जम्मू-कश्मीर में हलचल तेज Update: फोन और मोबाइल इंटरनेट की सेवा बंद, कई राजनेताओं को किया गया नज़रबंद

  • Line : kapil patel
  • 05 August,2019
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जम्मू-कश्मीर में हलचल तेज Update: फोन और मोबाइल इंटरनेट की सेवा बंद, कई राजनेताओं को किया गया नज़रबंद

जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहुंचने के साथ ही हलचल तेज हो गई है| कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है|जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू लगाया गया है| रविवार शाम से कश्मीर में फोन बंद कर दिए गए हैं, मोबाइल इंटरनेट की सेवा बंद है, कई राजनेताओं को नज़रबंद किया गया है और जम्मू में भी कुछ ऐसा ही हाल है|

 

 

राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री  महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद किया गया है| इसके अलावा सज्जाद लोन को भी नजबंद करने की जानकारी की मिल रही है| इससे पहले रविवार शाम राज्य में अटकलों के दौर के बीच नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के घर पर सर्वदलीय बैठक हुई. मीटिंग के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि,मैं दोनों देशों, भारत और पाकिस्तान से अपील करता हूं कि वे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े।

 

 

 

Jammu Kashmir LIVE Update:

 

 

 

 

जम्मू और कश्मीर: लेह से नवीनतम दृश्य। लोग अपने दैनिक कामों को सामान्य रूप से कर रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कक्षाएं आज सामान्य रूप से फिर से शुरू हुईं। क्षेत्र (लेह) में धारा 144 सीआरपीसी के तहत प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं।

 

एक तरफ जम्मू और कश्मीर में धारा 144 लगाई गई है तो दूसरी ओर लद्दाख में हालात सामान्य हैं|  लोग आसानी से बाजार जा रहे हैं और जरूरत का सामान ले रहे हैं..

 

 

 

 

 

दिग्विजय सिंह: जम्मू कश्मीर के लोगों और कश्मीरियत के साथ हम उसी दृढ़ता से खड़े हैं, जितनी दृढ़ता से हम राष्ट्रीय एकता और लोकतंत्र के पक्ष में हैं। देश में तानाशाही की आहट है। ख़ुद सरकार ने भ्रम और आशंका का माहौल बनाया है। केवल तीन लोग जानते हैं क्या हो रहा है।

 

कश्मीर में लोकतंत्र खत्म करने के लिए मोदी की एक शैतानी और तानाशाही योजना। मोदी डोभाल और अमित शाह के अलावा जम्मू-कश्मीर में किसी भी हितधारक को पता नहीं है कि स्टोर में क्या है। हम कश्मीर और कश्मीरियत के लोगों के साथ उतने ही मजबूती से खड़े हैं जितना कि हम भारत और लोकतंत्र के लिए खड़े हैं।

 

 

7 लोक कल्याण मार्ग पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न। सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री के आवास पर शुरू हुई मोदी कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. कैबिनेट में क्या फैसला हुआ है, इसकी अभी घोषणा नहीं की गई है. अब हर किसी की नजर संसद पर है, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों पर इस मुद्दे पर बयान दे सकते हैं|

 

 

जम्मू और कश्मीर: श्रीनगर के विभिन्न हिस्सों से नवीनतम दृश्य जहां धारा 144 सीआरपीसी को मध्यरात्रि 5 अगस्त से लगाया गया है।

 

 

 

 

 

दिल्ली: पीडीपी के राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे और मीर मोहम्मद फैयाज ने कश्मीर के हालात को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।  पीडीपी के राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे और मीर मोहम्मद फैयाज ने कश्मीर में हालात के विरोध में संसद में प्रवेश करने से पहले काली पट्टी बांध दी।

 

 

 

संसद के दोनों सदनों में बयान देंगे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह कश्मीर के मसले पर दोनों सदनों में बयान दे सकते हैं. विपक्ष के कई नेताओं की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया गया है. ऐसे में अमित शाह सरकार की स्थिति साफ कर सकते हैं. गौरतलब है कि राज्यसभा में आज जम्मू-कश्मीर आरक्षण बिल (संशोधन) को पेश किया जाना है.

 

 

लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की एक बैठक आज सुबह 10.30 बजे संसद में होगी।

 

 

 

 

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कश्मीर मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

 

 

 

आधी रात से 5 अगस्त तक धारा 144 सीआरपीसी(CrPC) लगाने के मद्देनजर श्रीनगर में सुरक्षा बल तैनात।

 

 

 

 

कश्मीर मुद्दे पर 10 बजे होगी विपक्षी दलों की बैठक.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता आज सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के चेंबर में संसद के अंदर बैठक करेंगे। बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाया जाएगा

 

 

 

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के राज्यसभा सांसद, नजीर अहमद लावे ने कश्मीर मुद्दे पर सदन में शून्यकाल नोटिस दिया है।

 

 

 

केंद्र ने राज्यों को जारी किया अलर्ट

जम्मू-कश्मीर पर मची हलचल के बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है. कुछ राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इस बीच उत्तर प्रदेश और अन्य कुछ राज्यों में एंटी राइट ड्रिल को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है.

 

 

कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी और भुवनेश्वर कलिता ने कश्मीर मुद्दे पर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है।

 

 

 

शाह और डोभाल के साथ पीएम की बैठक

प्रधानमंत्री आवास पर अब से थोड़ी देर में कैबिनेट की बैठक होनी है. इस बैठक से पहले एक और अहम मीटिंग चल रही है. इसमें प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह और NSA अजित डोभाल मौजूद हैं.

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर होने वाली कैबिनेट की बैठक से पहले इस वक्त सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक हो रही है. इस बैठक में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री मौजूद हैं. साथ ही साथ NSA अजित डोभाल भी बैठक में शामिल हैं.

 

कैबिनेट बैठक से पहले मोदी से मिलने पहुंचे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे हैं. 9.30 पर PM आवास पर ही कैबिनेट की बैठक होनी है. इस बीच शाह इस बड़ी बैठक से एक घंटे पहले ही पहुंच गए हैं. ऐसे में कश्मीर को लेकर जारी हलचल के बीच पीएम और गृह मंत्री की बैठक में क्या फैसला होता है इसपर हर किसी की नजर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर पहुंचने से पहले अमित शाह ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की है.

 

 

दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आज सुबह 9.30 बजे, 7 लोक कल्याण मार्ग पर होगी

 

 

 

 

श्रीनगर एयरपोर्ट खोल दिया गया है

कश्मीर में मची हलचल के बीच सबसे बड़ी चुनौती है वहां पर गए हुए पर्यटकों को निकालना. इस बीच विस्तारा की ओर से बयान दिया गया है कि श्रीनगर में यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है और एयरट्रैफिक में भी बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में वहां फंसे यात्रियों को निकालने में कुछ वक्त लग सकता है. हालांकि, सोमवार सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट भी खुला हुआ है.

 

 

 

जम्मू और कश्मीर: 5 अगस्त की मध्यरात्रि से धारा 144 सीआरपीसी (CrPC) लागू करने के मद्देनजर श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।जम्मू-कश्मीर में मोबाइल सेवा बंद है इस बीच अधिकारियों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं. ताकि अधिकारियों से सीधा संपर्क हो सके|

 

 

जम्मू और कश्मीर: आज सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू करने के मद्देनजर जम्मू में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

 

 

 

 

यात्रियों को घाटी खाली करने का आदेश

किसी भी अनहोनी से पहले सरकार हर तरह तैयारी कर रही है. इसी बीच कश्मीर घूमने गए पर्यटकों को सोमवार सुबह तक घाटी छोड़ने को कहा गया है. इतना ही नहीं सभी होटलों को एडवाइज़री जारी कर दी गई है कि वह अपने कमरों को खाली करवाए और यात्रियों को वापस जाने के लिए कहे. सरकार की ओर से ये भी कहा गया है कि अगर किसी के पास टिकट ना हो तो सरकार मदद के लिए तैयार हैं.

