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अगस्ता-वेस्टलैंड मामला: बीजेपी और कांग्रेस आमने – सामने

  • 06 December,2018
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अगस्ता-वेस्टलैंड मामला: बीजेपी और कांग्रेस आमने – सामने

नई दिल्ली: अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर (AgustaWestland Case) अगस्ता-वेस्टलैंड मामले पर कांग्रेस ने गुरुवार को बीजेपी पर जमकर हमला बोला| कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि, अगस्ता-वेस्टलैंड के बारे में 2016 से बीजेपी चिल्ला रही है। पिछले 4.5 वर्षों से बीजेपी, उनके ईडी और सीबीआई को किसी भी कांग्रेस नेता के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। लेकिन अब वे एक निष्कासित कांग्रेस नेता के आधार पर कांग्रेस के नाम को अगस्ता के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

 

 

 

कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि, क्या सीबीआई बीजेपी-अगस्ता की गठबंधन की जांच करेगी और उन्हें मेक इन इंडिया कार्यक्रम में शामिल करेगी, उन्हें पहले सरकार(UPA) के फैसले को खत्म कर नौसेना के हेलीकॉप्टरों के लिए बोली लगाने के लिए उनका स्वागत है|  सीबीआई ने संदेह के रडार में होने के बावजूद, फिनमेक्निकिका में आकस्मिक रूप से अगस्ता को बढ़ावा देने के बीजेपी के कोण की जांच नहीं की है

 

 

11 दिसम्बर को भाजपा का कमल का फूल मुरझाने वाला है और कांग्रेस का विकास का परचम लहराने वाला है|

 

भाजपा अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में दामदार है और भागीदार भी है|

 

 

कांग्रेस पार्टी ने गुनाहगार को सजा दी, जबकि भाजपा ने तो अगस्ता वेस्टलैंड की ताजपोशी की और मेक इन इंडिया की लिस्ट में लेकर आये|

 

 

पिछले साढ़े चार साल से मोदी जी को, उनकी ईडी को, सीबीआई को कांग्रेस के किसी भी नेता के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, तो अब बौखलाहट और घबराहट में मनगढ़ंत कहानी गढ़के कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश कर रही है|

 

 

क्या ये सच नहीं कि श्री अरुण जेटली जी का परिवार नीरव मोदी का वकील है और जब रंगे हाथ पकड़े गये तो पैसा वापस कर दिया|

 

 

सच्चाई ये है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ती है और भाजपा भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिये लड़ती है|

 

 – कांग्रेस पार्टी अगस्ता केस में शिकायतकर्ता है, कांग्रेस सरकार ने ही सीबीआई को जाँच के आदेश दिए थे। फरवरी, 2013 में यूपीए सरकार ने अगस्टा वेस्टलैंड सौदे को रद्द कर दिया|

 

-कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने के बावजूद बीजेपी अगुस्ता मामले का रैकेट बना रही है। बीजेपी एक वकील को जोड़ रही है, जिसे कांग्रेस से निकाल दिया गया है, जबकि जेटली की बेटी और दामाद ने नीरव मोदी से पैसा लिया है|

 

 – बीजेपी सरकार इटली में लड़े मामलों में अगुस्ता का समर्थन कर रही है। उन्होंने इटली में उच्च न्यायालय से अपील नहीं की, जब दो बार हार गई|

 

– श्री रविशंकर प्रसाद सहारा सुब्रत रॉय के वकील थे, जो चिट फंड घोटाले में शामिल थे।

 

– वित्त मंत्री जेटली ने स्टॉक मैनिप्ल्यूशन घोटाले(stock manipulation) में शामिल केतन पारेख का बचाव किया और भोपाल गैस त्रासदी में यूनियन कार्बाइड का भी बचाव किया|

 

 

 

 

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना 

 

अगस्ता-वेस्टलैंड मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधा| बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि, क्रिश्चयन मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से परेशान हुआ है। वे कारण जानते हैं। उन्होंने अपनी टीम को मिशेल की रक्षा के लिए भेजा था| ए.के जोसेफ ने कल कहा ‘किसी ने’ उन्हें केस लड़ने को कहा, वो किसी ‘कौन’ है इसका जवाब कांग्रेस दे|

 

 

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि क्रिश्चयन मिशेल ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि 42 मिलियन डॉलर मिला है लेकिन यह पूरा नहीं पड़ता है. क्योंकि 28 मिलियन यूरो तो सिर्फ एक फैमिली को देना है. इसलिए पूरे कांट्रेक्ट का 5 फीसदी हमें इस परिवार को देना है. यहां एक परिवार है जो किसी भी कीमत पर क्रिश्चियन मिशेल को बचाना चाहती है

 

 

