी होना
पसलियों के नीचे दाहिनी तरफ सूजन होना
पेट में दर्द
पेट में पानी भरना
त्वचा पर खुजली होना
त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया)
बुखार रहना
पेट में फूली हुई नाड़ियो का दिखाई देना
इनके अलावा लीवर में गाँठ कुछ hormones का निर्माण करती है जो दुसरे अंगों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं| ये hormones
खून में कैल्शियम के लेवल को बढ़ा कर जी मिचलाना, confusion, कब्ज, कमजोरी या मांसपेशियों से सम्बंधित समस्या पैदा कर सकते हैं|
पुरषों में अंडकोष का श्रिंक होना और स्तनों का बढ़ जाना
लाल रक्त कोशिकाओं के बढ़ने पर त्वचा का लाल दिखाई देना
कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना

 

 

 

6. Urine Cancer

योनी से खून आना
पेशाब करते समय दर्द होना
सम्भोग के समय दर्द होना
प्राइवेट पार्ट्स के आस पास दर्द रहना दोस्तों ये कुछ प्रकार के कैंसर और उसके लक्षण थे |

 

 

7.Brain Cancer

ब्रेन tumor या दिमाग में गांठ होने पर अलग अलग लोगों में अलग अलग लक्षण देखने को मिलते हैं| सिर दर्द जो की अकसर सुबह के समय होता हा और बहुत तेज होता हैं| इस सिर दर्द पर दर्द निवारक असर नहीं कर पाते लेकिन व्यक्ति को सीधा खड़े होने पर आराम मिलता है| दिमाग में कैंसर होने पर व्यक्ति को देखने सम्बंधित परेशानी भी हो सकती है| खड़े होने पर या शरीर की स्तिथि बदलने पर आँखों के आगे कुछ देर के लिए अँधेरा छा जाना| रोगी को दौरे भी पड़ सकते हैं| जी मिचलाना, चक्कर आना, दिमाग के कार्य कमजोर होना, शारीर का संतुलन बनाने में दिक्कत होना, बोलने में परेशानी होना, शरीर पर सुइयां चुभना, अधिक नींद आना, हाथ पैरों में कमजोरी रहना भी दिमाग के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं|

 

 

8.Bone Cancer

हड्डी का बार बार टूटना
हड्डी दर्द होना और उस जगह पर सूजन रहना
कमजोरी रहना और शरीर का वजन एक दम से कम हो जाना
ऐसे लक्षण यदि आप में दिखाई दे रहे हैं तो हड्डी के डॉक्टर से सलाह लें|

 

 

6.Lung Cancer

फेंफैड़े के कैंसर होने के लक्षण शुरू में नजर नहीं आते लेकिन यदि आपको निम्न लक्षण हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाज आवश्य लें|
खांसी रुकने का नाम ना ले रही हो
सांस फूलना और सांस लेने में दिक्कत होना
लम्बी सांस लेने पर छाती में तेज दर्द होना
बलगम के साथ खून आना
भूख और वजन कम होना
थकान और कमजोरी रहना
हँसते और खांसते समय चेस्ट में दर्द होना
यदि कैंसर दुसरे अंगों तक फ़ैल जाए तो निम्न लक्षण भी देखने को मिलते हैं|
हड्डियों में दर्द
यदि कैंसर लीवर तक पहुँच जाए तो पीलिया भी हो सकता है|
त्वचा पर उभार दिखाई देना
तंत्रिका तंत्र में बदलाव जिससे सर दर्द, हाथ पैरों का सुन्न होना, चक्कर आना या दौरे पड़ना जैसे लक्षण हो सकते हैं|

 

 

 

