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24 अगस्त 2026

मानसा SSP कार्यालय के बाहर मूसेवाला के माता-पिता का धरना, FIR और जांच की मांग

क्या हुआ: दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर ने मानसा SSP कार्यालय के बाहर/परिसर में धरना दिया।किस बात पर: परिवार का आरोप है कि बेटे के गानों/डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाल…

मानसा SSP कार्यालय के बाहर मूसेवाला के माता-पिता का धरना, FIR और जांच की मांग
मानसा SSP कार्यालय के बाहर मूसेवाला के माता-पिता का धरना, FIR और जांच की मांग | फ़ोटो: TVL News


  • क्या हुआ: दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर ने मानसा SSP कार्यालय के बाहर/परिसर में धरना दिया।

  • किस बात पर: परिवार का आरोप है कि बेटे के गानों/डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाईऑडिट और रॉयल्टी भुगतान को लेकर दी गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही।

  • मांग: नामजद व्यक्तियों पर FIR दर्ज हो और वित्तीय लेन-देन की जांच आगे बढ़े।

  • पुलिस का पक्ष: रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है; DIG स्तर पर बातचीत/मुलाकात हुई।


मानसा SSP दफ्तर पर धरना: मौके पर क्या हुआ

बुधवार (11 फरवरी 2026) को सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता मानसा स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे। वे अपने छोटे बेटे के साथ आए और SSP कार्यालय के बाहर/परिसर में बैठकर विरोध दर्ज कराया।

रिपोर्टों के अनुसार, वे करीब 45 मिनट तक फर्श पर बैठे रहे। इसके बाद उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलने के लिए भीतर बुलाया गया और बातचीत हुई। उसी दौरान क्षेत्रीय स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय में मौजूद थे और मीडिया ब्रीफिंग भी चल रही थी, जिससे मामला और चर्चा में आ गया।


परिवार के आरोप: रॉयल्टी, ऑडिट और “डिजिटल कमाई” पर कार्रवाई नहीं

धरने की मुख्य वजह परिवार की वह शिकायत है, जिसमें उनका दावा है कि सिद्धू मूसेवाला के काम से होने वाली आय/रॉयल्टी को लेकर उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही। परिवार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और म्यूज़िक रिलीज़ से जुड़े भुगतान/स्टेटमेंट्स, ऑडिट रिपोर्ट और रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज़ लंबे समय से साझा नहीं किए गए।

रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार ने बताया कि उन्होंने जून 2025 में वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व को लिखित शिकायत दी थी, जिसे जांच के लिए मानसा भेजा गया, लेकिन उनके अनुसार अभी तक ठोस प्रगति नहीं हुई। परिवार ने शिकायत में कुछ व्यक्तियों के नाम भी दिए हैं और आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत “फाइलों में अटकी” हुई है।

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि आरोप का दायरा दो अलग-अलग इकाइयों/व्यवस्थाओं से जुड़े वित्तीय विवाद तक जाता है और बड़ी रकम का उल्लेख भी आया है, हालांकि परिवार ने राशि को सार्वजनिक रूप से बताने से इनकार किया बताया गया। इसलिए रकम/आंकड़े फिलहाल रिपोर्ट-आधारित दावे हैं, जिनकी पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से होना बाकी है।


“अनरिलीज्ड ट्रैक्स” को लेकर आरोप: शिकायत का दूसरा एंगल

कुछ रिपोर्टों में परिवार की शिकायत का एक अलग पहलू सामने आया है। उसमें दावा किया गया कि बिना अनुमति/अधिकार के मूसेवाला की आवाज़/ट्रैक्स का इस्तेमाल कर लाभ उठाने की कोशिश की गई। इसी संदर्भ में परिवार ने नामजद व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जिन पर आरोप लगाए गए, उन्होंने पहले इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनका परिवार से कोई प्रत्यक्ष वित्तीय लेन-देन नहीं है।


रिपोर्टों में अंतर: तारीख, आरोप और दायरा अलग-अलग क्यों दिख रहा है?

इस मामले में अलग-अलग रिपोर्टों में शिकायत की तारीख और आरोपों का फोकस अलग दिखता है—कुछ में रॉयल्टी/ऑडिट और भुगतान का मुद्दा प्रमुख है, जबकि कुछ में “अनरिलीज्ड ट्रैक्स/आवाज़ के उपयोग” वाला आरोप अधिक उभरता है।

यही वजह है कि इस स्तर पर किसी एक संस्करण को “अंतिम सच” मानने के बजाय पुलिस रिकॉर्ड, शिकायत की कॉपी, और जांच की स्थिति पर आधिकारिक पुष्टि अहम हो जाती है।


प्रशासन/पुलिस का रुख: FIR और जांच को लेकर सवाल

परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर FIR या निर्णायक कदम नहीं उठाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, धरने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की और उनकी बात सुनी। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक एक विस्तृत, लिखित या सार्वजनिक बयान सामने आने की पुष्टि नहीं हो पाई है—यानी “पुलिस क्या कार्रवाई करेगी, किस धारा में और किस समय-सीमा में”—यह साफ नहीं है।


पृष्ठभूमि: परिवार का “न्याय” और “सुनवाई” का लंबा संघर्ष

सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या हुई थी। इसके बाद से परिवार कई बार जांच, सुरक्षा और न्याय की प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाता रहा है।

आज का धरना मुख्य रूप से आय/रॉयल्टी/डिजिटल कमाई से जुड़े विवाद पर केंद्रित बताया जा रहा है, लेकिन परिवार का भावनात्मक तर्क वही है—“बेटा खो दिया और अब अलग-अलग मोर्चों पर न्याय/सुनवाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”


आगे क्या: FIR, दस्तावेज़ और जांच की दिशा

ऐसे वित्तीय/अधिकार-विवादों में जांच आम तौर पर तीन बिंदुओं पर टिकती है:

  1. समझौते/मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट/अधिकार पत्र में क्या शर्तें हैं

  2. डिजिटल रेवेन्यू/रॉयल्टी स्टेटमेंट्स, भुगतान ट्रेल और ऑडिट रिकॉर्ड

  3. शिकायत पर FIR/इनक्वायरी के बाद बयान, दस्तावेज़ों का सत्यापन और जिम्मेदारी तय करना

परिवार का दावा है कि उन्होंने कानूनी सलाह और वित्तीय दस्तावेज़ों के आधार पर शिकायत दी है। अब बड़ा सवाल यही है कि पुलिस उस सामग्री पर औपचारिक कार्रवाई कब और किस रूप में करती है—FIR, पूछताछ, रिकॉर्ड मांगना, या किसी एजेंसी/टीम को जांच सौंपना।

सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने मानसा SSP कार्यालय के बाहर/परिसर में धरना देकर आरोप लगाया कि बेटे के गानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई, ऑडिट और रॉयल्टी भुगतान को लेकर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही। रिपोर्टों में शिकायत का फोकस अलग-अलग बताया गया है—कहीं रॉयल्टी/ऑडिट और भुगतान, कहीं “अनरिलीज्ड ट्रैक्स” और अधिकारों का विवाद। परिवार FIR दर्ज कराने और वित्तीय लेन-देन की जांच आगे बढ़ाने की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार बना हुआ है।



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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 11 फ़रवरी 2026 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 23 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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