IPL 2019: खिताबी चौके के लिए चेन्नै को करने होंगे ये जरूरी काम

  • 11 May,2019
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IPL 2019: खिताबी चौके के लिए चेन्नै को करने होंगे ये जरूरी काम

नई दिल्ली: मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नै सुपर किंग्स- इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में एक बार और आमने-सामने। यह तस्वीर इस टूर्नमेंट के इतिहास में पहले भी देखी जा चुकी है। एक बार नहीं तीन बार। और तीन में से दो बार बाजी नीली जर्सी वालों के हाथ लगी है।

 

दोनों तीन बार की चैंपियन। दोनों में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी। एक और कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी तो दूसरी ओर हिटमैन रोहित शर्मा। इस सीजन में दोनों टीमें तीन बार भिड़ीं और तीनों बार जीत मुंबई के खाते में गई। रविवार को हैदराबाद में मुंबई की कोशिश जीत के इस सिलसिले को कायम रखने की होगी वहीं चेन्नै तीन हार का बदला एक सबसे अहम जीत से लेना चाहेगी।

 

 

चेन्नै की टीम की बात करें तो इसमें कोई शक नहीं कि वह लीग की सबसे कामयाब टीम कही जा सकती है। 12 में से 10 साल वह लीग का हिस्सा रही है। और 8 बार फाइनल में पहुंची है। हर टीम के खिलाफ उसका रेकॉर्ड बेहतर रहा है लेकिन बात जब मुंबई की आती है तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम के लिए तस्वीर बदल जाती है। दोनों टीमों के बीच हुए 27 मुकाबलों में मुंबई ने 16 में जीत हासिल की है और चेन्नै को 11 में जीत मिली है। तो ऐसे में चेन्नै क्या कर सकती है कि वह मुंबई को मात दे पाए।

 

 

तेज हो शुरुआत

चेन्नै सुपर किंग्स की सलामी जोड़ी- शेन वॉटसन और फाफ डु प्लेसिस के पास काफी अनुभव है। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे क्वॉलिफायर में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। दोनों ने अर्धशतक लगाए। लेकिन इस साल पावरप्ले में चेन्नै का औसत सभी टीमों के मुकाबले सबसे कम रहा है। उन्होंने पूरे सीजन में पावरप्ले में औसतन 6.29 रन प्रति ओवर की दर से ही रन बनाए हैं। यह काफी नहीं कहा जा सकता। फाफ और वॉटसन को हाथ खोलने होंगे। इससे मुंबई पर दबाव पड़ेगा और साथ ही उसे जसप्रीत बुमराह को बाद के ओवरों के लिए रोककर रखने की रणनीति पर भी असर पड़ेगा। बीते साल फाइनल में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने सेंचुरी लगाकर टीम को जीत दिलाई थी और चेन्नै को उम्मीद होगी कि बड़े मैच में उनके बड़े खिलाड़ी और दम दिखाएं।

 

 

धोनी को मिले साथ
सलामी जोड़ी के अच्छे प्रदर्शन से अब तक फॉर्म से जूझ रहे सुरेश रैना और अंबाती रायुडू जैसे मिडल ऑर्डर बल्लेबाजों को थोड़ा अधिक सहारा मिलेगा। इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी पर भी दबाव कम होगा। धोनी इस साल अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। वह चेन्नै के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 14 मैचों में तीन अर्धशतकों की मदद से 414 रन बनाए हैं। अब अगर ओपनर्स और टॉप ऑर्डर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो धोनी खुद को बैटिंग ऑर्डर में प्रमोट भी कर सकते हैं। वह अगर ऊपर बल्लेबाजी करने आएंगे तो मुंबई को भी उन्हें रोकने के लिए जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी पर लगाना पड़ सकता है जिससे उसकी डेथ बोलिंग की स्ट्रेटरजी पर असर पड़ सकता है।

 

 

अनुभव को दिखाना होगा दम
चेन्नै का मिडल ऑर्डर अभी तक रंग नहीं दिखा पाया है। सुरेश रैना और अंबाती रायुडू अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं। रैना जिन्हें आईपीएल का एक्सपर्ट कहा जाता है, इस बार उस रंग में नहीं दिखे जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। रैना ने 16 मैचों में 25 के औसत से 375 रन बनाए हैं वहीं रायुडू ने 16 मैचों में 281 रन बनाए हैं। इन दोनों पर बड़ा दारोमदार है। दोनों खिलाड़ी जमने के बाद क्रिकेटीय शॉट्स के जरिए भी तेजी से रन बना सकते हैं। इसके अलावा ड्वेन ब्रावो और रविंद्र जडेजा को भी नंबर छह-सात पर अपनी भूमिका और सक्रिय ढंग से निभानी होगी। दोनों काबिल बल्लेबाज हैं और चेन्नै को सीजन के सबसे बड़े मुकाबले में अपने इन दो अनुभवी खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

 

 

रोहित और डि कॉक के सामने स्पिन
मुंबई के लिए रोहित शर्मा और क्विंटन डि कॉक दोनों को गेंद का तेजी से बल्ले पर आना पसंद है। ऐसे में चेन्नै अपने स्पिनर्स की तिकड़ी में से किसी को आजमा सकता है। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनैशनल स्टेडियम की पिच पर उछाल अच्छा है और अगर स्पिनर्स इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर पाएं तो मुंबई की इस सलामी जोड़ी को आजमाया जा सकता है। साउथ अफ्रीकी विकेटकीपर बल्लेबाज डि कॉक का स्ट्राइक रेट तेज गेंदबाजी के सामने 150 के ऊपर है जबकि फिरकी के सामने यह 97.22 का आ जाता है। वहीं रोहित भी पारी की शुरुआत में पेस को पसंद करते हैं।

 

 

कौन होगा माही का तुरुप का पत्ता
महेंद्र सिंह धोनी सरप्राइज के लिए जाने जाते हैं। खिलाड़ियों की खराब फॉर्म के बावजूद वह उन्हें पूरा समर्थन देते हैं। शेन वॉटसन इसका उदाहरण हैं। इसके अलावा यह बात भी देखने वाली है कि धोनी जीत के लिए किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रहते। उनकी कोशिश होती है हर मैच में नया मैच-विनर निकले। इस साल भी धोनी की टीम के कई खिलाड़ियों ने अलग-अलग मैच में अच्छा प्रदर्शन किया। पर सवाल यह है कि इस बार यह खिलाड़ी कौन हो सकता है। ऐसे में नजर कर्ण शर्मा पर जा रही है। बीते साल फाइनल में धोनी ने हरभजन पर तरजीह देते हुए इस लेग स्पिनर को चुना था। हालांकि सनराइजर्स की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज थे लेकिन चेन्नै के कप्तान ने लेग स्पिनर पर भरोसा जताया। शर्मा ने तीन ओवरों में 25 रन देकर एक विकेट लिया था। क्या शर्मा को फिर मौका दिया जाएगा। हालांकि शर्मा ने 2017 में भी हरभजन को रिप्लेस किया था लेकिन इस बार टीम मुंबई की थी। उन्होंने मुंबई की ओर से कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ दूसरे क्वॉलिफायर में 16 रन देकर चार विकेट लिए थे।

 

 

 

Author : Ashok Chaudhary

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