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गंगा नदी की सफाई के लिए 3 महीने से अनशन पर बैठे ‘गंगा के असली पुत्र’ जीडी अग्रवाल का आज निधन हो गया

  • 11 October,2018
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गंगा नदी की सफाई के लिए 3 महीने से अनशन पर बैठे  ‘गंगा के असली पुत्र’ जीडी अग्रवाल का आज निधन हो गया

नई दिल्ली: गंगा नदी की सफाई के लिए 3 महीने से अनशन पर बैठे जीडी अग्रवाल का आज निधन हो गया ,जीडी अग्रवाल, 22 जून से गंगा में प्रदूषण मुक्त और निर्बाध प्रवाह के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे. वे चाहते थे की गंगा और इसकी सहायक नदियों के साथ बांधों के निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए नोटिफिकेशन जारी करे और नदी के किनारे खनन पर प्रतिबंध लगाए। . उनकी हलचल और मांगों के लिए सरकार की “उदासीनता” से नाखुश, 87 वर्षीय आईआईटी प्रोफेसर से बने संत ने मंगलवार दोपहर से पानी का सेवन छोड़कर अपना रुख कड़ा कर दिया है।जीडी अग्रवाल का निधन उस समय हुआ जब उन्हें हरिद्वार से दिल्ली लाया जा रहा था|

 

 

आपको बता दें कि स्वामी सानंद उर्फ जीडी अग्रवाल ने गंगा जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को पहले भी कई बार आगाह कर चुके थे| उन्होने इसी साल फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर गंगा के लिए अलग से क़ानून बनाने की मांग भी की थी|लेकिन इस पर जब प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से उन्हे कोई जवाब नही मिला तो, स्वामी सानंद (86 साल) ने 22 जून को अनशन पर बैठ गए थे| इस बीच मोदी सरकार के दो केंद्रीय मंत्री उमा भारती और नितिन गडकरी उनसे अपना अनशन तोड़ने की अपील की थी, लेकिन वो नहीं माने|

 

 

जीडी अग्रवाल गंगा को अविरल बनाने के लिए लगातार कोशिश करते रहे. उनकी मांग थी कि गंगा और इसकी सह-नदियों के आस-पास बन रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण को बंद किया जाए और गंगा संरक्षण प्रबंधन अधिनियम को लागू किया जाए|जीडी अग्रवाल ने कहा था, ‘अगर इस मसौदे को पारित किया जाता है तो गंगाजी की ज्यादातर समस्याएं लंबे समय के लिए खत्म हो जाएंगी| मौजूदा सरकार अपने बहुमत का इस्तेमाल कर इसे पास करा सकती है|मै अपना अनशन उस दिन तोडूंगा जिस दिन ये विधेयक पारित हो जाएगा. ये मेरी आखिरी जिम्मेदारी है. अगर अगले सत्र तक अगर सरकार इस विधेयक को पारित करा देती है तो बहुत अच्छा होगा|अगर ऐसा नहीं होता है तो कई लोग मर जाएंगे| अब समय आ गया है आने वाली पीढ़ी इस पवित्र नदी की जिम्मेदारी ले|

 

अनशन के दौरान जीडी अग्रवाल ने कहा था, ‘हमने प्रधानमंत्री कार्यालय और जल संशाधन मंत्रालय को कई सारे पत्र लिखा था, लेकिन किसी ने भी जवाब देने की जहमत नहीं उठाई| मैं पिछले 109 दिनों से अनशन पर हूं और अब मैंने निर्णय लिया है कि इस तपस्या को और आगे ले जाऊंगा और अपने जीवन को गंगा नदी के लिए बलिदान कर दूंगा| मेरी मौत के साथ मेरे अनशन का अंत होगा|

 

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में वादा किया था कि 2019 तक गंगा साफ कर दी जाएगी| हालांकि कई सारे रिपोर्ट्स बताते हैं कि गंगा की सफाई के लिए कोई खास प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं|रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मौजूदा स्थिति ये बताती है कि सीवर परियोजनाओं से संबंधित कार्यक्रमों को राज्य द्वारा सही तरीके से लागू नहीं किया गया और ये सरकार का गैरजिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है| सीवर परियोजना सीवेज ट्रीटमेंट और जल निकायों में सीवेज के डंपिंग के मुद्दों का हल करने के लिए था|

 

Author : tvl7
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