बैठक बुलाए बिना, सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को हटा दिया गया : मल्लिकार्जुन खड़गे

  • 12 January,2019
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बैठक बुलाए बिना, सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को हटा दिया गया : मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली:  सेलेक्शन कमेटी की बैठक के बाद सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को उनके पद से हटाए जाने के सवाल पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, बैठक बुलाए बिना, निदेशक को हटा दिया गया। बैठक बुलाने के बाद भी, सभी दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। सीवीसी (CVC) की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई। इसमें जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट शामिल नहीं थी|

 

 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, हम किसी के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि हमें कानून के अनुसार चलना चाहिए। हम आलोक वर्मा का बचाव नहीं कर रहे हैं। सवाल नियुक्ति और समाप्ति की प्रक्रिया के बारे में है। दोनों पक्षों को सुना जाना चाहिए। केवल एक रिपोर्ट देखी गई और निर्णय लिया गया।

 

 

सेलेक्शन कमेटी की बैठक के बाद सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया|  यह फैसला 2-1 से लिया गया. कमेटी में शामिल विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस फैसले पर असहमति जताई थी जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट के जस्ट‍िस ए. के. सीकरी ने इसका समर्थन किया था| सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को बहाल करते हुए कहा था कि उन्हें हटाए जाने की प्रक्रिया गलत थी|

 

 

 

 

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान खड़गे ने कहा था कि वर्मा को दंडित नहीं किया जाना चाहिए और उनका कार्यकाल 77 दिन के लिए बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि इस अवधि के लिए वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया था| बैठक के दौरान जस्टिस सीकरी ने कहा कि वर्मा के खिलाफ कुछ आरोप हैं, इस पर खड़गे ने कहा था, ‘आरोप कहां  हैं …’?

 

 

बता दें कि,  सीबीआई केस में आलोक वर्मा (Alok Verma) को सीबीआई के डायरेक्टर पद से हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके पटनायक ने interview कहा कि आलोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के कोई साक्ष्य नहीं हैं|

 

जस्टिस पटनायक ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व वाले पैनल द्वारा आलोक वर्मा को हटाना बहुत ही जल्दबाजी में लिया गया निर्णय था| साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सीवीसी के निष्कर्ष मेरे नहीं हैं|  बता दें कि आलोक वर्मा के खिलाफ जांच पूरी तरह से सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की शिकायत पर आधारित थी| आलोक वर्मा के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा कथित भ्रष्टाचार की जांच की निगरानी जिम्मा एके पटनायक को ही सौंपा गया था|

 

 

 

Author : kapil patel

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