क्रिश्चियन मिशेल को रिमांड की जरुरत नहीं है, ऐसा कांग्रेस पार्टी अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट में दलीले दे रही थी|’कांग्रेस का हाथ क्रिश्चियन मिशेल के बचाव के साथ’। ये साफ है कि मामा क्रिश्चियन मिशेल को बचाने का भरपूर प्रयास कर रही है कांग्रेस पार्टी|

 

 

 

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील: कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल को 5 दिन की CBI न्यायिक हिरासत में भेजा

 

 

 

क्या है पूरा मामला

 

 

मालूम हो कि अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े VVIP हेलीकॉप्टर घोटाले में इंडिया टुडे ने अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में दावा किया था कि दुबई से गिरफ़्तार किए गए मामले के एक आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की बहन शाशा ओज़मैन और वकील रोज़मैरी पैट्रिज़ी ने अलग अलग टेलीफोनिक बातचीत में कहा था कि, जांचकर्ता ने क्रिश्चियन मिशेल पर गलत बयान देने का दबाव बना रहे थे|

 

 

इन दोनों ने आरोप लगायाथा कि भारतीय जांच अधिकारी मिशेल से झूठे कबूलनामे पर दस्तख़त लेने की कोशिश कर रहे हैं| मिशेल की वकील और बहन का आरोप है कि ये झूठा कबूलनामा लेने की कोशिश की जा रही है कि जिस वक़्त हेलिकॉप्टर डील हुई थी, तब मिशेल की संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से निजी तौर पर पहचान थी|

 

अगस्ता वेस्टलैंड :- सीबीआई को मिली कामयाबी

 

इंडिया टुडे से बातचीत में मिशेल की वकील रोजमैरी पैट्रिज़ी ने बताया, ‘इस साल जांचकर्ता मिशेल से पूछताछ करने के लिए दुबई गए थे| वास्तव में वह उसका एक हस्ताक्षर चाीते थे. जांचकर्ता उससे कुछ ऐसा चाहते थे जो सच नहीं था| इसके बदले उसे आरोपमुक्त करने का लालच दिया गया था| उसने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया| इसके बाद जांचकर्ता वापस भारत आ गए और उसे गिरफ़्तार कर लिया गया|

 

 

गौरतलब है कि 2013 में संप्रग सरकार के समय अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला सामने आया था|  इसमें कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों पर अगस्ता वेस्टलैंड से मोटी घूस लेने का आरोप है| इतावली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से भारत ने 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था. यह सौदा 3600 करोड़ रुपये का था|  इसमें 360 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी की बात सामने आई जिसके बाद संप्रग सरकार ने सौदा रद्द कर दिया था

 

 

 

 

हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया

UPA-1 सरकार ने नए हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए  मार्च 2005 में अपनी कवाजद शुरू की| इस दौरान ज़्यादा दावेदारों द्वारा बोली लगवाने के लिए नए हेलिकॉप्टर्स की तकनीकी शर्तों में बदलाव किया गया| बता दें कि 2005 में ही मनमोहन सरकार ने इस डील में इंटीग्रिटी क्लॉज़ डाला, जिसके मुताबिक अगर किसी डिफेंड डील में कोई दलाल शामिल पाया गया, तो डील रद्द कर दी जाएगी| इसी शर्त की वजह से बाद में अगुस्टा-वेस्टलैंड डील विवाद की वजह बन गई थी| इस दौरान ही प्रणब मुखर्जी देश के रक्षामंत्री और एसपी त्यागी वायुसेना प्रमुख थे

 

 

 

 नया टेंडर हुआ जारी

सरकार ने सितंबर 2006 में 12 नए और वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए एक नया टेंडर जारी किया| इसके लिए तीन कंपनियों- ब्रिटेन की AW-101, अमेरिका की S-92 और  रूस की Mi-172 ने आवेदन किया. बता दें कि रूसी कंपनी का आवेदन शुरुआती दौर में ही खारिज हो गया

 

 

प्रस्ताव को मिली मंजूरी

UPA सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने फरवरी 2010 में कैबिनेट कमिटी के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें 12 हेलिकॉप्टर खरीदने का प्रस्ताव दिया गया था. इसका ठेका तब 556 मिलियन यूरो यानी करीब 3,546 करोड़ रुपए में अगुस्टा वेस्टलैंड को दिया गया.अगुस्टा वेस्टलैंड का हेडक्वॉर्टर ब्रिटेन में है, जबकि इसकी पैरंट कंपनी फिनमैकेनिका का हेडक्वॉर्टर इटली में

 

 

 

 

इटली की एजेंसियों का आरोप

इस डील को लेकर पहली बार इटली की जांच एजेंसियों ने फरवरी 2012 में दलाली की बात कही| इटली की एजेंसियों के मुताबिक फिनमैकेनिका ने यह ठेका हासिल करने के लिए भारत के कुछ नेताओं और वायुसेना के कुछ अधिकारियों को 360 करोड़ रुपए की रिश्वत दी|इटली की एजेंसियों ने इस डील में तीन दलालों- क्रिश्चियन मिशेल, गुइदो हाश्के और कार्लो गेरोसा के शामिल होने की बात कही|

