लखनऊ: CM योगी आदित्यनाथ ने 'वर्ल्ड बैंक' द्वारा प्राकृतिक खेती के संबंध में आयोजित गोष्ठी को संबोधित किया । उन्होंने कहा,"आज प्रदेश के अंदर हज़ारों हेक्टेयर ज़मीन में प्राकृतिक खेती होना प्रारंभ हुई है। प्रधानमंत्री जी की मनसा है कि हमें विष मुक्त खेती देनी है।"
उन्होंने कहा,;भारत में ऋषि व कृषि एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। गो एवं गोवंश न केवल आस्था का, बल्कि अर्थव्यवस्था का भी आधार है। प्राकृतिक खेती आस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी कैसे सम्बल प्रदान कर सकती है उस पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आचार्य जी से सुनने को मिला है|
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा 'प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप विषमुक्त खेती हेतु कम लागत में प्राकृतिक खेती का अभिनव प्रयोग सफलतापूर्वक बढ़ रहा है। मैं मानता हूं कि हमारे कृषि वैज्ञानिक प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर इस व्यवस्था को अधिकाधिक क्षेत्रफल की ओर अग्रसर करेंगे|
देश में सर्वाधिक किसान एवं सर्वाधिक उर्वरा भूमि व जल संसाधन हमारे पास है। देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 11-12% भूमि उत्तर प्रदेश के हिस्से में आती है। इस भूमि पर देश का 20% खाद्यान्न का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा,"करीब ढाई वर्ष पूर्व कानपुर में प्राकृतिक खेती पर एक सेमिनार आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रगतिशील किसान सम्मिलित हुए थे। परिणामस्वरूप आज प्रदेश में हजारों हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती होनी प्रारम्भ हुई है|