 

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे कैबिनेट बैठक

कश्मीर में क्या होने वाला है? इस सवाल के बीच प्रधानमंत्री आवास पर आज सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होनी है. कश्मीर पर बड़ी हलचल के बीच मोदी कैबिनेट अहम हो सकती है, ऐसे में नज़र इस बात पर भी है कि कैबिनेट में क्या फैसला होता है. दूसरी ओर कैबिनेट मीटिंग के बाद सुरक्षा समिति की बैठक भी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने अफ्रीका दौरे से रविवार शाम को ही वापस लौटे हैं

 

 

लोकसभा और राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 5 से 7 अगस्त तक के लिए अपने सांसदों को उपस्थित रहने को कहा है. पार्टी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है. गौरतलब है कि अमित शाह सोमवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण बिल (संशोधन) पेश कर सकते हैं. साथ ही विपक्ष आज संसद में सरकार से कश्मीर मसले पर सफाई मांग सकता है.

 

 

महबूबा-उमर-सज्जाद लोन नज़रबंद

लगातार बढ़ रही हलचल के बीच कई तरह की अफवाहें भी फैल रही थीं. इस बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हुई और नेताओं ने बैठकें करनी शुरू कर दीं. लेकिन देर रात को खबरें आईं कि पहले उमर अब्दुल्ला फिर महबूबा मुफ्ती और बाद में सज्जाद लोन को भी नज़रबंद कर दिया गया है. ये सभी रविवार की तरह सोमवार को भी बैठक करने वाले थे और प्रोटेस्ट करने वाले थे, लेकिन उन्हें पहले ही नज़रबंद कर दिया गया.

 

 

 

उपायुक्त रियासी (जम्मू और कश्मीर) इंदु कंवल चिब ने रविवार देर रात को कहा, रियासी जिले में धारा 144 लगाई गई है, सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों की निजी और सरकारी दोनों तरह की कक्षाओं को अगले आदेश तक 5 अगस्त तक निलंबित रखा जाएगा, एहतियात के तौर पर ।

 

 

 

जम्मू  उपायुक्त सुषमा चौहान ने कहा, सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों, दोनों को निजी और सरकारी, सावधानी के उपाय के रूप में बंद रहने की सलाह दी जाती है।

 

उपायुक्त कठुआ (जम्मू-कश्मीर) राघव लंगर ने कहा, कठुआ में 5 अगस्त से अगले आदेश तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, सावधानी के उपाय के रूप में।

 

जम्मू की डिप्टी कमिश्नर सुषमा चौहान ने कहा,  दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144, 5 अगस्त, सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक जम्मू में लगाई जाएगी।

 

 

जम्मू और कश्मीर सरकार: उधमपुर में 5 अगस्त से अगले आदेश तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे; 5-6 अगस्त को डोडा में बंद रहेगा। जम्मू के विश्वविद्यालय के प्रवक्ता विनय तुषु ने कहा, विश्वविद्यालय 5 अगस्त 2019 को बंद रहेगा। स्नातक और स्नातकोत्तर की सभी परीक्षाएं 5 अगस्त, 2019 को होनी हैं। ताजा तारीखों को बाद में अधिसूचित किया जाएगा।

 

 

 

जम्मू और कश्मीर: मोबाइल इंटरनेट सेवाएं कश्मीर में आंशिक रूप से निलंबित 

 

कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल जाने के बाद से ही सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी थी. लेकिन रविवार रात को हलचल काफी तेज हो गई| पहले श्रीनगर में धारा 144 लागू की गई, उसके बाद मोबाइल सेवा, इंटरनेट सेवा, लैंडलाइन सर्विस भी बंद कर दी गई| दूसरी ओर जम्मू में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जम्मू रीज़न में CRPF की 40 कंपनियों को तैनात किया गया है| जम्मू और कश्मीर के सभी स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया है और यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षा भी रद्द कर दी गई हैं

 

 

 

