चुनाव में 100 दिन बचे हैं तभी क्यों मोदी सरकार को देश के आर्थिक रूप से ग़रीब लोगों की याद आई : कांग्रेस

  • 07 January,2019
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चुनाव में 100 दिन बचे हैं तभी क्यों मोदी सरकार को देश के आर्थिक रूप से ग़रीब लोगों की याद आई : कांग्रेस

नई दिल्ली:  मोदी सरकार के गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण(10% reservation) देने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने चुनावी जुमलेबाजी करार दिया और सरकार पर निशाना साधा है| कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला (Randeep Surjewala) ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि, चुनाव में 100 दिन बचे हैं तभी क्यों मोदी सरकार को देश के आर्थिक रूप से ग़रीब लोगों की याद आई है| रणदीप सूरजेवाला ने कहा कि, सरकार ने संसद में स्वीकार किया कि 24 लाख रिक्त पद हैं, जिन्हें मोदी सरकार ने नहीं भरा है। उन्होंने कहा कि,  हम नौकरियों में  आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन युवा पूछ रहे हैं कि उन्हें नौकरियां कब मिलेंगी…?

 

 

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि, चुनाव में 100 दिन बचे हैं तभी क्यों मोदी सरकार को देश के आर्थिक रूप से ग़रीब लोगों की याद आई है…?  उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार ने लगातार रोज़गार और रोटी को छीना है, देश के युवा मोदी जी से पूछ रहे हैं रोज़गार मिलेंगे कब…?

 

 

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा फैसला: गरीब सवर्णों को मिलेगा सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण

 

उन्होंने कहा कि, ग़रीबों के हक़ में उठाए गए हर क़दम का हम समर्थन तो करेंगे, लेकिन मूलभूत सवाल ये है कि रोज़गार मिलेंगे कब…? नौकरियों में आरक्षण देने के अलावा मोदी सरकार रोज़गार कब देगी…? रोज़गार के अभाव में देश के युवाओं को मोदी सरकार की मंशा पर शंका है|

 

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि, देश के ग़रीबों के उत्थान और प्रगति को लेकर हम अपने राजनीतिक विरोधियों के भी समर्थन में खड़े होंगे, ये हमारा अटूट निर्णय है। ऐसा करके हम ग़रीबों के साथ खड़े होंगे.

 

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, “क्या आपने इस बारे में चार साल और आठ महीने तक सोचा…? निश्चित तौर पर आचार संहिता लागू होने से तीन महीने पहले इस चुनावी जुमलेबाजी के बारे में सोचा गया।” आप जानते हैं कि आप कोटा की सीमा को 50 फीसदी से ज्यादा नहीं कर सकते। इसलिए आप यह दिखाना चाहते हैं कि आपने प्रयास किया, लेकिन नहीं हो पाया।”

 

 

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है।

 

 

 

Author : kapil patel

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