मूर्ति मामले पर मायावती की आई पहली प्रतिक्रिया, कहा- कोर्ट की टिप्पणी को तोड़मरोड़ कर पेश न करे, मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बनें तो बेहतर है 

  • 09 February,2019
  • 140 Views
मूर्ति मामले पर मायावती की आई पहली प्रतिक्रिया, कहा- कोर्ट की टिप्पणी को तोड़मरोड़ कर पेश न करे, मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बनें तो बेहतर है 

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की उस टिप्पणी, जिसमें कह गया कि बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) को यूपी में हाथियों की मूर्तियों में खर्च किए गए पैसे को लौटाना चाहिए, पर मायावती की पहली प्रतिक्रिया आई है|

 

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न की मूर्तियों के विषय में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी पर शनिवार को मायावती ने कहा कि ,मीडिया कृपा करके न्यायालय की टिप्पणी को तोड़मरोड़ कर पेश न करे और मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बनें तो बेहतर है।

 

मायावती ने ट्वीट कर कहा,  कि  सदियों से तिरस्कृत दलित व पिछड़े वर्ग में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित भव्य स्थल / स्मारक / पार्क आदि उत्तर प्रदेश की नई शान, पहचान व व्यस्त पर्यटन स्थल हैं, जिसके आकर्षण से सरकार को नियमित आय भी होती है।

 

 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि ,मीडिया कृप्या करके माननीय सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश ना करे। माननीय न्यायालय में अपना पक्ष ज़रूर पूरी मजबूती के साथ आगे भी रखा जायेगा। हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले में भी मा. न्यायालय से पूरा इंसाफ मिलेगा। मीडिया व बीजेपी के लोग कटी पतंग ना बनें तो बेहतर है।

 

 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि ,हाथी की मूर्तियां बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए जनता के पैसों को सरकारी खजाने में लौटाना होगा। लखनऊ और नोएडा में लगी हाथी की मूर्तियों के मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि, प्रथम दृष्टया बसपा नेता मायावती को प्रतिमाओं पर खर्च किए गए सभी सार्वजनिक धन का भुगतान करना होगा|

 

 

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था, ‘हमारा अस्थायी तौर पर यह मानना है कि मायावती को अपनी मूर्तियां और पार्टी के चिह्न पर खर्च किए गए जनता के पैसों को सरकारी खजाने में वापस करना होगा। मायावती की ओर से सतीश मिश्रा ने कहा था कि इस केस की सुनवाई मई के बाद हो, लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा था कि,  हमें कुछ और कहने के लिए मजबूर न करें|  अब इस मामले में 2 अप्रैल को सुनवाई होगी|

 

 

 

 

 

Author : kapil patel

Share With

You may like

Leave A Reply

Follow us on

आपके लिए

TRENDING