कैंसर से बचाव के तरीके:-

1. आयुर्वेदिक टिप्स

कैंसर का सबसे सरल आयुर्वेदिक उपचार जरूर पढ़ें । मित्रो कैंसर हमारे देश मे बहुत तेज़ी से बड़ रहा है । हर साल बीस लाख लोग कैंसर से मर रहे है और हर साल नए Cases आ रहे है । और सभी डॉक्टर्स हाथ-पैर डाल चुके है । राजीव भाई की एक छोटी सी विनती है याद रखना के … ” कैंसर के patient को कैंसर से death नही होती है, जो treatment उसे दिया जाता है उससे death सबसे अधिक होती है ” । माने कैंसर से ज्यादा खतरनाक कैंसर का treatment है । Treatment कैसा है ? ?आप सभी जानते है .. Chemotherapy दे दिया, Radiotherapy दे दिया, Cobalt-therapy दे दिया ।
इसमें क्या होता है के शारीर का जो प्रतिरक्षक शक्ति है Resistance power ! वो बिलकुल ख़तम हो जाती है । जब Chemotherapy दिए जाते है तो डाक्टर ये बोलते है की हम कैंसर के सेल को मारना चाहते है लेकिन होता क्या है अच्छे सेल भी उसी के साथ मर जाते है । राजीव भाई के पास कोई भी रोगी जो आया Chemotherapy लेने के बाद राजीव भाई उसे बचा नही पाए । लेकिन इसका उल्टा भी रिकॉर्ड है .. राजीव भाई के पास बिना Chemotherapy लिए हुए कोई भी रोगी आया Second & third Stage के cancer तक वो एक भी नही मर पाया !
मतलब क्या है Treatment लेने मे जो खर्च आपने कर दिया वो तो गया ही और रोगी भी आपके हाथ से गया । डॉक्टर आपको भूल-भुलैया में रखता है अभी 6 महीने में ठीक हो जायेगा 8 महीने में ठीक हो जायेगा लेकिन अंत में वो मर ही जाता है , कभी हुआ नही है के Chemotherapy लेने के बाद कोई बच पाया हो । आपके घर परिवार में अगर किसी को कैंसर हो जाये तो ज्यादा खर्चा मत करिए कियों की जो खर्च आप करेंगे उससे मरीज का तो भला नही होगा उसको इतना कष्ट होता है की आप कल्पना नही कर सकते । उसको जो injections दिए जाते है, जो Tablets खिलाई जाती है, उसको जो Chemotherapy दी जाती है उससे सारे बाल उड़ जाते है, भ्रू के बाल उड़ जाते है, चेहरा इतना डरावना लगता है के पहचान में नही आता ये अपना ही आदमी है? इतना कष्ट क्यों दे रहे हो उसको ? सिर्फ इसलिए के आपको एक अहंकार है के आपके पास बहुत पैसा है तो Treatment कराके ही मानुगा ! होता ही नही है वो,
और आप अपनी आस पड़ोस की बाते ज्यादा मत सुनिए क्योंकि आजकल हमारे Relatives बहुत Emotionally Exploit करते है । घर में किसीको गंभीर बीमारी हो गयी तो जो रिश्तेदार है वो पहले आके कहते है ‘ अरे All India नही ले जा रहे हो? PGI नही ले जा रहे हो ? Tata Institute बम्बई नही ले जा रहे हो ? आप कहोगे नही ले जा रहा हूँ मेरे घर में ही चिकित्सा …. अरे तुम बड़े कंजूस आदमी हो बाप के लिए इतना भी नही कर सकते माँ के लिए इतना नही कर सकते ” । ये बहुत खतरनाक लोग होते है !! हो सकता है कई बार वो Innocently कहते हो, उनका intention ख़राब नही होता हो लेकिन उनको Knowledge कुछ भी नही है, बिना Knowledge के वो suggestions पे suggestions देते जाते है और कई बार अच्छा खासा पढ़ा लिखा आदमी फंसता है उसी में .. रोगी को भी गवाता है पैसा भी जाता है । कैंसर के लिए क्या करे ? हमारे घर में कैंसर के लिए एक बहुत अच्छी दावा है ..अब डॉक्टर ने मान लिया है पहले तो वे मानते भी नही थे; एक ही दुनिया में दावा है Anti-Cancerous उसका नाम है ” हल्दी ” । हल्दी कैंसर ठीक करने की ताकत रखती है ! कैसे ताकत रखती है वो जान लीजिये हल्दी में एक केमिकल है उसका नाम है कर्कुमिन (Carcumin) और ये ही कैंसर cells को मार सकता है बाकि कोई केमिकल बना नही दुनिया में और ये भी आदमी ने नही भगवान ने बनाया है । हल्दी जैसा ही कर्कुमिन और एक चीज में है वो है देशी गाय के मूत्र में । गोमूत्र माने देशी गाय के शारीर से निकला हुआ सीधा-सीधा मूत्र जिसे सूती के आट परत की कपड़ो से छान कर लिया गया हो । तो देशी गाय का मूत्र अगर आपको मिल जाये और हल्दी आपके पास हो तो आप कैंसर का इलाज आसानी से कर पायेंगे ।
(देशी गाय की पहचान उसकी पीठ पर हंप होता है )
अब देशी गाय का मूत्र आधा कप और आधा चम्मच हल्दी दोनों मिलाके गरम करना जिससे उबाल आ जाये फिर उसको ठंडा कर लेना । Room Temperature में आने के बाद रोगी को चाय की तरहा पिलाना है .. चुस्किया ले ले के सिप सिप कर कर । एक और आयुर्वेदिक दावा है पुनर्नवा जिसको अगर आधा चम्मच इसमें मिलायेंगे तो और अच्छा result आयेगा । ये Complementary है जो आयुर्वेद के दुकान में पाउडर या छोटे छोटे पीसेस में मिलती है ।
