Bhai Dooj 2018: क्यों मनाते हैं भाई दूज

  • 09 November,2018
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Bhai Dooj 2018: क्यों मनाते हैं भाई दूज

नई दिल्ली: Bhai Dooj 2018भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है भाई दूज (Bhai Dooj) का पर्व. इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों के तिलक लगाकर उन्हें सूखा नारियल देती हैं और लंबी उम्र की कामना करती हैं. बदले में भाई बहन को रक्षा का वचन और तोहफे देता है| शादीशुदा महिलाएं अपने भाइयों को घर पर आंमत्रित करती हैं| उन्हें घर बुलाकर तिलक लगाकर खाना खिलाती हैं| वहीं, आजकल दौज के दौरान भाई-बहन एक दूसरे को फोन के जरिए ही शुभकामनाएं भेजते हैं और कई बधाई मैसेज करते हैं|

 

 

मान्यता है कि इस पर्व की शुरुआत मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना से हुई| पौराणिक कथा अनुसार सूर्य पुत्री यमी अर्थात् यमुना ने अपने भाई यम को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अपने घर निमन्त्रित कर अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराया। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने अपनी बहन यमुना से एक वरदान मांगने को कहा।

 

तब यमुना ने अपने भाई यम से यही वरदान मांगा कि आज के दिन जो बहन अपने भाई को निमन्त्रण कर अपने घर बुलाएं, उन्हें भोजन कराएं और उनके माथे पर तिलक करें तो उन्हें आपका अर्थात् यम का भय ना हो। ऐसा कहने पर यमराज ने अपनी बहन को तथास्तु कहकर यह वरदान प्रदान किया। अत: आज के दिन जो भाई अपनी बहन के यहां भोजन करता है उन भाई-बहनों को यम का भय नहीं होता।

 

 

पंजाब के अमृतसर भाईदुज celebrations के दृश्य

 

 

 

प्रयागराज

 

 

भाई दूज तिलक का मुहूर्त :
दोपहर 01 बजे 16 मिनट से शुरू होकर 03 बजकर 28 मिनट तक

द्वितीय तिथि प्रारंभ – 21:07 बजे से (8 नवंबर 2018)
द्वितीय तिथि समाप्त – 21:20 बजे तक (9 नवंबर 2018)

 

 

Author : kapil patel

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