मुंबई: महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं ने राज्य में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर अंतिम निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आज शामिल नहीं होने का फैसला किया| दरअसल, लाउडस्पीकर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आज महाराष्ट्र सरकार ने बैठक बुलाई| ये बैठक सहयाद्री गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हो रही है| विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और MNS प्रमुख राज ठाकरे राज्य सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगे।
भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा,''''आज महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने जो बैठक बुलाई थी हमने उसका बहिष्कार करने का फैसला किया क्योंकि पिछले 3-4 दिनों में जिस प्रकार से पुलिस का उपयोग करते हुए विरोधी पार्टी के लोगों को जान से मारने का प्रयास किया गया उसके बाद संवाद के लिए जगह कहां बचती है?
फडणवीस ने कहा,''हमारा मानना है कि हिटलरशाही से संघर्ष होता है, संवाद नहीं। अगर इस प्रकार की प्रवृत्ति यहां पर चलेगी तो हम भी उसका मुकाबला करेंगे। हम गृह मंत्री की बैठक में जाकर क्या करेंगे क्योंकि उस बैठक में मुख्यमंत्री तो उपस्थित ही नहीं हैं|
गौर है कि, महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा और लाउडस्पीकर पर राजनीति तकरार बढ़ती जा रही है। बता दें कि, बडनेरा से निर्दलीय विधायक रवि राणा और उनकी पत्नी अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने शनिवार को मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। इसके मद्देनज़र, 23 अप्रैल, 2022 को मातोश्री के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई थी। इसके बाद अमरावती निर्दलीय सांसद नवनीत राणा के आवास के बाहर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
दिनभर चले हंगामे के बाद शनिवार देर शाम (23 अप्रैल, 2022 को) पुलिस ने राणा दंपति को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को, बांद्रा के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की हॉलिडे एंड संडे कोर्ट ने अमरावती से सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया|