नई दिल्ली:दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन 26वें दिन जारी है। दूसरी ओर सरकार पर दबाब बनाने के लिए सोमवार से किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर 11 किसान 24 घंटे भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर मिंटू बाजवा सुबह 8 बजे से 24 घंटे के लिए भूख हडताल पर बैठे। उन्होंने बताया, अगले 24 घंटे के लिए हम भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हम सिर्फ पानी पी सकते हैं, सांस ले सकते हैं और बात कर सकते हैं। लेकिन कुछ खाएंगे नहीं।
इस बीच पांच दौर की बैठक विफल रहने के बाद, सरकार ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों से अगले दौर की बातचीत के लिए तारीख तय करने को कहा है| कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने एक पत्र लिखकर दोबारा बातचीत के लिए एक तारीख बताने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने बताया,'' किसानों को पत्र(बातचीत के लिए) गया है, सरकार लगातार प्रस्ताव भेजती रही है। मुझे उम्मीद है कि आज किसान इस पर सकारात्मक रुख लेंगे, दोबारा बातचीत शुरू होगी और समाधान निकलेगा|
उधर,''कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बार्डर पर चल रहे किसान धरने में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बुजुर्ग किसान ने जहर खा लिया। पंजाब के तरनतारन के रहने वाले 65 साल के किसान निरंजन सिंह ने सोमवार को धरनास्थल पर ही जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें सोनीपत के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में हिमाचल प्रदेश के भी करीब 100 किसान शामिल हुए हैं। इन किसानों के संगठन (टावर लाइन शोषित जागरुकता मंच हिमाचल प्रदेश) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश वर्मा का आरोप है कि एक निजी कंपनी ने( रिलायंस) हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से लेकर पंजाब के लुधियाना तक अनाधिकृत बिजली के टावर लगाए हैं। यह टावर बिना लोगों की अनुमति के गैरकानूनी तरीके से लगाए गए हैं। जिन किसानों की जमीन पर टावर लगे हैं, उनको इसका मुआवजा भी नहीं दिया गया है। इस मामले में अलग-अलग लोगों ने निजी कंपनी के खिलाफ करीब 15 एफआईआर दर्ज करवाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।