मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को आखिरकार जमानत मिल गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने मंगलवार को कथित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा देशमुख को गिरफ्तार किए जाने के 11 महीने बाद जमानत दे दी। जमानत ₹1 लाख की जमानत राशि पर दी गई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अनिल देशमुख को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था | इस साल की शुरुआत में विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज करने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अनिल देशमुख को जमानत दे दी।
हालांकि देशमुख को ईडी मामले में जमानत दे दी गई है, लेकिन वह पिछले साल अप्रैल में उनके खिलाफ दर्ज सीबीआई मामले के सिलसिले में हिरासत में रहेंगे।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह राकांपा नेता की याचिका पर तेजी से सुनवाई और फैसला करे क्योंकि यह छह महीने से लंबित है।
देशमुख के वकील विक्रम चौधरी और अनिकेत निकम ने कहा कि वरिष्ठ राकांपा नेता की उम्र (72), स्वास्थ्य और इस तथ्य को देखते हुए कि उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
जमानत का विरोध करते हुए एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि देशमुख को ऐसी कोई बीमारी नहीं है जिसका इलाज जेल अस्पताल में नहीं किया जा सकता।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें दावा किया गया था कि राकांपा नेता ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और मुंबई में विभिन्न बार और रेस्तरां से करोड़ों का धन एकत्र किया।