समाजसेवी शबीना खान को जान से मारने की रची जा रही है साजिश, शिकायत के दर्ज करने के बाद भी पुलिस मौन

  • 10 February,2019
  • 360 Views
समाजसेवी शबीना खान को जान से मारने की रची जा रही है साजिश, शिकायत के दर्ज करने के बाद भी पुलिस मौन

नई दिल्ली: हमारे देश में सरकार या सिस्टम के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोग को साजिश करके मार दिया गया| कई समाजसेवी जो हमारे लिए और देश के ग़रीबों के लिए हमेशा आवाज़ उठाते रहते है| जिसकी बदौलत हम लोग सरकार की झूठी अफवाह को भी हम जान पाते है, कि धरातल पर है क्या…? चाहें वो दिल्ली कि सरकार हो या राज्य की सरकारें हमेशा चुनाव का लाभ ही उठना चाहती है, जिससे उनकी सरकार बन जाए|

 

हम बात कर रहे है प्रेसिडेंट ‘हमारी आवाज़ फॉउंडेशन समाजसेवी’  शबीना खान की|  समाजसेवी शबीना खान हमेशा गरीबो की मदद करती रही है, गरीबो की मसीहा माने जाने वाली शबीना खान पर कुछ अवैध बिल्डर जान से मारने की कोशिश कर रहे है|

 

दिल्ली के ओखला में हमारी आवाज़ फॉउंडेशन की फाउंडर एवं समाजसेवी शबीना खान के वषों से दिल्ली में सफाई अभियान चला रही है, ओखला में एक अवैध निर्माण किया जा रहा था| जिससे काफी गंदगी और वहां के स्थानीय लोगों और स्कूल के बच्चो को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, कई बार मना करने के बावजूद बिल्डर नही मान रहे थे|

 

 

शबीना खान ने परेशान होकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया, उसके बाद बिल्डर शबीना खान के घर आकर जान से मारने की धमकी दिया, लेकिन दिल्ली पुलिस कोई कार्यवाही नही कर रही है, उल्टा समाजसेवी शबीना खान को ग़लत और झूठे case में फ़साने की दे रही है धमकी|

 

शबीना खान ने बिल्डर के खिलाफ MCD में भी शिकायत दर्ज किया लेकिन MCD भी उन बिल्डर के खिलाफ कोई एक्शन नही ले रही है, ज़ाहिर सी बात है,  की पुलिस और MCD अधिकारियों की मिली भगत से बिल्डर अपना अवैध कारोबार चला रहे है, और इस तरह से समाजसेवी को खुलेआम धमकी मिल रही है.  इससे लगता है Crime के खिलाफ पुलिस का रवैया सख्त बिल्कुल भी नही है।

 

 

बता दें कि, अभी हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में शबीना खान (Social worker Shabina Kha)  से बात की| उन्होने दिल्ली के स्कूलों के बारे में जानकारी दी| सामाजिक कार्यकर्ता शबीना खान ने कहा कि,  दिल्ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) और छोटे मुखिया मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) लगातार इस बात का ढ़ोल पीटते रहे हैं,  कि उन्होंने दिल्ली में दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की दशा बदल दी है।

 

 

अभी हाल ही में शबीना खान ने अरविंद केजरीवाल की सरकार के शिक्षा खिलाफ भी उन्होने हमें बताया था किं  दिल्ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) और छोटे मुखिया मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) लगातार इस बात का ढ़ोल पीटते रहे हैं,  कि उन्होंने दिल्ली में दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की दशा बदल दी है।

 

 

उन्होने  कहा था कि,  कई बार सोशल मीडिया पर इस तरह की फोटो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं एंव समर्थकों द्वारा पोस्ट की जाती रही हैं जिसमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों का ढ़ंग ‘लग्ज़री’ स्कूल की तरह दिखाया जाता है। दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्कूलों पर कार्य किया होगा|

 

समाजसेवी शबीना खान ने कहा  था कि, इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन सवाल यह है कि वह कार्य कहां और किन क्षेत्रों में किया गया है ? दिल्ली के मुस्लिम बाहुल्य इलाक़े ओखला एंव जामियानगर में तीन स्कूल हैं|  उन्होने कहा था कि, जिसमें से जसोला स्कूल ज्वलंत उदाहरण है,  जहां पर 2500 छात्र/छात्राओं पर सिर्फ 35 स्थायी अध्यापक हैं, इसी तरह ओखला की सात लाख की आबादी पर सिर्फ एक स्कूल में 120 छात्रों के लिये ही साईंस का कोर्स है, और इस विद्यालय में भी बीते दो साल से साईंस और गणित का अध्यापक ही नही है।

 

 

उन्होने कहा था कि,  हद तो यह है कि जसोला स्कूल में चार अध्यापक जो रहते तो राजस्थान में हैं लेकिन वेतन वे दिल्ली सरकार से लेते हैं, इस स्कूल में घंटा तक नही है, लेकिन दिल्ली सरकार शिक्षा क्रान्ति का ढ़ोल पीटने में कोई कमी नहीं छड़ रही है।

 

 

दिल्ली में छ अल्पसंख्यक विद्यालय बंद कर दिये गए हैं, और दिल्ली सरकार जहां इतनी बड़ी ‘शिक्षा क्रान्ति’ करने का ढ़ोल पीट रही है वहीं मुस्तफाबाद और शीलमपुर जैसे मुस्लिम इलाकों में अभी भी टैंट में स्कूल चल रहे हैं। दिल्ली के कुल तीन हजार सरकारी स्कूलों में डेढ़ लाख से अधिक कमरे पहले से ही मौजूद थे|

 

दिल्ली सरकार ने नए स्कूल बनाने के बजाय तमाम स्थापित मानकों के अनुसार बच्चों के खेल कूद के लिये छोड़ी गई ज़मीन पर नए कमरे बनवाकर बच्चो से खेल कूद की ज़मीन भी छीन ली|

 

दिल्ली के कई ग़रीब इलाकों, जैतपुर, मीठापुर, बदरपुर, तुगलकाबाद, संगम विहार के सरकारी स्कूलों की कक्षाओ के एक ही सेक्शन में डेढ़ सौ से भी ज्यादा छात्र/छात्राऐं हैं, केजरीवाल सरकार ने स्कूलों को अपनी फर्जी शिक्षा क्रान्ति के द्वारा राजनीति का अखाड़ा बना दिया है।

 

 

 

 

Author : kapil patel

Share With

Tag With

You may like

Leave A Reply

Follow us on

आपके लिए

TRENDING