पायल तड़वी आत्महत्या मामला: आरोपी एक डॉक्टर गिरफ्तार, दो अन्य महिला डॉक्टर अभी भी फरार

  • 28 May,2019
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पायल तड़वी आत्महत्या मामला: आरोपी एक डॉक्टर गिरफ्तार, दो अन्य महिला डॉक्टर अभी भी फरार

नई दिल्ली: Payal Tadvi Suicide Case: महाराष्‍ट्र के मुंबई में नायर हॉस्पिटल में एमडी की पढ़ाई करने वाली डॉ पायल तडवी की आत्महत्या मामले में पुलिस ने एक आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है| मुंबई के नायर अस्पताल की मेडिकल छात्रा पायल तड़वी ने कथित तौर पर अपने तीन सीनियरों की ओर से बार-बार होने वाले जातीय टिप्पणी से तंग आकर खुदखुशी कर ली थी|

 

 

 

मुंबई में नायर हॉस्पिटल में एमडी की पढ़ाई करने वाली डॉ पायल तडवी की आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपी तीन डॉक्टरों में से एक को हिरासत में लिया गया है| पुलिस ने आरोपी महिला डॉक्टर भक्ति मेहरे को मुंबई से गिरफ्तार किया है. दो अन्य महिला डॉक्टर आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है|छात्रा के माता-पिता की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने तीन सीनियर डॉक्‍टर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया था|

 

 

 

मेडिकल छात्र पायल तडवी आत्महत्या का मामलें में राष्ट्रीय महिला आयोग ने BYL नायर अस्पताल के निदेशक को एक जांच के लिए अनुरोध की है और मामले में की गई कार्रवाई को राष्ट्रीय महिला आयोग को अवगत कराने को कहा है| वही इससे पहले आज ही पायल तडवी आत्महत्या का मामला में बयल नायर अस्पताल ( BYL Nair Hospital) के स्त्री रोग विभाग (Gynaecology Department) के प्रमुख को अगले नोटिस तक निलंबित कर दिया गया था ।

 

 

पायल तडवी के पति डॉ. सलमान ने कहा है कि, हम चाहते हैं कि सरकार हस्तक्षेप करे, पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यह संभव है कि पायल की हत्या 3 महिला डॉक्टर ने की थी| परिजनों का आरोप है कि आरोपी डॉक्‍टर्स उनकी बेटी का मानसिक उत्‍पीड़न के साथ ही जातीय टिप्‍पणी भी करते थे. सीनियर्स के इस व्‍यवहार से पायल बेहद परेशान रहती थी और इसी कारण उसने ये कदम उठाया|

 

 

 

मुंबई के नायर अस्पताल में मई 2018 में पायल तड़वी का एडमिशन हुआ था और वो इसी अस्पताल में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर तैनात थी. एडमिशन आरक्षित कोटे से होने के कारण उसके तीन सीनियर सहयोगी इस बार पर उसे प्रताड़ित करते थे और बार-बार इसका जिक्र भी करते थे. यह सिलसिला कई महीनों तक चला. छात्रा ने इसकी शिकायत हॉस्टल के अधिकारियों से भी की थी लेकिन हुआ कुछ नहीं. 22 मई को कथित तौर पर इस परेशानी से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है.

 

 

 

पीड़ित के सहयोगियों के अनुसार एडमिशन के बाद से ही सीनियर लगातार रैगिंग और टॉर्चर कर रहे थे. और शिकायत के बावजूद कोई सहायता नहीं मिलने के कारण हालात और खराब हो गए. हादसे के बाद कई छात्रों ने इसके खिलाफ अस्पतालों में प्रदर्शन भी किया.अस्पताल के अधिकारियों ने जहां इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं तो वहीं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 306 और एससी एसटी कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

 

 

 

मुंबई में मेडिकल स्टूडेंट पायल तड़वी की आत्महत्या मामले पर यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कल यानी सोमवार को कहा था अनुसूचित जनजाति की होनहार डॉ. पायल तड़वी की आत्महत्या मूलत: उनकी जाति और आरक्षण पर की गयी अपमानजनक शाब्दिक हिंसा का परिणाम है. ये मूलत: उनकी हत्या है और संविधान द्वारा दिये गये संरक्षण की भी. क्या यही देश की नई दिशा है….?

 

 

अखिलेश यादव के अलावा गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने रोष जताया था|जिग्नेश मेवानी ने पायल की आत्महत्या की खबर शेयर करते हुए लिखा है कि जो भी लोग ऐसा मानते हैं कि जाति शहरी/आधुनिक भारत में अस्तित्व नहीं रखती है, उन्हें ये खबर पढ़नी चाहिए|देश की आर्थिक राजधानी में एक मेडिकल की छात्रा की आदिवासी पृष्ठभूमि के कारण रैगिंग ली गई और प्रताड़ित किया गया| इस वजह से उसे आत्महत्या करनी पड़ी|  उसकी शिकायतों को कॉलेज प्रशासन द्वारा नजरअंदाज किया जाना बताता है कि हमारे संस्थान आदिवासियों, दलितों और महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के प्रति कितने बेफिक्र हैं|

 

 

 

इस मामले पर जेएयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ट्वीट कर रोष जाहिर किया था | कन्हैया ने लिखा था – जातिवाद ने पायल जैसी प्रतिभाशाली डॉक्टर की जान ले ली| दोषियों को सज़ा दिलाने की मांग करने के साथ जातिगत भेदभाव के तमाम मामलों में न्याय दिलाने के लिए पूरे देश के स्तर पर आंदोलन करने की जरूरत है| रोहित वेमुला के मामले में भी अभी तक दोषियों को सज़ा नहीं मिली है|

 

 

 

 

 

Author : kapil patel

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