प्लॉट आवंटन केस : CBI ने पूर्व CM भूपेंदर सिंह हुड्डा, मोतीलाल वोरा के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया

  • 01 December,2018
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प्लॉट आवंटन केस : CBI ने पूर्व CM भूपेंदर सिंह हुड्डा, मोतीलाल वोरा के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हरियाणा के पंचकुला में संस्था साजिश के पुन: आवंटन के संबंध में  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।आरोप पत्र आईपीसी की धारा 120बी, 420, 13(2) और 13(1) के तहत दाखिल किया गया है।एजेंसी का आरोप है कि सी-17 नाम के जमीन के टुकड़े को दोबारा आवंटित करने की वजह से राजकोष को 67 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

 

 

आरोपपत्र के संबंध में मोतीलाल वोरा ने कहा कि, सरकार बुरे इरादे से काम कर रही है। मामला sub-judice में है और सच्चाई आखिरकार जीत जाएगी। हम चार्जशीट का जवाब देंगे। इस मामले में कोई अनियमितता नहीं है।

 

 

 

 

 

भूपिंदर सिंह हुड्डा, और मोतीलाल वोरा  के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट पर सीपीआई प्रमुख सीताराम येचुरी ने कहा कि, हम देख रहे कि आंध्र प्रदेश और हर जगह अब होने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ ये मामले चल रहे हैं। इन सभी संस्थानों को स्वतंत्र होने की आवश्यकता है इस तरह से उपयोग किया जा रहा है|

 

 

 

​​बीएस हुड्डा, मोतीलाल वोरा और एजेएल के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट पर कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि,  चुनाव के रूप में, सरकार इस तरह के कृत्यों में शामिल है। 5 साल खत्म होने वाले हैं, उनके पास सभी शक्तियां हैं लेकिन क्या उनके पास कोई सबूत है? उनका एकमात्र उद्देश्य चुनाव के दौरान इस तरह के औजारों का उपयोग करना है।

 

 

अभिषेक सिंघवी ने कहा कि, हमने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मतदान केंद्र के बारे में EC को सूचित किया है, जहां नामों को हटाने की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है। 100 forms में से 58 गलत विवरण से भरे हुए थे। इससे 16000 मतों का अंतर हो सकता है। यह चुनाव परिणाम बदल सकता है|

 

 

 

 

 

 

बता दें कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड (एजेएल) कंपनी को 2005 में 1982 की दरों पर प्लॉट अलॉट करवाया। मामले में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा विजिलेंस विभाग ने अप्रैल-2016 में मामला दर्ज किया था।

 

 

 

 

Author : kapil patel

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