चांदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के पार, जानिए तेजी की वजह
नई दिल्ली।
भारतीय कमोडिटी बाजार में सोमवार को इतिहास रच दिया गया। चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार ₹3 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर पार कर लिया। महज एक महीने के भीतर चांदी के दाम ₹2 लाख से बढ़कर ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों—दोनों को चौंका दिया है।
MCX पर रिकॉर्ड स्तर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा अनुबंध में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी ₹13,553 (करीब 4.7%) की तेजी के साथ ₹3,01,315 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। घरेलू वायदा बाजार में यह पहला मौका है जब चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के पार गई है।
वहीं, हाजिर सर्राफा बाजार में भी चांदी करीब ₹12,000 की बढ़त के साथ ₹2.94 लाख प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी।
कीमतों में ‘रॉकेट’ जैसी रफ्तार
चांदी के दामों की यह छलांग अभूतपूर्व रही है—
₹50 हजार से ₹1 लाख: पहुंचने में लगभग 14 साल
₹1 लाख से ₹2 लाख: केवल 9 महीने
₹2 लाख से ₹3 लाख: महज 1 महीना
क्यों लगी चांदी में ‘आग’?
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, तेजी के पीछे कई ठोस कारण हैं—
औद्योगिक मांग में उछाल: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग।
सप्लाई का संकट: वैश्विक स्तर पर उत्पादन मांग के मुकाबले कम; करीब 70% चांदी तांबा-जस्ता जैसी धातुओं के बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है।
डॉलर की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने से कीमती धातुओं को समर्थन।
निवेश मांग: सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में चांदी की बढ़ती लोकप्रियता।
आगे क्या ₹4 लाख तक जाएंगे दाम?
बाजार के जानकारों का मानना है कि तेजी अभी पूरी तरह थमी नहीं है—
Motilal Oswal Financial Services के अनुसार 2026 तक भाव ₹3.20 लाख तक जा सकते हैं।
Samco Securities का आकलन है कि तकनीकी आधार पर कीमतें ₹3.90–3.95 लाख तक पहुंच सकती हैं।
कुछ वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $200 प्रति औंस तक जा सकती है, जिससे भारत में दाम ₹4 लाख के पार निकल सकते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में निवेश के लिए सिल्वर ETF और सिल्वर फ्यूचर्स अपेक्षाकृत सुरक्षित और पारदर्शी विकल्प हैं। जो निवेशक भौतिक चांदी (सिक्के या बार) खरीदना चाहते हैं, उन्हें केवल BIS हॉलमार्क्ड चांदी ही लेनी चाहिए। बाजार जानकारों के मुताबिक, कीमतों में आने वाली हर गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए अवसर बन सकती है।
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