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अगस्ता वेस्टलैंड :- सीबीआई को मिली कामयाबी

  • 05 December,2018
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अगस्ता वेस्टलैंड :- सीबीआई को मिली कामयाबी

नई दिल्ली: वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड केस की चल रही सीबीआई जांच में तेजी आने की उम्मीद है. लंबी कोशिशों के बाद इस डील के एक प्रमुख बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को यूएई से भारत लाया गया है. अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के एक प्रमुख बिचौलिए मिशेल को यूएई से भारत लाया गया है|  सीबीआई पूछताछ कर उससे राज उगलवाने की कोशिश करेगी|  वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड केस की चल रही सीबीआई जांच में तेजी आने की उम्मीद है|

 

 

लंबी कोशिशों के बाद इस डील के एक प्रमुख बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को यूएई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है| सीबीआई उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करेगी|  मिशेल के प्रत्यर्पण का मामला यूएई की अदालत में चल रहा था| मिशेल के प्रत्यर्पण को भारत की बड़ी राजनयिक सफलता माना जा रहा है|

 

 

 

फिलहाल सीबीआई ने कोर्ट से मिशेल की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की। जिसके बाद कोर्ट ने मिशेल को 5 दिन की सीबीआई न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 

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कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी स्थिति बहुत स्पष्ट कर दी है। प्रधान मंत्री को समझाया जाना चाहिए कि उन्होंने राफले पर श्री अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये क्यों दिए :हैदराबाद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 

 

 

 

3600 करोड़ में लिए जाने थे 12 हेलिकॉप्टर

2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलि‍कॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था. जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपये के करार को रद्द कर दिया. आरोप था कि इसमें 360 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया.

 

इसके बाद भारतीय वायुसेना को दिए जाने वाले 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी. जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और बाकी तीन अन्य हेलीकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी. यह मामला इटली की अदालत में चला जिसमें ये बातें उजागर हुईं कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को 100-125 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी थी. इतालवी कोर्ट के फैसले में पूर्व आईएएफ चीफ एस पी त्यागी का भी नाम सामने आया था.

 

 

 

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले का खुलासा होने के बाद यूपीए सरकार को विपक्ष ने घेर लिया था. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की गई थी इस मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए. यह भी आरोप लगे थे कि मोदी सरकार ने इटली से सोनिया गांधी के खिलाफ सबूत मांगे थे.

 

कंपनी के पूर्व प्रमुख को सुनाई गई थी सजा वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बिक्री में गलत ‘अकाउंटिंग’और भ्रष्टाचार करने को लेकर फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख गुसेप ओर्सी को साढ़े चार साल कैद की सजा सुनाई गई. इतालवी रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी ने 3,600 करोड़ रुपये में 12 चॉपर की डील की थी, जिसमें भ्रष्टाचार को लेकर मिलान की अपीलीय अदालत ने 2014 के पिछले अदालती आदेश को पलट दिया.

 

 

फर्जी बिल बनाने का आरोप

फिनमेकानिका हेलिकॉप्टर की अनुषांगिक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ बुर्नो स्पागनोलीनी को अदालत ने चार साल की कैद की सजा सुनाई थी. अदालत ने भारत सरकार को 12 हेलीकॉप्टरों की बिक्री में भी दोनों को दोषी पाया. ओर्सी और स्पागनोलीनी दोनों पर अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार और भारत के साथ अनुबंध में करीब 4,250 करोड़ रुपये के रिश्वत के लेने-देन के सिलसिले में फर्जी बिल बनाने का आरोप है.

 

 

क्रिश्चियन मिशेल कनेक्शन

 

आरोप है कि मिशेल एक बिचौलिया है जो जिसने सौदे अगस्ता वेस्टलैंड समझौते को अंजाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पिछले दिनों इंडिया टुडे ने दुबई की जेल से ही क्रिश्चियन मिशेल का इंटरव्यू किया था. जिसमें उसने अपने पिछले बयान पर कायम रहते हुए कहा था कि इस डील में यूपीए सरकार की लीडरशिप शामिल नहीं थी. मिशेल ने ये भी बताया था कि उसे एक डील साइन करने के लिए कहा गया था जिसमें कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ बातें थीं, लेकिन उसने इस डील को ठुकरा दिया.

 

 

 

Author : Ashok Chaudhary
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