वायरल वीडियो से बंगाल में सियासी तूफान: हुमायूं कबीर पर BJP से ₹1000 करोड़ की कथित डील का आरोप, PMO और डिप्टी सीएम पद का भी जिक्र
ये लो,वो बंगाल वाले क्रांतिकारी और नए-नए ओवैसी बने हुमायूं कबीर का तो "बी टीम" बनने का सीक्रेट प्लान ही लीक हो गया.वायरल वीडियो में 1 हजार करोड़, 200 करोड़ रुपए एडवांस और डिप्टी सीएम बनने जैसी डील पर अहम चर्चा हो रही है..बड़े बड़े नेताओं से कमिटमेंट होने का भी जिक्र कर रहे हैं.. pic.twitter.com/PqcN8xEeU6
— Dinesh Dangi (@dineshdangi84) April 9, 2026
पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में गुरुवार को नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस ने एक कथित वीडियो सार्वजनिक कर आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर पर BJP के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ दल का दावा है कि वीडियो में कबीर ₹1000 करोड़ की कथित डील, PMO से संपर्क और सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर बात करते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
वीडियो को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि कबीर कथित रूप से मुस्लिम वोटों को TMC से दूर ले जाकर चुनावी समीकरण बदलने की बात कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में वह विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी सहित कुछ BJP नेताओं से संपर्क, PMO तक पहुंच और BJP की जीत की स्थिति में डिप्टी सीएम बनाए जाने के कथित आश्वासन का भी जिक्र करते दिखते हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि वीडियो में ₹1000 करोड़ की योजना के तहत ₹200 करोड़ अग्रिम मिलने की बात सुनाई देती है।
TMC ने इस पूरे प्रकरण को सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि संभावित चुनावी साजिश के तौर पर पेश किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर वीडियो सही है, तो यह धार्मिक भावनाओं और वोट ट्रांसफर की राजनीति का गंभीर मामला है। पार्टी ने मांग की है कि प्रवर्तन निदेशालय धन-श्रृंखला, कथित संपर्कों और वीडियो में आए दावों की जांच करे।
दूसरी ओर, हुमायूं कबीर ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया फर्जी कंटेंट है, जिसका मकसद उनकी छवि खराब करना और मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करना है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई और मानहानि का भी संकेत दिया है, जबकि BJP ने इन आरोपों को “सस्ता राजनीतिक नाटक” बताते हुए कहा कि पार्टी जनता के समर्थन पर भरोसा करती है, न कि ऐसे तरीकों पर।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बंगाल चुनावी मोड में है और हुमायूं कबीर, TMC से निलंबन के बाद अपनी अलग पार्टी के जरिए राजनीतिक जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल सबसे अहम तथ्य यही है कि वीडियो के दावे गंभीर हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र फोरेंसिक या आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए इस मामले को आरोप, प्रत्यारोप और जांच-योग्य दावों के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।
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