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नोरा-संजय के गाने पर अश्लीलता को लेकर बवाल

By tvlnews March 16, 2026
नोरा-संजय के गाने पर अश्लीलता को लेकर बवाल

नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर बड़े विवाद का कारण बन गया है। यह ट्रैक कन्नड़ पैन-इंडिया फिल्म KD: The Devil का हिस्सा है और इसके लिरिकल वीडियो के सामने आते ही दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इसके बोल और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। कई यूज़र्स ने इसे “डबल मीनिंग” और “mainstream audience के लिए अनुपयुक्त” बताया, जबकि कुछ दर्शकों ने इसे केवल एक मसाला डांस नंबर कहकर बचाव भी किया। यानी विवाद का केंद्र फिलहाल किसी आधिकारिक प्रतिबंध से अधिक, दर्शकों की तीखी डिजिटल प्रतिक्रिया है।

गाने की चर्चा इसलिए भी तेज हुई क्योंकि यह सिर्फ एक regional release नहीं, बल्कि बहुभाषी प्रचार रणनीति का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार इसे कन्नड़, हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में जारी किया गया। फिल्म का निर्देशन Prem कर रहे हैं, संगीत Arjun Janya का है, हिंदी बोल Raqeeb Alam ने लिखे हैं और इसे Mangli ने आवाज़ दी है। फिल्म में ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संजय दत्त, शिल्पा शेट्टी, वी. रविचंद्रन, रमेश अरविंद और नोरा फतेही भी प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। मौजूदा रिपोर्टिंग के मुताबिक फिल्म की रिलीज़ 30 अप्रैल 2026 के लिए तय है।

विवाद का असली कारण गाने की वह शुरुआती lyrical phrasing बनी, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से sexual innuendo और अश्लील दोहरे अर्थ वाले लेखन के रूप में पढ़ा गया। कई मनोरंजन रिपोर्टों में यह दर्ज है कि आपत्ति सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रही; वीडियो की staging, bar-style setting, hook step और suggestive choreography पर भी सवाल उठे। कुछ दर्शकों ने यह भी कहा कि commercial dance numbers के नाम पर female body और desire को बेचने वाली पुरानी फिल्मी भाषा अब ज्यादा scrutiny में आ रही है। दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि भारतीय मुख्यधारा सिनेमा में item-song grammar नई नहीं है, इसलिए इस ट्रैक को असाधारण बनाकर देखना भी चयनात्मक आक्रोश हो सकता है।

बहस को और बढ़ावा तब मिला जब गायक Armaan Malik ने भी गाने के lyrics पर नाराज़गी जताई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने commercial songwriting के स्तर पर सवाल उठाते हुए इसे “new low” कहा। किसी लोकप्रिय playback singer की ऐसी सार्वजनिक प्रतिक्रिया ने विवाद को trolling से आगे बढ़ाकर industry standards की चर्चा में बदल दिया। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि गाना “vulgar” है या नहीं; बड़ा प्रश्न यह है कि क्या आज के डिजिटल दौर में massive reach वाले फिल्मी गीतों से language accountability की अपेक्षा बढ़ चुकी है। यही वजह है कि यह मामला taste, censorship, representation और audience boundaries की बहस से जुड़ गया है.

फिलहाल सबसे संतुलित निष्कर्ष यही है कि ‘सरके चुनर तेरी सरके’ ने मनोरंजन से ज्यादा सांस्कृतिक असहजता पर बहस छेड़ी है। गाना ट्रेंड कर रहा है, फिल्म को visibility मिल रही है, लेकिन उसी के साथ lyrics और visual style पर आपत्ति भी तेज है। अभी उपलब्ध विश्वसनीय कवरेज में विवाद मुख्यतः online backlash के रूप में दर्ज है, न कि किसी पुष्ट सेंसर-आदेश या कानूनी कार्रवाई के रूप में। इसलिए इस खबर को भावनात्मक आरोपों के बजाय एक बड़े सांस्कृतिक प्रश्न की तरह पढ़ना ज़्यादा उचित है: क्या 2026 का दर्शक अब सिर्फ catchy beat नहीं, बल्कि content की सामाजिक स्वीकार्यता भी उसी गंभीरता से देख रहा है?




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