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25 अगस्त 2026

मौनी अमावस्या पर नौरहनी सरयू घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब

हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी, कुदरहा–नौरहनी मार्ग रहा जामकुदरहा/बस्ती।माघ मास की पावन मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार तड़के से ही कुदरहा विकास क्षेत्र के पवित्र सरयू तट स्थित नौरहनी घाट पर…

मौनी अमावस्या पर नौरहनी सरयू घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
मौनी अमावस्या पर नौरहनी सरयू घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब — बस्ती, उत्तर प्रदेश | फ़ोटो: TVL News

हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी, कुदरहा–नौरहनी मार्ग रहा जाम


कुदरहा/बस्ती।

माघ मास की पावन मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार तड़के से ही कुदरहा विकास क्षेत्र के पवित्र सरयू तट स्थित नौरहनी घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मोक्ष की कामना लिए हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।


भोर होते ही आसपास के सैकड़ों गांवों से श्रद्धालुओं का रेला नौरहनी घाट की ओर चल पड़ा, जिससे कुदरहा–नौरहनी मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि आवागमन में भारी कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।


स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गौदान, दान-पुण्य एवं जप-तप किया। शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन दान, संयम और साधना का विशेष महत्व बताया गया है।


इस अवसर पर श्री योगीराज प्रयाग दास सिद्ध पीठ रामजानकी मंदिर के महंत संत रामदास ने मौनी अमावस्या के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माघ मास में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर तीर्थराज प्रयागराज के संगम में देव, ऋषि, किन्नर एवं दिव्य शक्तियां वास करती हैं। पुराणों के अनुसार इस दिन सभी पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा का जल अमृततुल्य हो जाता है। इस जल में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।


उन्होंने बताया कि इस तिथि को मौन रहकर साधना करने से व्यक्ति के पूर्वजन्म के पाप कटते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु एवं पीपल वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। यदि पूर्ण मौन संभव न हो, तो विचारों की शुद्धता और मन की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।


श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन किया गया संयम, दान और प्रभु स्मरण जीवन में सुख, शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।


मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मन्नतें पूर्ण करने के लिए भंडारों का आयोजन किया गया। माघ मेले में श्रृंगार, जलपान एवं विभिन्न प्रकार की अस्थायी दुकानों से घाट क्षेत्र गुलजार रहा।


वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कलवारी थाना एवं लालगंज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पुलिस बल ने मेले की क

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