प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल मचाने वाला राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह का घरेलू विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में अब राजा भैया की बेटी राघवी सिंह ने भी अपनी मां का खुलकर समर्थन किया है और इस लड़ाई को सम्मान और न्याय की लड़ाई बताया है।
मेरी माँ पहली बार सार्वजनिक रूप से ट्विटर पर इसलिए बोल रही हैं क्योंकि उनके गवाहों को धमकाया जा रहा है, उन्हें मानसिक और शारीरिक यातना दी जा रही है। अगर वो आपके जैसे लोगों की सलाह मान लेंगी, तो उनकी जान पर बन आएगी। जब आप मेरी माँ की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी नहीं ले सकते, तो कृपया… https://t.co/AwXnzlpxPC
— Raghavi Kumari (@RaghaviBhadri) May 26, 2025
भानवी सिंह ने शुक्रवार को एक विस्तृत पोस्ट सोशल मीडिया (X) पर साझा करते हुए राजा भैया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें घरेलू हिंसा, मारपीट, गवाहों को धमकाने, और दबाव में झूठी गवाही दिलवाने जैसी यातनाओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट, जिनमें एम्स और 2015 की मेडिकल रिपोर्ट शामिल हैं, सार्वजनिक करते हुए CBI जांच की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से की है।
भानवी सिंह का दर्द
भानवी सिंह ने लिखा:
“मेरे फेफड़ों में स्थायी क्षति हुई है, मेरी टूटी हड्डियां आज भी बोल रही हैं। मैंने यह सब इसलिए साझा किया है ताकि अगर मुझे कुछ हो जाए, तो ये सबूत बने रहें।”
उन्होंने कहा कि उनके साथ जो उत्पीड़न हुआ है, वह अकेले की बात नहीं है बल्कि यह हर उस महिला के लिए एक आवाज़ है जो अन्याय के खिलाफ लड़ रही है।
बेटी राघवी सिंह का समर्थन
किसी ने मुझे शुरू में ही कहा था आप जिससे लड़ने जा रही हैं यह व्यक्ति कैसा है आपको पता है? मैंने कहा था मुझसे बेहतर कौन जानता है मेरे पति हैं। उनमें बहुत ताक़त है साक्ष्य को प्रभावित कर सकते हैं। गवाहों को तोड़ सकते हैं । पीड़ित को ही मुजरिम बनवा दें यह ताक़त भी उनमें है। यही सब… pic.twitter.com/tHSiHcTAoK
— Bhanvi Kumari Singh Bhadri (@BhanviKumari) May 25, 2025
इस पूरे मामले में राजा भैया की बेटी राघवी सिंह ने अपनी मां के समर्थन में पोस्ट करते हुए लिखा:
“यह लड़ाई किसी संपत्ति, पैसा या अहंकार की नहीं, बल्कि जीने के अधिकार, आत्मसम्मान और न्याय की है। मेरी मां ने 30 साल तक अपमान, घरेलू हिंसा और धोखे को सहा। आज जब उन्होंने अपनी आवाज़ उठाई है, तो हम सबको उनका साथ देना चाहिए।”
राघवी ने यह भी कहा कि:
“मेरी माँ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए, स्टाफ को धमकाया गया, और हमें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। क्या सरकार को अब भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए?”
CBI जांच की मांग
भानवी सिंह ने केंद्र सरकार से इस मामले में CBI जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि:
“सत्ता और बाहुबल के सहारे सच्चाई को कुचला नहीं जा सकता। न्याय देर से मिले लेकिन मिलेगा जरूर।”
उन्होंने ये भी कहा:
“अगर मुझे कुछ हो जाए तो मेरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी साक्ष्य माना जाए। सच्चाई को किसी भी सूरत में छिपाया नहीं जाना चाहिए।”
उठ रहे सवाल
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:
क्या गवाहों को सुरक्षा मिलेगी?
क्या भानवी सिंह को न्याय मिलेगा?
क्या सत्ता के प्रभावशाली लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच संभव है?