नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं| उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति 'काफी गंभीर' होती जा रही है| कोरोना से बिगड़ते हालातों के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,' उप्र सरकार से मेरा आह्वान है कि ये आक्रामक होने के बजाय संवेदनशील होने का वक्त है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''यूपी से बेड न मिलने, टेस्ट न होने व रिपोर्ट देर से आने, ऑक्सीजन की कमी जैसी दुखद खबरें सामने आ रही हैं। कृपया अपनी नीति व्यवस्थित और स्पष्ट करिए। स्थिति को क़ाबू में लाइए, इससे पहले कि देर हो जाए।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' उत्तर प्रदेश में कोरोना से स्थिति बहुत बिगड़ रही है। हर तरफ से खबरें आ रही हैं कि बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों की कमी है। प्रदेश सरकार का धर्म है कि वह समस्या बढ़ाने और आंकड़ों को छुपाने की बजाय समस्या को सुलझाने की कोशिश करे और सच्चाई सामने लाए|
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि,''22 करोड़ लोगों में सिर्फ 85 लाख लोगों को वैक्सीन लगी है। गरीब लोगों को वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों, जिनका व्यवसाय फिर से बंद होने जा रहा है, उनके लिए खास तौर से कोई पैकेज ढूंढ़ा जाए|
इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा कि,''यूपी में दस दिन में संक्रमण सात गुना से ज्यादा फैल गया है। अब ये गाँवों की ओर भी बढ़ रहा है। शहरों में टेस्ट की भयानक कमी है और उनमें से RTPCR आधे से भी कम हो रहा है बाकी Antigen। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, बनारस, इलाहाबाद में भी टेस्ट में वेटिंग है। अगर प्रदेश को बचाना है तो अधिकतम RTPCR करिए। तभी इलाज हो पाएगा।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''लखनऊ व उप्र के कई शहरों में टेस्टिंग पर्याप्त नहीं हो रही है। जो टेस्टिंग हो भी रही है उनका रिजल्ट आने में 3-7 दिन का समय लग रहा है। टेस्ट रिजल्ट न होने के चलते लोगों को अस्पतालों में प्रवेश नहीं मिल रहा है और इस स्थिति में कई लोग असहाय महसूस कर रहे हैं। कई लोग अपने परिजनों एवं प्रियजनों को खो चुके हैं। टेस्टिंग के दरवाजे खोलिए, संख्या बढ़ाइए, रिजल्ट जल्दी आने की व्यवस्था करिए और टेस्टिंग रिजल्ट न होने पर भी आपात भर्ती का प्रावधान करिए। हर एक जान कीमती है। हर एक जान बचाने की कोशिश जरूरी है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''आज जब भारत कोरोना कहर की चपेट में है, ये देखना कितना पीड़ादायक है कि पिछले 70 साल की सरकारों के प्रयासों पर पानी फेरते हुए आज भारत को वैक्सीन निर्यातक देश से वैक्सीन आयातक देश बना दिया गया है। कप्तान की सीट पर बैठे पीएम मोदीजी, जिन्होंने वैक्सीन के सर्टिफिकेट को तो खुद की तस्वीर से भर दिया है, इस आपात स्थिति में नौ दो ग्यारह हो गए हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''सोचिए जब रिटायर्ड जज को ये बात लिखनी पड़ रही है तो आम लोगों का क्या हाल होगा।एक रिटायर्ड जज लखनऊ के बारे में लिखते हैं कि उन्होंने पचासों बार प्रशासन को अपनी संक्रमित पत्नी के बारे में सूचना दी, न तो कोई दवा पहुंची और न ही कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज आती है कि मुख्यमंत्री कोरोना पर सख्त। ब्रेकिंग न्यूज खत्म हो जाती है। प्रचार हो जाता है। फिर असल में प्रशासन के लोग कई बार कॉल करने पर जवाब नहीं देते, या कभी कॉल सेंटर से बोला जाता है कि 'मर क्यों नहीं जाते'. गजब का तंत्र है। जान की कोई कीमत नहीं है।