याद रखें इस दावा में सिर्फ देशी गाय का मूत्र ही काम में आता है विदेशी जर्सी का मूत्र कुछ काम नही आता । और जो देशी गाय काले रंग की हो उसका मूत्र सबसे अच्छा परिणाम देता है इन सब में । इस दवा को (देशी गाय की मूत्र, हल्दी, पुनर्नवा ) सही अनुपात में मिलाके उबालकर ठंडा करके कांच की पात्र में स्टोर करके रखिये पर बोतल को कभी फ्रिज में मत रखिये, धुप में मत रखिये । ये दावा कैंसर के सेकंड स्टेज में और कभी कभी थर्ड स्टेज में भी बहुत अच्छे परिणाम देती है।
जब स्टेज थर्ड क्रोस करके फोर्थ में पहुँच गया हो तब रिजल्ट में प्रॉब्लम आती है । और अगर अपने किसी रोगी को Chemotherapy बैगेरा दे दिया तो फिर इसका कोई असर नही आता ! कितना भी पिलादो कोई रिजल्ट नही आता, रोगी मरता ही है । आप अगर किसी रोगी को ये दावा दे रहे है तो उसे पूछ लीजिये जान लीजिये कहीं Chemotherapy शुरू तो नही हो गयी ? अगर शुरू हो गयी है तो आप उसमे हाथ मत डालिए, जैसा डॉक्टर करता है करने दीजिये, आप भगवान से प्रार्थना कीजिये उसके लिए .. इतना ही करे । और अगर Chemotherapy स्टार्ट नही हुई है और उसने कोई अलोप्यथी treatment शुरू नही किया तो आप देखेंगे इसके Miraculous (चमत्कारिक रिजल्ट आते है । ये सारी दवाई काम करती है बॉडी के resistance पर, हमारी जो vitality है उसको improve करता है, हल्दी को छोड़ कर गोमूत्र और पुनर्नवा शारीर के vitality को improve करती है और vitality improve होने के बाद कैंसर cells को control करते है ।
तो कैंसर के लिए आप अपने जीवन में इस तरह से काम कर सकते है; इसके इलावा भी बहुत सारी मेडिसिन्स है जो थोड़ी complicated है वो कोई बहुत अच्छा डॉक्टर या वैद्य उसको हंडल करे तभी होगा आपसे अपने घर में नही होगा । इसमें एक सावधानी रखनी है के गाय के मूत्र लेते समय वो गर्भवती नही होनी चाहिए। गाय की जो बछड़ी है जो माँ नही बनी है उसका मूत्र आप कभी भी use कर सकते है।
ये तो बात हुई कैंसर के चिकित्सा की, पर जिन्दगी में कैंसर हो ही न ये और भी अच्छा है जानना । तो जिन्दगी में आपको कभी कैंसर न हो उसके लिए एक चीज याद रखिये के, हमेशा जो खाना खाए उसमे डालडा घी (refine oil ) तो नही है ? उसमे refined oil तो नही है ? हमेशा शुद्ध तेल खाये अर्थात सरसों ,नारियल ,मूँगफली का तेल खाने मे प्रयोग करें ! और घी अगर खाना है तो देशी गाय का घी खाएं ! गाय का देश घी नहीं ! ये देख लीजिये, दूसरा जो भी खाना खा रहे है उसमे रेशेदार हिस्सा जादा होना चाहिए जैसे छिल्केवाली डाले, छिल्केवाली सब्जिया खा रहे है , चावल भी छिल्केवाली खा रहे है तो बिलकुल निश्चिन्त रहिये कैंसर होने का कोई चान्स नही है ।
और कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से दो तीन कारण है, एक तो कारण है तम्बाकू, दूसरा है बीड़ी और सिगरेट और गुटका ये चार चीजो को तो कभी भी हाथ मत लगाइए क्योंकि कैंसर के maximum cases इन्ही के कारन है पुरे देश में ।
कैंसर के बारे में सारी दुनिया एक ही बात कहती है चाहे वो डॉक्टर हो, experts हो, Scientist हो के इससे बचाओ ही इसका उपाय है । महिलाओं को आजकल बहुत कैंसर है uterus में गर्भाशय में, स्तनों में और ये काफी तेजी से बड़ रहा है .. Tumour होता है फिर कैंसर में convert हो जाता है । तो माताओं को बहनों को क्या करना चाहिए जिससे जिन्दगी में कभी Tumour न आये ? आपके लिए सबसे अच्छा prevention है की जैसे ही आपको आपके शारीर के किसी भी हिस्से में unwanted growth (रसोली, गांठ) का पता चले तो जल्द ही आप सावधान हो जाइये । हलाकि सभी गांठ और सभी रसोली कैंसर नही होती है 2-3% ही कैंसर में convert होती है लेकिन आपको सावधान होना तो पड़ेगा । माताओं को अगर कहीं भी गांठ या रसोली हो गयी जो non-cancerous है तो जल्दी से जल्दी इसे गलाना और घोल देने का दुनिया में सबसे अछि दावा है ” चुना ” । चुन वोही जो पान में खाया जाता है, जो पोताई में इस्तेमाल होता है ; पानवाले की दुकान से चुना ले आइये उस चुने को कनक के दाने के बराबर रोज खाइये; इसको खाने का तरीका है पानी में घोल के पानी पी लीजिये, दही में घोल के दही पी लीजिये, लस्सी में घोल के लस्सी पी लीजिये, डाल में मिलाके दाल खा लीजिये, सब्जी में डाल के सब्जी खा लीजिये । पर ध्यान रहे पथरी के रोगी के लिए चुना बर्जित है ।

