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24 अगस्त 2026

फोर्टिस मोहाली को बम धमकी, CM भगवंत मान अस्पताल में: इंटेलिजेंस एजेंसियां हाई अलर्ट , सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पताल घेरा

फोर्टिस मोहाली को बम धमकी, CM भगवंत मान अस्पताल में: ईमेल में “पोलोनियम” का दावा, 16 स्कूल भी निशाने परमोहाली/चंडीगढ़, 17 फरवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल मे…

फोर्टिस मोहाली को बम धमकी, CM भगवंत मान अस्पताल में: इंटेलिजेंस एजेंसियां हाई अलर्ट , सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पताल घेरा
फोर्टिस मोहाली को बम धमकी, CM भगवंत मान अस्पताल में: इंटेलिजेंस एजेंसियां हाई अलर्ट , सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पताल घेरा | फ़ोटो: TVL News

फोर्टिस मोहाली को बम धमकी, CM भगवंत मान अस्पताल में: ईमेल में “पोलोनियम” का दावा, 16 स्कूल भी निशाने पर

मोहाली/चंडीगढ़, 17 फरवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती होने के बीच मंगलवार को एक धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। ईमेल में अस्पताल को दोपहर के आसपास उड़ाने की बात कही गई, साथ ही दावा किया गया कि मुख्यमंत्री को “पोलोनियम” से संक्रमित किया गया है। इसी मेल/पैटर्न के तहत मोहाली के कम से कम 16 निजी स्कूलों का भी नाम सामने आया, जिसके बाद कई संस्थानों में छुट्टी/एहतियाती कदम उठाए गए।


  • टारगेट: फोर्टिस अस्पताल, मोहाली; साथ में कम से कम 16 स्कूल

  • धमकी का माध्यम: ईमेल; जांच एजेंसियां मेल की सोर्स-ट्रेसिंग/स्पूफिंग एंगल पर काम कर रही हैं।

  • ईमेल का दावा: “पोलोनियम” से संक्रमित करने का आरोप और पूर्व CM बेअंत सिंह जैसी घटना का संदर्भ।

  • तत्काल कार्रवाई: अस्पताल/स्कूलों में तलाशी, बम निरोधक/एंटी-साबोटाज टीमों की तैनाती, बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा।

  • स्थिति: तय समय सीमा गुजरने के बाद कोई विस्फोटक मिलने की पुष्टि नहीं, लेकिन जांच और सुरक्षा उपाय जारी।


धमकी वाले ईमेल में क्या लिखा होने का दावा है?

जांच से जुड़े अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के मुताबिक, धमकी में कहा गया कि मुख्यमंत्री को “पोलोनियम” से संक्रमित किया गया है और यदि वे बच गए तो उनका “अंजाम” पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह जैसा किया जाएगा। ईमेल में यह भी दावा किया गया कि अस्पताल से “मुख्यमंत्री की लाश” ही बाहर निकलेगी।

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि संदेश एक कथित संगठन के नाम से भेजा गया और इसे पहले आई धमकी मेल्स जैसी स्पूफिंग तकनीक से जोड़कर देखा जा रहा है—यानी मेल भेजने वाले की वास्तविक पहचान/लोकेशन छिपाने की कोशिश।

महत्वपूर्ण: ये बातें ईमेल के दावे हैं—इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव है।


पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई: अस्पताल घेरा, टीमें तैनात, साइबर जांच तेज

धमकी मिलते ही अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई, एंटी-साबोटाज टीमों ने तलाशी शुरू की और बम निरोधक दस्तों/डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तत्काल पांच एंटी-साबोटाज टीमें भी तैनात की गईं।

स्कूलों को लेकर भी एहतियात बरती गई—कई जगह बच्चों को वापस भेजा गया/छुट्टी घोषित की गई और कैंपस चेक किए गए। पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने और शांति बनाए रखने की अपील भी की।

सबसे अहम, बाद की अपडेट्स में कहा गया कि मेल में बताई गई समय सीमा गुजरने के बाद भी कोई विस्फोटक नहीं मिला—हालांकि, प्रशासन ने इसे “हो सकता है होक्स” मानकर छोड़ देने के बजाय सावधानी के साथ जांच जारी रखी।


मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत पर क्या जानकारी सामने आई?

मुख्यमंत्री भगवंत मान हाल के दिनों में स्वास्थ्य जांच/उपचार के लिए फोर्टिस, मोहाली में भर्ती रहे हैं। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई और उन्हें ऑब्जर्वेशन/सपोर्टिव केयर में रखा गया। कुछ रिपोर्टों में सांस फूलने/थकान जैसे लक्षणों का उल्लेख भी है।

यह घटनाक्रम इसलिए भी संवेदनशील हो गया क्योंकि धमकी उसी अस्पताल के नाम आई जहां मुख्यमंत्री उपचाराधीन हैं।


“पोलोनियम” क्या है—और “संक्रमित” करने वाला दावा क्यों गंभीर है?

धमकी वाले ईमेल में जिस Polonium-210 का उल्लेख है, वह एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है। सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार यह आमतौर पर बहुत कम मात्रा में प्राकृतिक रूप से पाया जा सकता है, लेकिन यह मुख्य रूप से तभी खतरनाक होता है जब यह शरीर के अंदर (सांस/खाने के जरिए) चला जाए या घाव के रास्ते प्रवेश करे। बाहरी त्वचा पर होने से वही स्तर का खतरा नहीं माना जाता।

यही वजह है कि जांच एजेंसियां “पोलोनियम” वाले दावे को एक भय पैदा करने वाली भाषा के रूप में भी देख रही हैं—और साथ ही, किसी भी संभावित जोखिम को नकारे बिना मेडिकल/सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ आगे बढ़ रही हैं।


“बेअंत सिंह जैसा” संदर्भ: धमकी में पुरानी घटना का हवाला क्यों?

ईमेल में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का संदर्भ देकर डराने की कोशिश का आरोप है। बेअंत सिंह की 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय परिसर के पास बम विस्फोट/आत्मघाती हमले में हत्या हुई थी, जिसमें अन्य लोग भी मारे गए थे।

धमकी देने वाला पक्ष अक्सर ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करके संदेश को “विश्वसनीय” और “खौफनाक” दिखाने की कोशिश करता है—यही वजह है कि एजेंसियां ईमेल की भाषा, पैटर्न और तकनीकी संकेतों (स्पूफिंग/ट्रेस) को भी साथ-साथ जांच रही हैं।


हाल के हफ्तों में स्कूलों को धमकी: “पैटर्न” वाला एंगल

मोहाली/आसपास के इलाकों में इससे पहले भी स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकियां मिलने की रिपोर्टें आई थीं, जिन्हें बाद में हॉक्स बताया गया। मौजूदा मामले में भी अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर “पैटर्न मिलना” बताया है—लेकिन फिर भी “नो चांस” नीति अपनाते हुए तलाशी और सुरक्षा जांच को प्राथमिकता दी गई।


नागरिकों के लिए क्या सावधानी?

  • केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें; अफवाह/फॉरवर्डेड मैसेज फैलाने से बचें।

  • स्कूल प्रशासन/स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करें (पिक-अप/ड्रॉप, छुट्टी, रूट आदि)।

  • आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन/पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें।



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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 17 फ़रवरी 2026 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 17 फ़रवरी 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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