लखनऊः उत्तर प्रदेश के ललितपुर में नाबालिग के साथ गैंगरेप और फिर थानेदार द्वारा रेप मामले में सियासत गरमाने लगी है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ललितपुर पहुंचकर पीड़िता और पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की| वहीं कांग्रेस के प्रतिनिधि भी ललितपुर पहुंचे| उन्होंने पीड़त परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिया है| ललितपुर में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने कहा,''"समाजवादी पार्टी इस पीड़ित परिवार की हर तरह से मदद करेगी और हमेशा साथ खड़ी रहेगी।
थाने में एसओ द्वारा दुष्कर्म का शिकार हुई पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा,, आज हमने पीड़िता की मां से मुलाकात की है , वह इतना परेशान और डरी हुई हैं कि हमसे बात भी नहीं कर पा रही हैं। "एक बेटी के साथ ऐसी घटना घटी है पुलिस अगर इस घटना की सुनवाई शुरुआत में ही कर लेती तो यह घटना घटी न होती।"
ललितपुर में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,,रेप पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। शुरू में पुलिस ने मामले में सुनवाई नहीं की। मामले में पुलिस दोषी है...जिससे उम्मीद की जाती है, उनसे न्याय मिलेगा अगर वही पुलिस उस बेटी के साथ ऐसी घटना करे तो सोचिए हम किस दौर में हैं। अब भाजपा की सरकार बताएं पुलिस स्टेशन पर बुलडोज़र चलेगा की नहीं चलेगा|
उन्होंने कहा,,"जब बेटी थाने पहुंची अपनी गुहार लेकर पुलिस ने उससे ऐसी हरकत की, जिस पुलिस से उम्मीद की जाती है कि न्याय मिलेगा रक्षा करेगी।" -"अगर वही पुलिस उस बेटी के साथ ऐसी घटना कर दे तो किस दौर में हम लोग हैं?" "अब भाजपा की सरकार बताए कि पुलिस स्टेशन पर बुलडोजर चलेगा कि नहीं चलेगा?"
अखिलेश यादव ने कहा,,'भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने थानों को अराजकता का केंद्र बना दिया है।" "यह घटना कोई पहली घटना नहीं हुई है , अगर बेटी के साथ ऐसी घटना हुई है तो भारतीय जनता पार्टी जो प्रचार करती थी आखिरकार वो पिंक पुलिस कहां है? जिसे बेटी की मदद करने को आना चाहिए था।" "
उन्होंने कहा,,यह वही सरकार है जिसमें हाथरस की बेटी को भी न्याय नहीं मिला था।" आज उत्तर प्रदेश कस्टोडियल डेथ में सबसे आगे है। ललितपुर में भी थाने में पीट-पीटकर जान गई है|
अखिलेश यादव ने कहा,"पुलिस बता रही है कि टीम बनाई गई है जो गिरफ्तार करेगी उत्तर प्रदेश में कितनी टीमें बनीं और ग़ायब हो गई।"पुलिस को जानकारी है कि जिस दरोगा ने ऐसी घटना की है वह पुलिस के संपर्क में ही होगा और मेरे जाते ही उसको दिखा देंगे कि वह पकड़ा गया।"जिस पुलिस को न्याय देना चाहिए, जिसको रक्षा करनी चाहिए आज वह पुलिस क्या कर रही है? सोचिए। इसीलिए मैंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में थाने अराजकता के केंद्र बन गए हैं। -
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी योगी सरकार पर भी हमला बोला है| उन्होंने कहा कि,''उत्तर प्रदेश बेटियो के लिए इतना असुरक्षित और असंवेदनशील कभी नहीं था" |
शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट किया कि 'ललितपुर में एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और फिर शिकायत लेकर जाने पर थानेदार द्वारा बलात्कार की घटना पुलिस व्यवस्था की निष्ठुरता व नृशंसता की बानगी भर है।न जाने कितनी निरीह बेटियां ऐसी होंगी जिनके अपमान की करुण कथा नौकरशाही व पुलिस व्यवस्था की परिधि से बाहर ही न आ पाती होंगी।
शिवपाल ने कहा कि,निःसंदेह उत्तर प्रदेश बेटियो के लिए इतना असुरक्षित और असंवेदनशील कभी नहीं था! प्रदेश सरकार को थानों में महिलाओं की तैनाती बढ़ाने व थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास करना होगा? साथ ही हमारी यह भी मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना पर,'कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट में लिखा कि 'ललितपुर में एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और फिर शिकायत लेकर जाने पर थानेदार द्वारा बलात्कार की घटना दिखाती है कि "बुलडोजर" के शोर में कानून व्यवस्था के असल सुधारों को कैसे दबाया जा रहा है। अगर महिलाओं के लिए थाने ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वो शिकायत लेकर जाएंगी कहां?...
प्रियंका गांधी ने कहा,''क्या उप्र सरकार ने थानों में महिलाओं की तैनाती बढ़ाने, थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से सोचा है? कांग्रेस पार्टी ने अपने महिला घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे थे। आज ललितपुर है.....ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिला सुरक्षा और महिला हितैषी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर कदम उठाने ही होंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा,;;मैं पहले से कहती आई हूं और आज भी यही कह रही हूं। उन्नाव, हाथरस, प्रयागराज, चंदौली, ललितपुर... यूपी की बेटियों के साथ बर्बरता का सिलसिला थम नहीं रहा है। रेप पीड़िताएं अगर थाने में भी सुरक्षित नहीं हैं तो वे न्याय मांगने कहां जाएंगी? हर मामले में सरकार की लचर कार्रवाई दिखाती है कि वह न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है।