 

 

2.कैंसर इलाज युक्तियाँ

कैंसर से बचाव के तरीके टिप्स | कैंसर होने का खतरा कम करने के लिए जरुरी बातें यहाँ कुछ जरुरी बातें बताई जा रही हैं जो आपको भविष्य में कैंसर से बचने में मदद करेंगी|
तम्बाकू को कहें ना तंबाकू मुंह, गले, फंफ्ड़े, पिताश्य, गुर्दे, ब्लैडर कैंसर होने का मुख्य कारण बनता है| तंबाकू चाहे किसी भी रूप में हो जैसे बीडी , गुटखा, खैनी, हुक्का या फिर कोई और भी धुम्रपान कर रहा हो तब भी आपके स्वास्थय के लिए हानिकारक हो सकता है| इसलिए यह जरुरी है की आप आज से ही इसका प्रयोग बंद करें|
स्वस्थ खाइए
स्वस्थ खान पान से आप काफी हद तक कैंसर के खतरे को दूर रख सकते हैं| खूब हरे पत्तेदार सब्जियां और रंगीन फ्रूट्स खाइए ऐसी चीज़ों से परहेज करिए जिनसे मोटापा बढ़ता हो – जैसे मैदा, जयादा मीठा, फैटी भोजन आदि| शराब किडनी, लीवर, स्तन, पेट आदि के कैंसर का कारण बनती है इसलिए इससे दूर रहे| ओलिव आयल, ड्राई फ्रूट्स, बीन्स, दालें आदि को भी अपने फ़ूड मेनू में शामिल करें|
स्वस्थ भार मेन्टेन कीजिये
स्वस्थ भार होने से कई प्रकार के कैंसर जैसे किडनी, colon, ब्रैस्ट, प्रोस्टेट और लंग कैंसर होने की संभावना काफी कम होती है| आपको कम से कम रोजाना ३० मिनट्स या उससे जयादा एक्सरसाइज करके आपने आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए| सूर्य से बचकर रहिये सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा के रोग ही नहीं कैंसर तक करने में सक्षम होती हैं इसलिए सुभे १० से ४ बजे तक सूर्य में न निकलें और यदि जरुरी होती तो सुरक्षा के उपाय जैसे स्कार्फ, टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करना न भूलें|
vaccination लीजिये
आपको जरुरी vaccination लेनी चाहिए और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को स्ट्रोंग बनाने के लिए डॉक्टर से जरुरी सलाह लेनी चाहिए कुछ वायरस जैसे हेपेटाइटिस लीवर का कैंसर भी पैदा कर सकता है| इसीप्रकार HPV वायरस का संक्रमण गुप्तांगों सम्बंधित कैंसर पैदा कर सकता है| असुरक्षित यौन सम्बन्ध से दूर रहिये, नशे का सहारा ना लें और समय समय पर अपनी मेडिकल जांच करवाते रहे ताकि आपको कभी कोई बीमारी न हो पाए| जयादा जानकारी के लिए आप पास ही के किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर से कैंसर के प्रति जरुरी सलाह ले सकते हैं| कैंसर का इलाज | cancer treatment कैंसर का इलाज या उपचार इस बात पर निर्भर करता है की आपको किस प्रकार का कैंसर है और वो किस स्टेज में है| अक्सर कैंसर के रोगीओं को उनकी स्तिथि के आधार पर सर्जरी, radiation थेरेपी, chemotherapy, Immunotherapy , Targeted Therapy, Hormone Therapy, Stem Cell Transplant आदि करवाने की सलाह i जाती है जिनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं| साथ ही डॉक्टर जरुरी दवाइयां लेने की भी सलाह देता है|

Author : tvl7

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