 

 

 

सीबीआई को दी गई जांच

मार्च 2013 में भारत में इस डील की जांच CBI को सौंप दी गई| CBI ने पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके तीन भाइयों, ओरसी और स्पैग्नोलिनी समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया. हालांकि, इस समय तक इस डील में किसी नेता या अधिकारी का नाम सामने नहीं आया था

 

 

 

डील  रद्द  

यूपीए सरकार ने अगुस्टा वेस्टलैंड के साथ यह डील जनवरी 2014 में रद्द कर दी| उस दौरान जो पेमेंट पहले ही किया जा चुका था, उसे कवर करने के लिए अगुस्टा वेस्टलैंड द्वारा दाखिल की गई अडवांस बैंक गैरंटी को भुनाया गया. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सौदा करने के साथ इसकी सभी शर्तों को पूरा करने की गारंटी देने के लिए कंपनी ने 1,700 करोड़ रुपए की बैंक गैरंटी दी थी. यह पैसा भारत और इंटरनेशनल बैंकों में जमा था. रक्षा मंत्रालय ने डील के लिए 30% रकम अडवांस जमा की थी

 

 

गवर्नर एमके नारायणन से पूछताछ

CBI ने इस डील में रिश्वत के आरोप की जांच के सिलसिले में जून 2014 में पश्चिम बंगाल के तत्कालीन गवर्नर एमके नारायणन से बतौर गवाह पूछताछ की| नारायणन उस ग्रुप में शामिल थे, जिसने हेलिकॉप्टर खरीदने से पहले टेंडर प्रॉसेस देखा था| नारायणन 2005 में उस मीटिंग में भी शामिल थे, जिसमें हेलिकॉप्टर की टेक्निकल शर्तों में बड़े बदलावों की इजाज़त दी गई|वहीं, अक्टूबर 2014 में इटली की निचली अदालत ने ओरसी और स्पैग्नोलिनी को हेराफेरी के लिए दो साल की सज़ा सुनाई और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप माफ कर दिए

 

 

 

 इटली कोर्ट का फैसला

इटली की मिलान कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को अप्रैल 2016 में पलट दिया और अगुस्टा-वेस्टलैंड और फिनमैकेनिका के प्रमुखों को भ्रष्टाचार का दोषी मानती है| मिलान कोर्ट ने ओरसी को साढ़े चार साल और स्पैग्नोलिनी को चार साल का सज़ा सुनाती है| वहीं, भारत की पिछली UPA सरकार ने इटली के प्रॉसिक्यूटर्स को पर्याप्त सबूत और अहम दस्तावेज नहीं दिए| इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को भी भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया|

 

 

 मिशेल की गिरफ्तारी

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील मामले के मुख्य बिचौलियों में से एक क्रिश्चयन मिशेल को फरवरी 2017 में  UAE में गिरफ्तार कर लिया गया| इसके बाद से ही भारत मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए कोशिशें कर रहा था

 

 

सीबीआई ने बताया डील के लिए मिशेल आया भारत

अक्टूबर 2017 में CBI ने बताया कि दो या दो से ज़्यादा इंजन वाले हेलिकॉप्टर्स की ही बोली लगाई जा सकती थी| एक इंजन वाले हेलिकॉप्टर नीलामी के योग्य नहीं थे, इसलिए जानबूझकर दो इंजन से ठीक पहले कम से कम जोड़ा गया था| ऐसे में धोखे से EH-101 (इसे ही बाद में AW-101 के नाम से जाना जाता है) बोली के योग्य बना दिया गया| CBI ने बताया कि अगस्ता डील के दौरान मिशेल 25 बार भारत आया

 

 

कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण की इजाजत

दुबई की एक कोर्ट ने मिशेल को भारत को प्रत्यर्पित करने के लिए सितंबर 2018 में इजाज़त दे दी| इसी दौरान पता चला कि मिशेल अगस्ता डील से पहले भी भारत के रक्षा सौदों में दलाल के तौर पर भी शामिल रहा है| मिशेल ने बाद में माना कि वह फ्रांस के मिराज जेट की खरीदारी में कमीशन एजेंट रहा था और इटली की कंपनियों ने उसे भारत में ‘कामकाज’ कराने के लिए 4.86 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था|

 

 

 

भारत लाया गया मिशेल

4 दिसंबर 2018 को मिशेल को दुबई से भारत लाया गया| इसके बाद सीबीआई ने उससे मामले को लेकर पूछताछ शुरू की|

 

 

 

Author : kapil patel
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