मौनी अमावस्या पर माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ विवाद, संतों से मारपीट का आरोप
प्रयागराज।
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर माघ मेला क्षेत्र में उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन द्वारा संगम स्नान के लिए आगे बढ़ने से रोक दिया गया। आरोप है कि प्रशासन ने शंकराचार्य जी से रथ छोड़कर पैदल जाने को कहा, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब शंकराचार्य जी संगम नोज की ओर स्नान के लिए जा रहे थे, तब उनके साथ चल रहे संतों को अधिकारियों द्वारा धक्का दिया गया और कथित रूप से उनके साथ मारपीट भी की गई। इस दौरान धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
आरोप है कि प्रशासन ने शंकराचार्य जी के रथ को जबरन संगम स्नान क्षेत्र से बाहर कर दिया, जिसे संत समाज ने अपमानजनक बताया। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लगभग तीन घंटे तक विवाद चलता रहा।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस दौरान दो बार शंकराचार्य जी के साथ चल रहे लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, शंकराचार्य जी बार-बार यह प्रश्न करते रहे कि उन्हें धक्का देने वाले लोग कौन थे और किस अधिकार से ऐसा व्यवहार किया गया।
गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कुछ दिन पूर्व एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर माघ मेला और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर बयान भी दिया था, जिसके बाद से प्रशासन और संत समाज के बीच तनाव की स्थिति बताई जा रही थी।
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