श्रावस्ती: गौवंश की सेवा में लापरवाही मिली तो नपेगें जिम्मेदार-जिलाधिकारी DM

  • Line : Ankit Gupta
  • 21 July,2019
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श्रावस्ती: गौवंश की सेवा में लापरवाही मिली तो नपेगें जिम्मेदार-जिलाधिकारी DM

जन सहयोग से गौशालाओं का बेहतर ढंग से किया जाये संचालन-जिलाधिकारी

गौवंश की सेवा में लापरवाही मिली तो नपेगें जिम्मेदार-जिलाधिकारी

 

 

श्रावस्ती: यूपी में श्रावस्ती जिले के जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंश सेवा करना हम सबका कर्तव्य ही नही बल्कि नैतिक धर्म है, कोई भी बड़ा सा बड़ा कार्य जनसहयोग से ही पूरा किया जा सकता है इसलिये सीमित संसाधन से जनपद में संचालित गौशालाओं में निवास कर रही गौवंश जिनके मालिक द्वारा उन्हे बेसहारा करके घर से भगा दिया गया है और वे गौशालाओं में अपना गुजर बसर कर रही हैं।

 

उन्हे और साधन सुविधा एवं व्यवस्था मुहैया कराने के लिए जनसहयोग की नितान्त आवश्यकता है। इसलिए जनपदवासी इस पुनीत कार्य में अपनी बढ़चढ़ कर भागीदारी निभावें ताकि गौवंश को बेहतर ढंग से गौशालाओं में पालन पोषण किया जा सके।

 

 

उक्त विचार शनिवार को देर शायंकाल गौशालाओं से सम्बन्धित गांवो के ग्राम प्रधानों, सचिवों, लेखपालों एवं गौशालाओं को बेहतर ढंग से संचालन के लिए लगाये गये नोडल अधिकारियों के साथ बैठक करने के दौरान जिलाधिकारी ओ0पी0 आर्य ने व्यक्त किया है। उन्होने जोर देते हुए कहा कि निराश्रित/बेसहारा गौवंश को खिलाने एवं उनके व्यवस्था के लिये लोग दान स्वरूप आगे आवें और जो भी इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता निभायेगें उनकी नाम पट्टिका का शिलालेख गौशालाओं में प्रदर्शित किया जायेगा।

 

 

उन्होने कहा कि यंहा पर संचालित कई गौशालाओं में जल जमाव के कारण गोवशों को बहुत ही दिक्क्त हो रही है गोवंश स्थलों को मिट्टी डलवाकर उच्चीकृत कराने, धूप और पानी से बचने के लिए टीन शेड, उनको खिलाने के लिए चरही आदि बनवाने में जनपदवासी व स्वयं सेवी संस्थायें भी अपना सहयोग कर इस कार्य के लिये पूण्य अर्जित कर सकते हैं।

 

 

जिलाधिकारी ने बताया है कि जिले में निराश्रित/बेसहारा अस्थाई गौशालाओं के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। विकासखण्ड इकौना के अन्तर्गत गौशालाओं क्रमशः अकबरपुर में जिला आबकारी अधिकारी, गोपालपुर में जिला पंचायतराज अधिकारी, कोकलवारा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड सिरसिया के अन्तर्गत शंकरपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक, मसहाकला में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, विकासखण्ड हरिहरपुररानी के अन्तर्गत पतिझिया में उपायुक्त स्वतः रोजगार श्रावस्ती, लखाही बेनीनगर में जिला सेवायोजन अधिकारी, पटना खरगौरा में उपायुक्त श्रमरोजगार, वर्गावर्गी में सहायक निबन्धक सहकारी समितियां, महरौली में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं विकासखण्ड जमुनहा के अन्तर्गत रानीसीर में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित किया गया है.

 

 

जो गौशालाओं से सम्बन्धित ग्राम प्रचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान लेखपाल, पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारियों से समन्वय बनाकर गौशालाओं में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायेगें तथा प्रत्येक सप्ताह गौशालाओं की निरीक्षण रिपोर्ट सभी गौशालाओं के लिए नामित सुपर नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित करेगें।

 

 

गौ-आश्रय स्थलों के संचालन का प्रथम दायित्व ग्राम प्रचायत अधिकारी व लेखपाल, द्वितीयस्तर का उत्तरदायित्व सम्बन्धित उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी का होगा। नोडल अधिकारी प्रथम व द्वितीय स्तर के उत्तरदायी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रत्येक सप्ताह गौ-आश्रय स्थल का निरीक्षण का रिपोर्ट प्रस्तुत करेगें।

 

 

जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गौ-आश्रय स्थल में गौवंश के लिए पेयजल, चारा, प्रकाश, साफ-सफाई, स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा, फर्श इत्यादि की समुचित व्यवस्था का निरीक्षण करेगें किसी भी प्रकार की कमी होने पर तत्काल उसका प्रबन्ध प्रथम व द्वितीय स्तर के उत्तरदायी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था करायें। उन्होने नोडल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस तथ्य का भी अनुश्रवण करें कि गौ-आश्रय स्थल के संचालन हेतु उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से किया जा रहा है अथवा नही यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपने दायित्वो के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही है तो उसके खिलाफ कार्यवायी हेतु रिपोर्ट प्रेषित करें।

 

 

जिलाधिकारी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार की यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजनाओं में से है इसलिये इसके संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही पायी गई तो निश्चित ही सम्बन्धित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी के साथ-साथ सम्बन्धित गौ-आश्रय स्थल के नोडल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरूद्ध कठोर कार्यवायी सुनिश्चित की जायेगी।

 

 

सभी गौशालाओं हेतु नामित चिकित्सक अपने सम्बन्धित गौशालाओं में जाये और नियमित रूप से पशुओं की देखभाल करेगें। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से पूर्व में हुए पशु गणना की रिपोर्ट लेकर उसका गांव-गांव सर्वे कराकर यह आगणन करायें कि पशु गणना के दौरान पशु पालकों के पास कितना पशु थे और वर्तमान में वे कितने पशुओं को पाल रखा है यदि उनके द्वारा पशुओं की बिक्री की गई है या किसी को दान स्वरूप गौ-माताओं को दिया गया है तो उसका भी ब्यौरा तैयार किया जाये ताकि आवश्यक कार्यवाही प्रस्तावित की जा सके।

 

 

 

 

रिपोर्ट-पंकज कुमार तिवारी

 

 

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