loading...

मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम केस: तेजस्वी यादव ने कहा, POCSO कोर्ट में  दाखिल एफिडेविटमें साफ लिखा था कि नीतीश कुमार तथा कई अन्य लोग हैं इसमें शामिल

  • 19 February,2019
  • 184 Views
मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम केस:  तेजस्वी यादव ने कहा, POCSO कोर्ट में  दाखिल एफिडेविटमें साफ लिखा था कि नीतीश कुमार तथा कई अन्य लोग हैं इसमें शामिल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम केस के बारे में कहा, “पॉक्सो (POCSO ) अदालत में एक हलफनामा प्रस्तुत किया गया था, इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है, कि नीतीश कुमार और कई अन्य लोग शामिल हैं, और इसकी जांच होनी चाहिए।

 

 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड में स्पष्ट और सीधे रूप से संलिप्त है .क्योंकि इन्होंने TISS की रिपोर्ट आने के दो महीनों तक ब्रजेश ठाकुर पर FIR नहीं होने दी।जेल नहीं भेजा। दबाव में भेजा तो जेल में मोबाइल समेत तमाम सुविधाएँ प्रदान की। बच्चियों को ग़ायब किया गया।

 

 

उन्होंने कहा कि,मामला उजागर होने पर नीतीश जी ने एकदम सिरे से हमारी CBI जाँच की माँग को ख़ारिज किया? उन्हें CBI जाँच का डर क्यों था? जब हमने मुजफ्फरपुर बालिका गृह का दौरा कर वहाँ बच्चियों के साथ किए गए डरावने और अमानवीय कृत्यों को पब्लिक डोमेन में रखा तब जाकर दबाव मे केस CBI को सुपुर्द करना पड़ा.

 

 

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश जी तो छाती पीट तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को निर्दोष बता रहे थे परंतु जब कांड का कच्चा चिट्ठा खुला एवं मीडिया में ब्रजेश ठाकुर की सीडीआर डिटेल्स में मिलीभगत का पर्दाफ़ाश होने और विपक्ष व जनदबाव के कारण मंजू वर्मा का इस्तीफ़ा लेना पड़ा। CM उसे क्यों बचा रहे थे..?

 

 

उन्होंने कहा कि, मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर से जेल में चर्चित डायरी बरामद हुई थी जिसमें “पटना वाले बड़े सर” का ज़िक्र था? क्या CBI ने खोज लिया था वह “पटना वाला बड़ा सर” कौन है? क्या CBI जाँच की आँच उस “बड़े सर” के पास पहुँच गयी थी जिसके चलते आनन-फ़ानन में CBI अधिकारी का तबादला किया गया था….?

 

 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड में CBI अधिकारी का तबादला नहीं करने के कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर, कोर्ट की अवमानना कर CBI निदेशक ने तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एसपी का बिना कारण बताए अचानक तबादला क्या इसलिए किया गया था ताकि वो “पटना वाले बड़े साहब” को बचा सके…….? ऐसा क्यों किया गया…?

 

 

उन्होंने कहा कि, आप बताइये क्या यह मामला संदेहास्पद नहीं है….? क्योंकि सीबीआई निदेशक स्तर का अधिकारी “किसी बड़े व्यक्ति” को बचाने के लिए ही कोर्ट की अवमानना करने का जोखिम उठायेगा? बाद में उस CBI अधिकारी को कोर्ट की अवमानना का दोषी क़रार कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जुर्माने के साथ सज़ा भी दी……?

 

 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, CM नीतीश ने केस में सीबीआई जाँच में सबूत जुटा सहयोग करने वाली तत्कालीन ज़िला पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर को सम्मानित करने की बजाय उनका तबादला क्यों किया? वो केस से संबंधित सभी जानकारियाँ जुटा रही थी तो क्यों उन्हें मुज़फ़्फ़रपुर से आनन-फ़ानन में हटाया क्या? मुख्यमंत्री जवाब दें……?

 

 

उन्होंने कहा कि, अनाथ 34 बच्चियों के जनबलात्कार के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर को सत्ता पक्ष द्वारा हर कदम पर बचाने, देरी करने, सबूतों को मिटाने की कोशिश बार-बार किसके इशारे पर हुई….? नीतीश जी बताए ऐसी किन बातों का ब्रजेश ठाकुर राजदार है कि उन्हें सरकार द्वारा संरक्षण प्रदान किया जा रहा था…..?

 

 

उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार ने IPRD मंत्री की हैसियत से ब्रजेश ठाकुर के बिना Circulation के विभिन्न अख़बारों को लगातार वर्षों तक करोड़ों-करोड़ के विज्ञापन क्यों दिए? क्या इस दृष्टिकोण से भी सीबीआई को मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ जाँच-पड़ताल नहीं करनी चाहिए? किस आधार पर उसे अनवरत विज्ञापन दिए गए…..?

 

 

क्यों ब्रजेश ठाकुर के विरुद्ध लंबे समय तक FIR दर्ज नहीं किया गया….? उसे जेल में रहते हुए मोबाइल प्रयोग करने की अनुमति किसने दी…..? और जेल में रहते हुए उसने पटना में किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संपर्क किया यह सब गृहमंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जानते थे और जानते है।

 

 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, पीड़ित बच्चियाँ मधुबनी के बालिका गृह ले जाने के क्रम में गायब कैसे हो गईं…? कुछ की हत्या भी करवा दीं गईं…….? क्या नीतीश कुमार जी नहीं जानते थे उनके सबसे नज़दीकी Financier और नेता का PA उस बालिका गृह का संचालक था जिसे सरकार सुरक्षित बता रही थी….? बच्चियों की हत्या क्यों करवाई गयी…..?

 

 

उन्होंने कहा कि, बृजेश ठाकुर के पास जो लाल डायरी बरामद की गई उसके कई पन्ने फाड़ दिए गए! यह पन्ने किसने फाडे यह देश जानना चाहता है….? क्या संबंधित दस्तावेजों को गायब करने व मिटाने के लिए नीतीश कुमार ने स्थानीय प्रशासन को समय नहीं दिया…….? क्या मुख्यमंत्री जाँच को प्रभावित करने के दोषी नहीं है……?

 

 

उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार बिना जांच के ही दूसरों से इस्तीफे की अपेक्षा करते हैं पर आज उन पर इतने घृणित आरोप लग रहे हैं फिर भी उनकी अंतरात्मा क्यों नहीं जाग रही है…..? वह क्यों दोहरे मापदंड का प्रदर्शन कर रहे हैं….? क्या उनकी कोई राजकीय, सामाजिक और नैतिक जवाबदेही नहीं बनती है……?

 

 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, अगर लालू जी BJP से हाथ मिला लेते तो वो आज हिंदुस्तान के राजा हरीशचंद्र होते।तथाकथित चारा घोटाला दो मिनट में भाईचारा घोटाला हो जाता अगर लालू जी का DNA बदल जाता।

 

 

 

 

Author : kapil patel
Loading...

Share With

You may like

Leave A Reply

Follow us on

Loading...

आपके लिए

TRENDING