केरल में निपाह वायरस का प्रकोप: 86 लोगों को निगरानी में रखा गया, 2 संदिग्ध, इलाज करने वाली 2 नर्सों को हुआ गले में खराश और बुखार 

  • Line : kapil patel
  • 04 June,2019
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केरल में निपाह वायरस का प्रकोप:  86 लोगों को निगरानी में रखा गया, 2 संदिग्ध, इलाज करने वाली 2 नर्सों को हुआ गले में खराश और बुखार 

केरल : केरल में एक बार फिर निपाह वायरस (Nipah virus Case) का प्रकोप फैलता दिख रहा है। केरल के कोच्चि शहर में 23 साल के एक कॉलेज छात्र के इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने निपाह वायरस की पुष्टि है। उन्होंने बताया है कि – कोच्चि के एर्नाकुलम के एक व्यक्ति को पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट से आए परिणामों में सकारात्मक परीक्षण किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि, 86 लोग निगरानी में, हम जल्द ही पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट से एक परिणाम प्राप्त करेंगे। स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से सुसज्जित है। कोच्चि के एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज में विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है|

 

 

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने Nipah Virus पर  कहा कि आज सुबह मैंने स्वास्थ्य सचिव समेत अन्य सभी अधिकारियों के साथ अपने आवास पर एक बैठक की। कल ही हमने छह अधिकारियों की एक टीम को केरल भेजा था।  उन्होंने कहा कि मैंने केरल के स्वास्थ्य मंत्री को केंद्रीय सरकार से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। हम वायरस के परीक्षण के लिए चमगादड़ों के विषय में उनकी मदद लेने के लिए वन्यजीव विभाग के संपर्क में हैं। मुझे नहीं लगता कि घबराने की कोई जरूरत है।

 

 

 

केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि छात्र जिन 86 लोगों के संपर्क में आया, उनकी सूची तैयार कर ली गई है और वे चिकित्सीय निगरानी में हैं। उन्होंने कहा कि 86 मरीजों में से 2 को संदिग्ध माना गया, दोनो को भर्ती किया गया है। मरीज का इलाज करने वाली 2 नर्सों को शुरू में गले में खराश और बुखार है। दूसरे मरीज का नमूना NIV अलप्पुझा, मणिपाल प्रयोगशाला और NIV पुणे को भेजा जाएगा|

 

 

 

 

 

 

सीएम को दी जानकारी, निबटने की पूरी तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री पी. विजयन को इस घटनाक्रम के बारे में बताने के बाद मंत्री कोच्चि पहुंची। उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है और कहा है कि डरने की कोई जरुरत नहीं है, सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि कोझीकोड से चिकित्सा विशेषज्ञ पहले ही कोच्चि पहुंच गए हैं और स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं तथा चिकित्सा उपकरण हैं।

 

 

 

 

पिछले साल भी फैला था प्रकोप 

 

केरल में पिछले साल भी निपाह वायरस का प्रकोप फैला था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साल कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों में निपाह वायरस से सफलतापूर्वक जंग लड़ी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में अफवाह न फैलाने की अपील की है। कहा है कि किसी भी तरह की गलत जानकारी फैला कर कोई भी नागरिक जनता के बीच डर पैदा ना करें।

 

 

पिछले साल केरल में निपाह वायरस ने कहर बरपाया था। इस वायरस के संक्रमण से 17 लोगों की मौत हो गई थी। तब इस वायरस के फैलने और ये कहां से आ रही है इसे जानने के लिए देश के बड़े मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स ने इस पर रिसर्च किया था।

 

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वायरस चमगादड़ से फैलता है। इन्हें फ्रूट बैट कहते हैं। चमगादड़ किसी फल को खा लेते हैं और उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खाता है तो संक्रमित हो जाता है। निपाह वायरस इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत तेज सिरदर्द और बुखार से होती है। इससे संक्रमित व्यक्ति की मृत्युदर 74.5% होती है।

 

 

 

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