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विजय माल्या मूलधन चुकाने को तैयार, कहा- सौ फीसदी कर्ज चुका रहा हूं, कृपया इसे लें

  • 05 December,2018
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विजय माल्या मूलधन चुकाने को तैयार, कहा- सौ फीसदी कर्ज चुका रहा हूं, कृपया इसे लें

नई दिल्ली: भगोड़े विजय माल्या ने एक बार फिर कहा है कि वो 100 फीसदी मूल रकम चुकाने के लिए तैयार है। विजय माल्या के मुताबिक वो डिफॉल्टर नहीं है। जानिए माल्या ने ये प्रस्ताव क्यों दिया।

 

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को कहा कि उनके ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पण के मामले में कानून अपना काम करेगा लेकिन मैं ‘जनता के पैसों’ का 100 प्रतिशत भुगतान करने के लिये तैयार हूं। माल्या प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा कि नेताओं और मीडिया ने उन्हें गलत तरीके से ‘डिफॉल्टर’ के रूप में पेश किया।

 

 

माल्या ने अपने ट्वीट में कहा, ‘मैंने देखा है कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर मीडिया में कई चर्चाएं चल रही हैं। यह अलग मामला है और इसमें कानून अपना काम करेगा।’ माल्या ने कहा, ‘जनता के पैसे सबसे जरूरी चीज है और मैं 100 प्रतिशत पैसे वापस करने की पेशकश कर रहा हूं। मैं बैंकों और सरकार से अनुरोध करता हूं कि वो इस पेशकश को स्वीकार करें।’

 

 

 

 

 

माल्या पर कई बैंकों का 9000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है। यह कर्ज उसकी कंपनी फिंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया था। माल्या मार्च 2016 में देश छोड़कर ब्रिटेन चले गये थे। माल्या ने पक्षपात का आरोप लगाते हुये कहा, ‘नेता और मीडिया लगातार चिल्ला-चिल्लाकर मुझे डिफॉल्टर कह रहे हैं, जो कि सरकारी बैंकों का पैसा लेकर फरार हो गया। यह सब झूठ है। मेरे साथ उचित बर्ताव क्यों नहीं किया जाता है। मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष जो व्यापक समाधान प्रस्ताव रखा था, उसका इसी तरह से प्रचार-प्रसार क्यों नहीं किया गया। बेहद दुखद।’

 

 

माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस की हालत बिगड़ने को लेकर कहा, ‘विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में तेजी के कारण विमानन कंपनी को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किंगफिशर ने एटीएफ के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 140 डॉलर प्रति बैरल का भी सामना किया, जिसके चलते कंपनी का घाटा बढ़ता गया और बैंकों का पैसा इसी में जाता रहा। मैं बैंकों को मूल रकम का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश करता हूं। कृपया इसे स्वीकार करें।’ उन्होंने दावा किया कि वह 2016 से बैंकों की बकाया राशि का निपटान करने के लिये पेशकश कर रहे थे।

 

 

 

 

Author : Ashok Chaudhary
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