इस्लामाबाद: पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पत्र पर कार्यवाहक PM नियुक्त करने पर पाकिस्तान नेशनल असेंबली में LOP शहबाज शरीफ ने कहा,''मुझे अंतरिम PM के संबंध में राष्ट्रपति अल्वी का कोई पत्र नहीं मिला। एक बार पत्र आने के बाद, हम अपने नेताओं और भागीदारों के साथ चर्चा करेंगे| नवाज शरीफ के भाई और PMLN नेता शहबाज शरीफ ने कहा- प्रधानमंत्री विपक्ष को मुल्क का गद्दार बता रहे हैं। नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग में फौज और ISI के चीफ भी मौजूद थे। ये मुल्क के सामने सबूत देकर साफ करें कि विपक्ष ने कहां और किसके साथ गद्दारी की है।
शहबाज ने कहा- डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने बहस और वोटिंग के बिना ही फैसला सुना दिया। संविधान के तहत सूरी के पास अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला सुनाने का हक नहीं है।
उधर अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और नेशनल असेंबली भंग होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई बुधवार सुबह 11 बजे तक टल गई है। SC ने नेशनल असेंबली की कार्यवाही का रिकॉर्ड तलब किया। इमरान खान सरकार में अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने कहा- यह मेरा आखिरी केस है। मैं संविधान के हिसाब से ही चलूंगा।
इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वकील बाबर अवान ने कहा- हमारे अटॉर्नी जनरल ने 21 मार्च को इसी कोर्ट में भरोसा दिलाया था कि हम किसी को सदन में आने से नहीं रोकेंगे। हमने यही किया। अब ये स्पीकर का फैसला है कि वो वोटिंग कराते हैं या नहीं।
अवान के इस तर्क को चीफ जस्टिस ने बेहूदा बताया। कहा- आपकी दलीलें इस मामले से संबंधित ही नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा है कि मैं आपके सामने साफ कर दूं कि हम चुनाव के लिए तैयार हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा- जजों को आपकी सियासत से कोई मतलब नहीं है। हम यहां संविधान और नियमों के बारे में सुनवाई कर रहे हैं।
तीन महीने में नहीं हो सकते चुनाव
पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) ने 3 महीने के अंदर चुनाव करा पाने से इनकार कर दिया है। ECP के मुताबिक हाल ही में हुए परिसीमन के बाद देश में आम चुनाव कराने के लिए कम से कम 6 महीने का समय चाहिए। इससे पहले सोमवार को चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान (CJP) उमर अता बांदियाल ने कहा था कि अनुच्छेद 5 का इस्तेमाल करने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव खारिज नहीं किया जा सकता।
गुलजार अहमद को पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने सोमवार को पूर्व मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद को पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया है| गुलजार अहमद के बारे में पाकिस्तानी सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने घोषणा की है|
फवाद चौधरी ने कहा कि इमरान खान ने पीटीआई की कोर कमेटी की मंजूरी के बाद यह फैसला किया है| गुलजार अहमद का नाम सोमवार को राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी द्वारा प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को लिखे एक पत्र के बाद आया है| इस पत्र में राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 224-ए(1) के तहत दोनों नेताओं को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के नाम का प्रस्ताव देने को कहा था|
इमरान खान की तरफ से गुलजार अहमद का नाम आगे बढ़ाना एक चौंकाने वाला कदम है| क्योंकि 21 दिसंबर 2019 से लेकर 1 फरवरी 2022 तक गुलजार अहमद पाकिस्तान के चीफ जस्टिस के पद पर रहे| अपने कार्यकाल में गुलजार ने पाकिस्तान की पीटीआई सरकार को कई मुद्दों पर आड़े हाथ लिया| एक बार तो गुलजार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान को समन भेजने तक की चेतावनी दे दी थी|