loading...

इमरान ने अलापा कश्मीर का राग…नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में की भारतीय सेना की आलोचना

  • 28 November,2018
  • 102 Views
इमरान ने अलापा कश्मीर का राग…नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में की भारतीय सेना की आलोचना

Image Source by Google

 

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरु नानक की शिक्षाओं के अनुरूप शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर ही सबसे अहम मसला है तथा शांति के लिए नवजोत सिंह सिद्धू के प्रधानमंत्री बनने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

 

श्री खान ने यहां करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखने के बाद कहा कि हमारा मसला एक है कश्मीर, मानव जाति आज चांद पर पहुंच चुकी है। आप मुझे बताए कि ऐसी कौन सी समस्या है, जिसका हल मनुष्य नहीं कर सकते। श्री खान ने भारत के केन्द्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और हरसिमरत कौर बादल और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में कहा कि सीमा के दोनों तरफ सिर्फ इरादे वाला नेतृत्व चाहिए और हमें शांति के लिए श्री नवजोत सिंह सिद्धू के प्रधानमंत्री बनने का भी इंतजार नहीं करना चाहिए।

 

खान ने कहा कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें कई बार यह बताया गया कि पाकिस्तान में राजनीतिक दल भारत और पाकिस्तान संबंधों को सुधारना चाहते हैं, लेकिन सेना ऐसा नहीं करने देती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव कुछ ‘गलतियों की वजह से हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को आगे ले जाने के लिए शांति ही एकमात्र रास्ता है, क्योंकि यह सोचना मूर्खतापूर्ण होगा कि परमाणु हथियारों से लैस दोनों देश युद्ध करें। श्री खान ने सभा में लोगों की मौजूदगी के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम करतारपुर कॉरिडोर को बेहतर बनायेंगे और अगले साल आप देखेंगे कि यहां सारी सुविधायें उपलब्ध हैं। अपने क्रिकेट खेलने के दिनों के अनुभव को साझा करते हुए श्री खान ने कहा कि दो प्रकार के क्रिकेटर होते हैं। पहला जो हमेशा हार से घबराता है और कोई मौका नहीं हासिल करता, जबकि दूसरा जोखिम उठाता है और हमेशा सफल होता है।

 

 

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि जब वह राजनीति में आये थे, तब भी उन्हें दो प्रकार के राजनेता मिले। उन्होंने कहा कि पहला तो अपने फायदे के लिए सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता है, जबकि दूसरा केवल समाज के बारे में सोचता है, नफरत से नहीं घबराता और मौका लेने के साथ ही बड़े निर्णय लेता है। श्री खान ने भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंधों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि हम गरीबी का खात्मा करना चाहते हैं तो सीमाओं को खोलना होगा। उन्होंने भारत के साथ बातचीत करने की पेशकश को दोहराते हुए कहा कि यदि भारत एक कदम बढ़ाता है तो हम दो कदम आगे चलेंगे।

 

जियो टीवी के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जब कई युद्ध लडऩे के बाद भी फ्रांस और जर्मनी एक साथ शांति से रह सकते हैं तो फिर भारत और पाकिस्तान क्यों नहीं?

 

 

 

क्रिकेटर से राजनेता बने अपने दोस्त नवजोत सिंह सिद्धू के अपने प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने की आलोचना किये जाने पर श्री खान ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि क्यों उनकी (सिद्धू की) आलोचना की गई, जबकि सिद्धू परमाणु हथियारों से लैस दोनों देशों के बीच शांति की बात करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि किसी के लिए यह सोचना मूर्खतापूर्ण है कि दो परमाणु हथियारों से लैस देशों के बीच युद्ध हो सकता है, क्योंकि किसी के लिए कोई जीत नहीं हासिल होगी। इसलिए यदि कोई युद्ध नहीं हो सकता है, तो दोस्ती के अलावा अन्य कोई विकल्प है क्या? श्री खान ने मजाकिया लहजे में कहा कि मैं सिद्धू को पाकिस्तान के पंजाब से चुनाव लडऩे का निमंत्रण देता हूं और मैं जानता हूं कि वह जीतेगा। उम्मीद है कि हमें दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने के लिए सिद्धू के प्रधानमंत्री बनने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इससे पहले भारतीय नेतृत्व सकारात्मक कदम उठाएगा। श्री सिद्धू ने मंगलवार को ही पाकिस्तान के निमंत्रण पर आधारशिला समारोह में भाग लेने के लिए अपने देश के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल केंद्रीय खाद्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल, शहरी विकास मंत्री हरदीप एस पुरी और श्री सिद्धू वाघा सीमा पार कर लाहौर पहुंचे थे जहां पंजाब रेंजर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

Author : Ashok Chaudhary
Loading...

Share With

Tag With

You may like

Leave A Reply

Follow us on

Loading...

आपके लिए

TRENDING