Happy Navroz 2018: Happy Persian New Year

  • 17 August,2018
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Happy Navroz 2018: Happy Persian New Year

हमारे देश में सभी धर्मो का बहुत ही सम्मान दिया जाता है, यहाँ पर कई संस्कृतियां एक साथ प्रेम पूर्वक रहती हैं| यही भारत देश को एक खूबसूरती प्रदान करता है। हमारे देश मे सभी धर्मो के लोग रहते है, और अपने-अपने पवित्र त्योहार को मिल कर मानते है| हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शरू होता है, इस दिन ग्रह और नक्षत्र मे परिवर्तन होता है | हिन्दी महीने की शुरूआत इसी दिन से होती है |पेड़-पोधों मे फूल ,मंजर ,कली इसी समय आना शुरू होते है ,वातावरण मे एक नया उल्लास होता है जो मन को स्नेह कर देता है | जीवो में धर्म के प्रति आस्था बढ़ जाती है | इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था | भगवान विष्णु जी का प्रथम अवतार भी इसी दिन हुआ था | नवरात्र की शुरुअात इसी दिन से होती है | जिसमे हमलोग उपवास एवं पवित्र रह कर नव वर्ष की शुरूआत करते है |

 

 

 

आज पारसी समुदाय का नववर्ष है। इसे नवरोज के नाम से जाना जाता है| पारसी समुदाय में नवरोज मनाने की परंपरा करीब 3 हजार साल पहले शुरू हुई थी। माना जाता है कि आज ही के दिन समुदाय के वीर पुरुष और योद्धा जमशेद ने पहली बार लोगों को वार्षिक कैलेंडर से अवगत कराया था। पारसी समुदाय नवरोज को कई नामों से पुकारता है। जैसे, जमशेदी नवरोज, नवरोज और पतेती।

 

 

 

 

पारसी इस दिन खास तरह के पकवान बनाते हैं, जिन्हें वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करते हैं। साथ ही ये एक-दूसरे को उपहार भी देते हैं और दोस्तों के प्रति उनके सहयोग और प्रेम के लिए आभार भी व्यक्त करते हैं।

 

 

पारसी समुदाय मुख्य रूप से अग्नि की पूजा करता है। हिंदू धर्म में अग्नि को वाहक माना जाता है, इसलिए पूजा के वक्त अग्नि में आहुति दी जाती है। अग्नि को पवित्र माना जाता है।

 

 

पारसी समुदाय के लिए नववर्ष नवरोज यानी नया दिन आस्था और उत्साह का संगम है। नवरोज, फारस के राजा जमशेद की याद में मनाते हैं जिन्होंने पारसी कैलेंडर की स्थापना की थी। इस दिन पारसी परिवार के लोग नए कपड़े पहनकर अपने उपासना स्थल फायर टेंपल जाते हैं और प्रार्थना के बाद एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं।

 

Author : tvl7

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