गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में उस समय हड़कंप मच गया जब 600 ट्रेनी महिला सिपाही रोते और चिल्लाते हुए कैंपस से बाहर आईं और धरने पर बैठ गईं। इन महिला सिपाहियों ने आरोप लगाया कि उनके बाथरूम में कैमरे लगाए गए हैं और बिजली की व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।
बाथरूम में कैमरा लगे होने का आरोप
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि ट्रेनी महिला सिपाहियों ने बाथरूम और लॉबी में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात कही है। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि यह कैमरे सुरक्षा के लिहाज से कॉरिडोर में लगाए गए थे, लेकिन महिला सिपाहियों का कहना है कि उनकी निजता का हनन हुआ है। इस पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बिजली की समस्या से नाराजगी
इसके अलावा, महिला सिपाहियों ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल में लगातार बिजली नहीं रहती, जिससे गर्मी में रहना मुश्किल हो गया है। बिजली की किल्लत और जरूरी सुविधाओं की कमी से नाराज होकर उन्होंने विरोध किया।
पुलिस प्रशासन का बयान: जांच के आदेश, स्थिति सामान्य
गोरखपुर PAC ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारियों ने कहा है कि:
महिला सिपाहियों की शिकायतें गंभीर हैं।
बाथरूम में कोई कैमरा नहीं है, कैमरे केवल सुरक्षा के लिए लगाए गए थे।
एक जांच टीम गठित कर दी गई है जो सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
धरने पर बैठीं 600 महिला सिपाही: मांगें स्पष्ट और सख्त
मुख्य मांगें:
बाथरूम और लॉबी से सभी कैमरे हटाए जाएं।
बिजली और पानी की व्यवस्था तुरंत सुधारी जाए।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
हॉस्टल की हालत सुधारी जाए।
धरना स्थल से लाइव तस्वीरें और वीडियो वायरल
धरने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर छा गई हैं। कई मीडिया चैनलों ने इसे लाइव कवर किया, जिससे यह मामला प्रदेशभर में गूंजने लगा।
मामले की गंभीरता और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ: #JusticeForWomenConstables
महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया।
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