श्रीनगर: धारा 144 सीआरपीसी के तहत प्रतिबंध 5 अगस्त से लागू, कोई आंदोलन नहीं और सभी शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे

जम्मू और कश्मीर सरकार: जिला श्रीनगर में धारा 144 सीआरपीसी के तहत प्रतिबंध 5 अगस्त (सोमवार) से लागू किए गए हैं जो अगले आदेश तक लागू रहेंगे। जनता का कोई आंदोलन नहीं होगा और सभी शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे

 

जम्मू और कश्मीर सरकार: इस आदेश के संचालन की अवधि के दौरान किसी भी तरह की जनसभा या रैलियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि मीडिया के एक हिस्से में रिपोर्ट की गई जगह में कोई कर्फ्यू नहीं होगा।

 

 

कश्मीर में हलचल है

जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहुंचने के साथ ही हलचल तेज हो गई है. कश्मीर में फोन बंद कर दिए गए हैं, मोबाइल इंटरनेट की सेवा बंद है, कई राजनेताओं को नज़रबंद किया गया है और जम्मू में भी कुछ ऐसा ही हाल है. इस बीच आज सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है

 

 

 

 

भारत और पाकिस्तान ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े: फारूक अब्दुल्ला 

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेता नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के आवास पर कल (रविवार )एक ऑल पार्टी की मीटिंग की. नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के श्रीनगर में एक ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा, मैं दोनों देशों, भारत और पाकिस्तान से अपील करता हूं कि वे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े।

 

 

उन्होंने  कहा, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सभी पक्ष सभी हमलों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की पहचान, स्वायत्तता और विशेष दर्जे की रक्षा और बचाव के अपने संकल्प में एकजुट होंगे।

 

 

कांग्रेस नेता उस्मान माजिद और माकपा नेता एम वाई तारिगामी ने दावा किया कि उन्हें रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया|  कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है जिसके बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं| बहरहाल, गिरफ्तारियों के संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है| पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है क्योंकि आतंकवादी धमकी और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ शत्रुता बढ़ने के बीच तड़के कश्मीर में कर्फ्यू लगाया जाएगा| सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके घरों में हिरासत में ले लिया गया है|

 

 

 

नेशनल कांफ्रेंस के नेता अब्दुल्ला ने ट्वीट किया,’मुझे लगता है कि मुझे आज आधीरात से घर में नजरबंद किया जा रहा है और मुख्यधारा के अन्य नेताओं के लिए भी यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई है. इसकी सच्चाई जानने का कोई तरीका नहीं है लेकिन अगर यह सच है तो फिर आगे देखा जाएगा.’

 

 

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘कश्मीर के लोगों के लिए हमें नहीं मालूम कि क्या चल रहा है लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अल्लाह ने जो भी सोचा है वह हमेशा बेहतर होगा, हमें यह शायद अभी नजर न आए लेकिन हमें कभी उनके तरीकों पर शक नहीं करना चाहिए. हर किसी को शुभकमानाएं, सुरक्षित रहे और सबसे जरुरी कृपया शांति बनाए रखें.’

 

 

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उमर अब्‍दुल्ला के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘आप अकेले नहीं हैं उमर अब्‍दुल्‍ला. हर लोकतांत्रिक भारतीय कश्‍मीर के मुख्‍यधारा के नेताओं के साथ खड़ा है क्‍योंकि आप उसका सामना करेंगे जो भी देश के लिए सरकार के मन में है. संसद का सत्र अब भी चल रहा है और हमारी आवाज भी शांत नहीं होगी.

 

 

महबूबा मुफ्ती ने रविवार देर रात को ट्वीट किया: ‘कैसी विडंबना है कि हमारे जैसे चुने हुए प्रतिनिधि जो शांति के लिए लड़े थे, घर में नजरबंद हैं. दुनिया देख रही है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में लोगों और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है. वह कश्मीर जिसने एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारत को चुना था, अकल्पनीय उत्पीड़न का सामना कर रहा है. जागो भारत जागो.

 

 

 

 

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