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J&K विधानसभा भंग पर सियासी घमासान: गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, हमें गवर्नर से कोई शिकायत नहीं

  • 22 November,2018
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J&K विधानसभा भंग पर सियासी घमासान: गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, हमें गवर्नर से कोई शिकायत नहीं

नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा भंग किए जाने पर कहा, हमें गवर्नर से कोई शिकायत नहीं है। वह एक बहुत अच्छा आदमी है। हमें केंद्र सरकार से शिकायतें हैं कि अगर उन्हें असेंबली को भंग करना पड़ा, तो उन्हें 4-5 महीने पहले ऐसा करना चाहिए था जब उन्होंने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था| उन्होने कहा कि, इन 4-5 महीनों के लिए, बीजेपी ने अपनी सरकार बनाने की कोशिश की लेकिन उनके पास बहुमत नहीं था। इसलिए उन्होंने अन्य पार्टियों के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की। जब उन्होंने देखा कि एक और सरकार बन सकती है, तो बीजेपी ने विधानसभा को भंग कर दिया

 

 

 

 

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि, मैने पहले कहा था यह एक सुझाव है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है (पीडीपी-एनसी-कांग्रेस गठबंधन पर)। बीजेपी ने असेंबली भंग कर दी, भले ही केवल एक प्रस्ताव बनाया गया हो|असेंबली भंग करने पर हमें गवर्नर से कोई शिकायत नहीं है|

 

 

BJP नेता राम माधव द्वारा लगाए गए आरोप –  ‘संभवतः उन्हें एक साथ आकर सरकार बनाने के निर्देश सीमा पार से मिले’ – को लेकर कांग्रेस की जम्मू एवं कश्मीर इकाई के प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने कहा है, आपके पास सीबीआई, आईबी, रॉ, गवर्नर है। इसलिए, आपको यह आरोप साबित करना होगा,अन्यथा आपको माफी माँगनी चाहिए

 

 

 

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता तथा जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, कानूनी तौर पर, हमारे पास कोई मामला नहीं है। चूंकि मेरे पास ऐसा दस्तावेज नहीं है जिस पर गवर्नर ने दावा किया कि हमें क्या कहना है। मेरी बातचीत पीडीपी के साथ थी। पीडीपी के लिए यह तय करना है कि क्या वह कानूनी सहारा लेना चाहता है। मैंने दस्तावेजी समर्थन प्रदान नहीं किया| किसी ने कभी भी सुझाव नहीं दिया कि हम एक साथ चुनाव लड़ेंगे।

 

 

उन्होने कहा कि, यह व्यवस्था वर्तमान गड़बड़ी से जम्मू-कश्मीर की रक्षा करना था। मुझे विश्वास नहीं है कि एनसी, पीडीपी और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं, किसी भी तरह से जम्मू-कश्मीर को फायदा होगा| क्योंकि वैधानिक विपक्षी आवाज़ें भी आवश्यक होती हैं| हम वर्ष 1987 जैसी स्थिति नहीं बनाना चाहते हैं, जब दीवाली के मौके पर सभी पार्टियां एक साथ आ गई थीं| जैसा कि मैंने कल (बुधवार को) ट्विटर पर मेहबूबा मुफ्ती जी से कहा था, हमें फिर किसी दिन एक दूसरे से लड़ना होगा| उन्हें भी शुकामनाएं, हमें भी शुभकामनाएं|

 

 

 

 

Author : kapil patel
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