एक वक्त था जब देश में बम धमाके होते रहते थे, लेकिन आज सबकुछ जम्मू-कश्मीर तक सिमट गया है : PM मोदी

  • 30 January,2019
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एक वक्त था जब देश में बम धमाके होते रहते थे, लेकिन आज सबकुछ जम्मू-कश्मीर तक सिमट गया है : PM मोदी

गुजरात : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi)  ने गुजरात के सूरत में न्यू इंडिया यूथ कॉन्क्लेव 2019(New India Youth Conclave 2019)  को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, नौजवान देश का भविष्य है और आज उत्साह और उमंग से भरे हुए इन नौजवानों के बीच में मुझे भी एक नया जोश मिल रहा है| दुनिया में आज हिंदुस्तान का डंका बज रहा है। इसका एकमात्र कारण आपका वोट है, जो मुझे दिन रात जागकर कुछ करने की प्रेरणा देता है|

 

New India Youth Conclave को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि,  न मेरा रोने में विश्वास है न रुलाने में विश्वास है, मुझे देश को आगे चलाने में विश्वास है और देश चल पड़ा है। हर कोई नए सपने लेकर निकल पड़ा है| हमारा सबसे बड़ा यही योगदान है कि हमने निराशा के गर्त में डूबे हिंदुस्तान को आशा व विश्वास से भर दिया है। यही ताकत देश को आगे ले जाएगी|

 

पीएम मोदी ने कहा कि, ये बात सही है कि हमारे आने से पहले 2004 से 2014 तक सबके मन में यह बात घर कर गयी थी कि अब कुछ भी नहीं बदल सकता है। लेकिन हमने आते ही सबसे पहले उस मानसिकता को बदलने का काम किया है|

 

उन्होंने कहा कि, 26/11 याद है ना… और हमारी सरकार में उरी हुआ था फिर आपको पता है क्या हुआ, सर्जिकल स्ट्राइक ये फर्क है। ये बदलाव है|जवान के खून की एक-एक बूंद खून पवित्र होती है। जो आग उस जवान के दिल में थी, वही आग इस प्रधानमंत्री के दिल में भी थी और उसी का परिणाम है सर्जिकल स्ट्राइक|

 

Modi ने कहा कि, वो भी एक वक्त था जब देश के अलग अलग इलाकों में बम धमाके होते रहते थे, लेकिन आज सबकुछ जम्मू कश्मीर तक सिमट गया है| इस देश में बलात्कार पहले भी होते थे और आज भी ऐसी दुखद घटनाएं सुनने को मिलती हैं..

 

इस देश में बलात्कार पहले भी होते थे और आज भी ऐसी दुखद घटनाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन आज अपराधियों को 3,7,11,30 दिन में फांसी होती है। उन बेटियों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे|

 

 

उन्होंने कहा कि, मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ इतनी बड़ी लड़ाई इसीलिए छेड़ पाया हूं, क्योंकि मैं एक सामान्य परिवार से आया हूं। मैं भी अगर बड़े घराने से आया होता तो मुझे भी डर रहता कि कल मेरी भी किताब खुल जाएगी तो क्या होगा लेकिन मेरी जिंदगी तो खुली किताब की तरह रही है|

 

 

 

Author : kapil patel

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