Basti: गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से नवजात की मौत, अवैध सेंटरों पर गंभीर सवाल
कुदरहा: कलवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएचसी कुदरहा (बनहरा) से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के चलते एक नवजात शिशु की जान चली गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भद्दीपुरा निवासी प्रियंका यादव ने गर्भावस्था के दौरान प्रिंस अल्ट्रासाउंड सेंटर, कुसौरा से अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु की स्थिति सामान्य और सब कुछ ठीक बताया गया था। रिपोर्ट सामान्य आने के कारण चिकित्सकों द्वारा महिला की डिलीवरी कराई गई। लेकिन डिलीवरी के बाद स्थिति अचानक गंभीर हो गई। नवजात शिशु के गले में नाल फंसी हुई पाई गई, जिसके चलते चिकित्सक तमाम प्रयासों के बावजूद शिशु को बचाने में असफल रहे। पहले बच्चे की आस लगाए बैठी प्रियंका यादव इस हादसे के बाद रो-रोकर बदहवास हो गई। घटना की सूचना परिजनों द्वारा तत्काल डायल 112 पर दी गई। मामले ने एक बार फिर जिले में संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में परचून की दुकानों की तरह अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर खुल चुके हैं, जो सफेदपोशों और संबंधित विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। महिला अस्पताल के सामने की गलियों तक में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर खुलेआम संचालित होते देखे जा सकते हैं। बताया जाता है कि पूर्व में तत्कालीन एसडीएम गुलाबचंद द्वारा छापेमारी की गई थी, लेकिन उस दौरान संचालक फरार हो गए थे। आरोप है कि कई सेंटर बिना किसी पंजीकृत डॉक्टर के ही संचालित किए जा रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। निरीक्षण के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल ऐसे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कितनी और महिलाएं इन अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की लापरवाही का शिकार होंगी। विभाग द्वारा जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है और कुछ दिनों बाद फिर से सब्जी मंडी की तरह अवैध अल्ट्रासाउंड की दुकानें सज जाती हैं। वहीं इस मामले में प्रिंस अल्ट्रासाउंड सेंटर की ओर से सफाई दी गई है कि उनकी रिपोर्ट सही थी और घटना के लिए डिलीवरी करने वाले चिकित्सकों की लापरवाही जिम्मेदार है। सेंटर का कहना है कि सही तरीके से डिलीवरी न होने के कारण यह हादसा हुआ।
फिलहाल मामला जांच की मांग को लेकर चर्चा में है और लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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