धार हत्याकांड का खुलासा: पत्नी-प्रेमी पर सुपारी देकर मिर्ची कारोबारी की हत्या कराने का आरोप
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मध्य प्रदेश के धार जिले के गोंदीखेड़ा चारण गांव में मिर्ची कारोबारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या को पहले लूट से जुड़ा मामला माना गया, लेकिन पुलिस जांच में यह कथित तौर पर सुनियोजित साजिश निकली।
पुलिस के अनुसार, पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित सुपारी किलर सुरेंद्र भाटी अभी फरार है।
उपलब्ध रिपोर्टों में 1 लाख रुपये की सुपारी, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सऐप चैट को जांच के अहम सुराग बताया गया है।
परिजनों का आरोप है कि दंपती के बीच लंबे समय से तनाव था और पत्नी पति को अपमानित करती थी।
मध्य प्रदेश के धार जिले में मिर्ची कारोबारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या का मामला अब एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र के रूप में सामने आ रहा है। राजोद थाना क्षेत्र के गोंदीखेड़ा चारण गांव में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात हुई इस हत्या को शुरुआत में लूटपाट से जोड़कर देखा गया था, लेकिन पुलिस की शुरुआती पड़ताल के बाद कहानी तेजी से बदली। अब जांच एजेंसियों का कहना है कि यह वारदात कथित तौर पर पत्नी और उसके प्रेमी की साजिश का नतीजा थी।
मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि शुरुआती सूचना में घर में घुसकर लूट और हत्या की बात कही गई थी। लेकिन जब पुलिस ने मौके के हालात, बयान, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल संपर्कों की जांच की, तो संदेह सीधे परिवार के भीतर पहुंच गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, देवकृष्ण की पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीसरा आरोपी, जिस पर कथित तौर पर सुपारी लेकर हत्या करने का आरोप है, अभी फरार बताया जा रहा है।
जांच में जो विवरण सामने आए हैं, वे इस केस को साधारण वैवाहिक विवाद से कहीं बड़ा बनाते हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रियंका और कमलेश के बीच लंबे समय से संबंध थे और दोनों साथ रहना चाहते थे। इसी कथित उद्देश्य से देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। रिपोर्टों में कहा गया है कि हत्या के लिए 1 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। जब शुरुआती योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी, तब आरोपियों के बीच दबाव और समन्वय की बातें डिजिटल चैट और तकनीकी साक्ष्यों में सामने आईं।
पुलिस का दावा है कि वारदात को डकैती जैसा दिखाने की कोशिश भी की गई। घर में सामान बिखेरने और लूट की कहानी गढ़ने का उद्देश्य जांच को दूसरी दिशा में मोड़ना था। लेकिन अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के हालात और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में वह संगति नहीं मिली जो वास्तविक लूट की घटना में अपेक्षित होती है। इसी वजह से पूछताछ का फोकस बदला और कुछ घंटों के भीतर कथित साजिश की परतें खुलने लगीं।
परिवार की ओर से भी इस हत्या को केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि लंबे वैवाहिक तनाव का परिणाम बताया जा रहा है। परिजनों के आरोपों के अनुसार, मृतक और उसकी पत्नी के बीच संबंध लंबे समय से खराब थे और पत्नी अक्सर पति का अपमान करती थी। यह आरोप अभी पारिवारिक पक्ष का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने जांच की पृष्ठभूमि को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल इस केस में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस का कथित खुलासा अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है। पत्नी और प्रेमी की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच, फरार आरोपी की तलाश, डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक पुष्टि और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्य इस मामले की दिशा तय करेंगे। फिर भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना साफ है कि धार का यह हत्याकांड अब केवल “लूट के दौरान हत्या” नहीं, बल्कि घरेलू संबंधों, विश्वासघात और पेशेवर आपराधिक साजिश के संगम के रूप में देखा जा रहा है।
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