मुख्य सामग्री पर जाएँ
11 सितंबर 2026

श्रीलंका ने अमेरिकी युद्धक विमानों को लैंडिंग की इजाजत नहीं दी, राष्ट्रपति बोले- हमारी जमीन किसी हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होगी

श्रीलंका ने मार्च 2026 की शुरुआत में दो अमेरिकी युद्धक विमानों को अपने Mattala Rajapaksa International Airport पर उतरने की अनुमति नहीं दी। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संसद में कहा कि यह फैसल…

श्रीलंका ने अमेरिकी युद्धक विमानों को लैंडिंग की इजाजत नहीं दी, राष्ट्रपति बोले- हमारी जमीन किसी हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होगी
श्रीलंका ने अमेरिकी युद्धक विमानों को लैंडिंग की इजाजत नहीं दी, राष्ट्रपति बोले- हमारी जमीन किसी हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होगी | फ़ोटो: TVL News

श्रीलंका ने मार्च 2026 की शुरुआत में दो अमेरिकी युद्धक विमानों को अपने Mattala Rajapaksa International Airport पर उतरने की अनुमति नहीं दी। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संसद में कहा कि यह फैसला देश की तटस्थता बनाए रखने और अपनी जमीन को किसी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बनने से रोकने के लिए लिया गया। इसी क्रम में श्रीलंका ने ईरान के जहाजों की goodwill visit request भी अस्वीकार की।

श्रीलंका ने क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका को एक स्पष्ट संदेश दिया है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 20 मार्च 2026 को संसद में बताया कि उनकी सरकार ने अमेरिका के दो युद्धक विमानों को देश के दक्षिणी Mattala Rajapaksa International Airport पर उतरने की अनुमति नहीं दी। यह अनुरोध 4 से 8 मार्च के बीच landing access के लिए किया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि श्रीलंका की तटस्थ विदेश नीति बनी रहे और उसकी जमीन किसी सैन्य अभियान का हिस्सा न बने।

राष्ट्रपति के बयान के मुताबिक अमेरिका ने यह अनुरोध 26 फरवरी 2026 को किया था। उन्होंने संसद को बताया कि ये दो विमान Djibouti स्थित बेस से आने वाले थे और उनमें anti-ship missiles भी लगे थे। सार्वजनिक रिपोर्टिंग में इन्हें “combat aircraft” और “warplanes” कहा गया है, इसलिए कई सुर्खियों में इस्तेमाल हो रहा “fighter jets” शब्द broadly सही दिशा दिखाता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर उपलब्ध विवरण इन्हें व्यापक रूप से युद्धक विमान के रूप में पेश करता है।

इस फैसले को केवल अमेरिका-विरोधी कदम के रूप में पढ़ना अधूरा होगा। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उसी दिन ईरान ने भी अपने तीन जहाजों की 9 से 13 मार्च के बीच goodwill visit के लिए अनुमति मांगी थी। श्रीलंका ने वह अनुरोध भी ठुकरा दिया। सरकार का तर्क यह रहा कि अगर एक पक्ष को अनुमति दी जाती, तो दूसरे पक्ष को मना करना मुश्किल हो जाता और इससे देश की neutrality पर सवाल उठते। यही वजह है कि कोलंबो ने दोनों अनुरोधों को अस्वीकार कर संतुलित संदेश देने की कोशिश की।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिसके बाद क्षेत्रीय युद्ध जैसी स्थिति बनी और ऊर्जा बाजारों में तेज उथल-पुथल देखी गई। श्रीलंका पहले ही 2022 की आर्थिक उथल-पुथल के बाद recovery phase में है, इसलिए उसके लिए किसी बड़े सैन्य ध्रुवीकरण का हिस्सा दिखना आर्थिक और कूटनीतिक, दोनों स्तरों पर जोखिम भरा हो सकता था। अमेरिका श्रीलंका का बड़ा export market है, जबकि ईरान उसकी चाय के प्रमुख खरीदारों में गिना जाता है; इस पृष्ठभूमि में neutrality का आग्रह और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।

श्रीलंका की यह नीति क्षेत्रीय भू-राजनीति में एक दिलचस्प संकेत भी देती है। इससे पहले स्पेन ने भी अमेरिकी हमलों के लिए अपने bases के उपयोग पर रोक लगाई थी, लेकिन श्रीलंका का मामला अलग है क्योंकि यहां बात सीधे island territory और civilian airport access की थी। Mattala एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों को न उतरने देना केवल symbolic निर्णय नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि छोटे देश भी बड़े सैन्य संघर्षों में अपने strategic space को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यही है कि श्रीलंका ने अपनी जमीन और हवाई अड्डे को ईरान-संबंधी किसी संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधि से दूर रखने का फैसला लिया है। राष्ट्रपति दिसानायके का संदेश घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति—दोनों के लिए साफ है: कोलंबो किसी पक्ष का सैन्य मंच नहीं बनना चाहता। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदार इस निर्णय को किस नजर से देखते हैं, लेकिन फिलहाल श्रीलंका ने अपनी neutrality को सार्वजनिक रूप से रेखांकित कर दिया है।




Powered by Froala Editor

tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

विदेश की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 20 मार्च 2026 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 5 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।